कानपुर में बर्फीली हवाओं ने बढ़ाई गलन: 9 डिग्री तक गिरा पारा, अलाव बने सहारा
Kanpur/Truth India Times Digital Desk
औद्योगिक नगरी कानपुर में ठंड का सितम अब जानलेवा होने लगा है। पहाड़ों से आ रही सर्द हवाओं ने मैदानी इलाकों में ठिठुरन बढ़ा दी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। बुधवार की सुबह कानपुरवासी घने कोहरे और कड़ाके की ठंड के बीच जागे। आलम यह है कि सूरज निकलने के बावजूद हवा में मौजूद गलन ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया है।
तापमान में भारी गिरावट, 9 डिग्री पहुंचा न्यूनतम पारा
मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, कानपुर में बुधवार को न्यूनतम तापमान लुढ़क कर 9.0 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। वहीं, अधिकतम तापमान भी 21.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन और रात के तापमान में आ रही इस कमी के कारण गलन का असर बढ़ गया है। ठंडी हवाओं की वजह से कनकनी इतनी तेज है कि धूप भी बेअसर साबित हो रही है। सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और लोग ऊनी कपड़ों में लिपटे नजर आए।
कोहरे और धुंध का डबल अटैक
बुधवार तड़के कानपुर के शहरी और ग्रामीण इलाकों में हल्का कोहरा छाया रहा। विजिबिलिटी (दृश्यता) कम होने की वजह से हाईवे पर वाहनों की रफ्तार धीमी पड़ गई। सुबह 8 बजे तक कोहरा इतना प्रभावी था कि लाइटें जलाकर गाड़ियां चलानी पड़ीं। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि आने वाले दिनों में कोहरे की चादर और घनी हो सकती है, जिससे रेल और सड़क यातायात पर व्यापक असर पड़ने की संभावना है।
अलाव ही एकमात्र सहारा
ठंड से बचने के लिए शहर के विभिन्न चौराहों और मुख्य सड़कों के किनारे लोग अलाव जलाकर बैठे नजर आए। बस स्टेशनों, रेलवे स्टेशन और रैन बसेरों के बाहर रिक्शा चालकों और राहगीरों के लिए अलाव ही एकमात्र सहारा बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम ढलते ही सर्द हवाएं इतनी तेज हो जाती हैं कि बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है। नगर निगम द्वारा प्रमुख स्थानों पर लकड़ी की व्यवस्था करने की मांग भी उठने लगी है।
स्वास्थ्य के प्रति रहें सचेत
अचानक बढ़ी इस ठंड और गलन को देखते हुए डॉक्टरों ने बुजुर्गों और बच्चों के प्रति विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। चिकित्सा विशेषज्ञों के अनुसार:
- सुबह और शाम की सैर से बचें जब तक धूप न निकल आए।
- हृदय रोगियों और अस्थमा के मरीजों को ठंडी हवा से बचने की जरूरत है।
- गुनगुने पानी का सेवन करें और शरीर को पूरी तरह ढक कर रखें।
क्या कहता है मौसम विभाग?
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में हो रही बर्फबारी का सीधा असर कानपुर के मौसम पर पड़ रहा है। आने वाले 48 से 72 घंटों में तापमान में और 1 से 2 डिग्री की गिरावट दर्ज की जा सकती है। फिलहाल बारिश की कोई संभावना नहीं है, लेकिन शीतलहर जैसी स्थिति बनी रहेगी।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.