बांदा में सियासी घमासान
Banda/Truth India Times Digital Desk
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय इंदिरा गांधी की प्रतिमा को हटाए जाने के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। इस कदम से आक्रोशित कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में जोरदार प्रदर्शन किया और जिला प्रशासन व नगर पालिका के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस का आरोप है कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री की प्रतिमा को बेहद अपमानजनक तरीके से हटाया गया और उसे सुरक्षित रखने के बजाय लावारिस हालत में छोड़ दिया गया है। पार्टी ने प्रशासन को एक सप्ताह का अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि यदि निर्धारित समय में नई प्रतिमा ससम्मान स्थापित नहीं की गई, तो बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
तीन महीने से अटका काम, उपेक्षा का आरोप
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं के अनुसार, शहर के एक प्रमुख चौराहे से इंदिरा गांधी की प्रतिमा को विकास कार्य या सौंदर्यीकरण के नाम पर हटाया गया था। लेकिन विडंबना यह है कि पिछले तीन महीनों से वहां कोई काम नहीं हुआ है। कांग्रेस नेता दीक्षित ने बताया कि प्रतिमा को हटाने के बाद से न तो नगर पालिका प्रशासन और न ही जिला प्रशासन ने इसकी सुध ली है।
कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने कई बार अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे और मौखिक रूप से भी शिकायत की, लेकिन शासन-प्रशासन के कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही है। कांग्रेस का आरोप है कि यह केवल लापरवाही नहीं, बल्कि देश के महापुरुषों और पूर्व प्रधानमंत्री के प्रति वर्तमान सत्ता और प्रशासन का द्वेषपूर्ण रवैया है।
“सम्मानजनक तरीके से क्यों नहीं रखी गई मूर्ति?”
प्रदर्शनकारियों का मुख्य विरोध इस बात पर है कि प्रतिमा को उतारते और रखते समय उचित प्रोटोकॉल और सम्मान का पालन नहीं किया गया। कांग्रेसियों ने मांग की है कि जिस स्थान से मूर्ति हटाई गई है, वहां तुरंत निर्माण कार्य पूरा कर नई और भव्य प्रतिमा स्थापित की जाए। उनका कहना है कि बांदा की जनता और कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी नेता का अपमान कतई बर्दाश्त नहीं करेंगे।
अल्टीमेटम: एक सप्ताह में स्थापना वरना उग्र आंदोलन
कांग्रेस जिलाध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि प्रशासन की चुप्पी उनके धैर्य की परीक्षा ले रही है। दीक्षित ने दो टूक शब्दों में कहा, “हमने अधिकारियों को पर्याप्त समय दिया है। यदि एक सप्ताह के भीतर इंदिरा गांधी की प्रतिमा को दोबारा स्थापित नहीं किया गया, तो कांग्रेसी सड़कों पर उतरकर जेल भरो आंदोलन करेंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।”
प्रशासनिक चुप्पी पर उठते सवाल
इस पूरे विवाद पर नगर पालिका और जिला प्रशासन के अधिकारियों ने अभी तक कोई स्पष्ट बयान जारी नहीं किया है। निर्माण कार्य क्यों रुका हुआ है और प्रतिमा वर्तमान में किस स्थिति में और कहाँ रखी गई है, इसे लेकर स्थिति स्पष्ट न होने के कारण अफवाहों का बाजार भी गर्म है। विपक्ष इसे सोची-समझी राजनीति करार दे रहा है।
Truth India Times की रिपोर्ट: विवाद के मुख्य बिंदु
| मुख्य बिंदु | विवरण |
| विवाद का कारण | पूर्व PM इंदिरा गांधी की प्रतिमा का हटाया जाना। |
| समय सीमा | पिछले 3 महीनों से कार्य बंद और प्रतिमा लापता जैसी स्थिति। |
| कांग्रेस की मांग | 7 दिनों के भीतर नई प्रतिमा की ससम्मान स्थापना। |
| प्रशासन का पक्ष | फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं। |
| अगली रणनीति | मांग पूरी न होने पर जिले भर में बड़ा आंदोलन। |
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