बीमारी के डर ने छीन ली जिंदगी
Banda/Truth India Times Digital Desk
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां एक महिला ने अपनी लंबी बीमारी और उसके कारण उपजे मानसिक तनाव के चलते मौत को गले लगा लिया। शहर के जरैली कोठी पुलिस लाइन तिराहा क्षेत्र में रहने वाली 35 वर्षीय महिला ने संदिग्ध स्किन ट्यूमर या कैंसर होने के डर से घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद से परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
बीमारी का वहम बना काल
मृतका की पहचान आरती (35), पत्नी अमित तिवारी के रूप में हुई है। परिजनों के मुताबिक, आरती पिछले करीब चार महीनों से लगातार स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रही थीं। उन्हें बार-बार चक्कर आने की समस्या थी, जिससे वह काफी कमजोर और परेशान रहने लगी थीं।
हाल ही में उनके शरीर पर कुछ गांठें या स्किन संबंधी समस्या दिखाई दी थी, जिसके बाद उन्हें डर सताने लगा था कि कहीं उन्हें स्किन ट्यूमर या कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी तो नहीं हो गई है। इसी अनजाने डर और बीमारी की गलन ने उन्हें इस आत्मघाती कदम की ओर धकेल दिया।
बच्चों के सामने उजड़ गया घर
घटना शनिवार देर शाम की है। आरती ने अपने कमरे के अंदर पंखे के हुक से दुपट्टे का फंदा बनाया और उस पर झूल गईं। उस वक्त घर में आरती के दो बच्चे, पुत्र वंश और पुत्री एनी मौजूद थे। जैसे ही बच्चों ने मां को इस हाल में देखा, उनकी चीख निकल गई। बच्चों ने तुरंत शोर मचाया और आसपास के परिजनों को घटना की जानकारी दी।
परिजनों ने आनन-फानन में फंदा काटकर आरती को नीचे उतारा। उन्हें लगा कि शायद आरती की सांसें अभी चल रही हैं, इसी उम्मीद में वे उन्हें तुरंत जिला अस्पताल लेकर भागे।
अस्पताल में डॉक्टरों ने तोड़ी आस
जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉक्टरों ने आरती का गहन परीक्षण किया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उन्हें ‘ब्रॉट डेड’ (मृत अवस्था में लाया गया) घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मनोवैज्ञानिकों की राय: ‘बीमारी का डर’ है खतरनाक
इस दुखद घटना ने एक बार फिर स्वास्थ्य संबंधी ‘एंग्जायटी’ (चिंता) और मानसिक स्वास्थ्य के मुद्दे को सामने ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर गंभीर बीमारी के डर से लोग गहरे अवसाद (Depression) में चले जाते हैं। ऐसे समय में परिवार का साथ और पेशेवर काउंसलिंग बहुत जरूरी होती है। आरती के मामले में भी बीमारी से ज्यादा उस बीमारी के होने के ‘डर’ ने उनकी जान ले ली।
पुलिस की जांच जारी
पुलिस लाइन तिराहा जैसे व्यस्त क्षेत्र में हुई इस आत्महत्या की घटना से स्थानीय लोग भी स्तब्ध हैं। पुलिस का कहना है कि प्राथमिक जांच में मामला बीमारी से परेशान होकर आत्महत्या का लग रहा है। हालांकि, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। पुलिस मृतका के पति और अन्य परिजनों के बयान दर्ज कर रही है।
घटना का संक्षिप्त विवरण:
- मृतका: आरती तिवारी (35 वर्ष)
- स्थान: जरैली कोठी, पुलिस लाइन तिराहा, बांदा।
- कारण: 4 महीने से बीमारी (चक्कर आना) और कैंसर/ट्यूमर का डर।
- पीछे छूटे: पति और दो मासूम बच्चे (वंश व एनी)।
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