युवक ने फांसी लगाकर दी जान; परिजनों का आरोप- 'पूरे परिवार को खत्म करने की धमकी से सहम गए थे राम शंकर'
Unnao/Truth India Times Digital Desk
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। सदर कोतवाली क्षेत्र के गलगलाहा गांव में महज रास्ते में शौच करने को लेकर हुए विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि एक 40 वर्षीय व्यक्ति ने मौत को गले लगा लिया। आरोप है कि दबंगों द्वारा पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी मिलने के बाद पीड़ित मानसिक रूप से इतना टूट गया कि उसने घर के भीतर फांसी लगाकर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। बुधवार सुबह हुई इस घटना से पूरे गांव में मातम और आक्रोश का माहौल है।
क्या है पूरी घटना?
जानकारी के अनुसार, गलगलाहा गांव निवासी राम शंकर (40 वर्ष) बुधवार सुबह घर से बाहर शौच के लिए निकले थे। इसी दौरान रास्ते में गांव के ही अरुण, उसकी पुत्री और बेटे से राम शंकर की कहासुनी हो गई। विवाद की जड़ रास्ते में शौच करने को लेकर शुरू हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों और परिजनों के मुताबिक, बात सिर्फ कहासुनी तक सीमित नहीं रही, बल्कि दूसरे पक्ष ने उग्र होकर राम शंकर को सरेराह अपमानित किया।
परिवार को दी गई थी जान से मारने की धमकी
मृतक राम शंकर के परिजनों ने पुलिस को दी गई जानकारी में गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि विवाद के दौरान अरुण और उसके परिवार के सदस्यों ने राम शंकर को न केवल पीटने की कोशिश की, बल्कि उन्हें और उनके चारों बेटों सहित पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी दी।
कहा जा रहा है कि दबंगों द्वारा दी गई इस खुली धमकी से राम शंकर बुरी तरह डर गए थे। वे चुपचाप घर लौटे और मानसिक दबाव के चलते अपने कमरे में जाकर फांसी के फंदे से झूल गए। जब काफी देर तक कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो परिजनों ने खिड़की से झांका, जहां राम शंकर का शव फंदे पर लटक रहा था।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतक राम शंकर पहले ईंट-भट्ठे पर मजदूरी करके अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे, लेकिन पिछले कुछ समय से वे घर पर ही रह रहे थे। उनके परिवार में पत्नी विमला देवी और चार जवान बेटे—कौशल (30), विशाल (28), शिवम (25) और शिवाजीत (20) हैं। पिता की अचानक मौत की खबर सुनते ही बेटों और पत्नी की चीख-पुकार से पूरा गांव दहल उठा। विमला देवी का रो-रोकर बुरा हाल है, वह बार-बार आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही हैं।
पुलिस की कार्रवाई और पोस्टमार्टम
घटना की सूचना मिलते ही सदर कोतवाली पुलिस और मगरवारा चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आक्रोशित ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत कराया और शव को फंदे से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरा। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है।
कोतवाली प्रभारी का कहना है कि:
- प्रथम दृष्टया यह आत्महत्या का मामला लग रहा है, लेकिन इसके पीछे की वजहों की गंभीरता से जांच की जा रही है।
- परिजनों ने जिन लोगों पर धमकी देने का आरोप लगाया है, उनसे पूछताछ की जाएगी।
- पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों और समय का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गांव में तनावपूर्ण शांति
इस घटना के बाद गलगलाहा गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि राम शंकर एक सीधे-साधे इंसान थे और मजदूरी कर अपना गुजारा कर रहे थे। मामूली विवाद में जान से मारने की धमकी देना और एक हंसते-खेलते परिवार के मुखिया को आत्महत्या के लिए मजबूर कर देना इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। पुलिस ने सुरक्षा के मद्देनजर गांव में गश्त बढ़ा दी है।
निष्कर्ष और अपील
मामूली विवादों का इस तरह हिंसक और दुखद मोड़ लेना समाज के लिए एक चिंता का विषय है। पुलिस प्रशासन को चाहिए कि धमकी देने वाले आरोपियों के खिलाफ निष्पक्ष जांच कर कड़ी कार्रवाई करे ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
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