अतर्रा पीजी कॉलेज में परीक्षाओं का आगाज: कड़े पहरे में छात्रों ने दी परीक्षा, गेट पर हुई सघन तलाशी; प्राचार्य ने कहा- 'नकल विहीन परीक्षा हमारी प्राथमिकता'
Banda/Truth India Times Digital Desk
अतर्रा (बांदा)। बुंदेलखंड के प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में शुमार अतर्रा पोस्ट ग्रेजुएट कॉलेज में स्नातक और स्नातकोत्तर स्तर की परीक्षाएं बुधवार से विधिवत रूप से शुरू हो गई हैं। परीक्षा के पहले दिन कॉलेज परिसर में जबरदस्त गहमागहमी रही, लेकिन कॉलेज प्रबंधन की सख्त चौकसी के चलते पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न हुई। परीक्षा की शुचिता और पारदर्शिता को बनाए रखने के लिए प्रबंधन ने सुरक्षा के ऐसे पुख्ता इंतजाम किए थे कि किसी भी परीक्षार्थी को बिना सघन जांच के भीतर प्रवेश नहीं मिल सका।
प्रवेश द्वार पर त्रिस्तरीय सुरक्षा और जांच
परीक्षा शुरू होने से काफी समय पहले ही छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में जुटने लगे थे। अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए कॉलेज प्रशासन ने प्रवेश द्वार पर ही सघन चेकिंग अभियान चलाया। तैनात कर्मचारियों और प्रवर्तन दल ने प्रत्येक छात्र के प्रवेश पत्र (Admit Card) और परिचय पत्र (ID Card) की बारीकी से जांच की।
अतर्रा पीजी कॉलेज प्रशासन ने साफ कर दिया था कि बिना वैध दस्तावेजों के किसी भी छात्र को परीक्षा कक्ष तक जाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच, डिजिटल गैजेट्स और किसी भी प्रकार की पाठ्य सामग्री को गेट पर ही जमा करा लिया गया। छात्राओं की जांच के लिए महिला स्टाफ की विशेष ड्यूटी लगाई गई थी ताकि मर्यादा बनी रहे।
नकल पर लगाम के लिए विशेष सतर्कता
कॉलेज प्रशासन ने इस बार नकल विहीन परीक्षा (Zero Tolerance Policy) की दिशा में कड़े कदम उठाए हैं। परीक्षा कक्षों में बैठने की व्यवस्था को इस तरह से निर्धारित किया गया है कि किसी भी प्रकार की अनुचित गतिविधि की संभावना न रहे। परीक्षा कक्षों के भीतर भी आंतरिक सचल दल (Flying Squad) लगातार गश्त करता रहा। कॉलेज परिसर में सीसीटीवी कैमरों के जरिए भी हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है।
निर्धारित समय पर शुरू हुई परीक्षा
सुबह की पाली में जैसे ही घंटी बजी, परीक्षार्थियों को उनके निर्धारित रोल नंबर के अनुसार कक्षाओं में प्रवेश दिया गया। कॉलेज प्रशासन ने पहले ही नोटिस बोर्ड पर सिटिंग प्लान चस्पा कर दिया था, जिससे छात्रों को अपने कक्ष खोजने में अधिक परेशानी नहीं हुई। कर्मचारियों की मुस्तैदी के कारण प्रवेश प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई और ठीक निर्धारित समय पर प्रश्न पत्र वितरित किए गए।
प्राचार्य डॉ. गणेश शुक्ला का बयान
परीक्षा व्यवस्था का जायजा लेने के बाद कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश शुक्ला ने मीडिया से बातचीत में कहा कि परीक्षाओं की निष्पक्षता और शुचिता बनाए रखना कॉलेज की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया, “हमारा उद्देश्य है कि छात्र बिना किसी दबाव के, पूरी ईमानदारी के साथ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें। इसके लिए विश्वविद्यालय के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जा रहा है। नकल रोकने के लिए हमने त्रिस्तरीय चेकिंग की व्यवस्था की है और प्रवर्तन दल को विशेष निर्देश दिए गए हैं।”
छात्रों में दिखा उत्साह और थोड़ी घबराहट
परीक्षा के पहले दिन छात्रों के चेहरे पर मिश्रित भाव थे। जहां एक ओर अपनी तैयारियों को लेकर उत्साह था, वहीं दूसरी ओर कड़ी सुरक्षा जांच को लेकर थोड़ी घबराहट भी देखी गई। कई छात्रों ने कॉलेज की इस व्यवस्था की सराहना की और कहा कि सख्त जांच से उन छात्रों को फायदा मिलता है जो साल भर मेहनत से पढ़ाई करते हैं, क्योंकि इससे नकल करने वालों पर लगाम लगती है।
आगामी परीक्षाओं के लिए निर्देश
कॉलेज प्रबंधन ने आने वाले दिनों में होने वाली परीक्षाओं के लिए भी निर्देश जारी किए हैं:
- सभी छात्र परीक्षा शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले कॉलेज पहुंचें।
- अपने साथ अनिवार्य रूप से प्रवेश पत्र और आधार कार्ड या कॉलेज आईडी लेकर आएं।
- किसी भी प्रकार का इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाना वर्जित है।
अतर्रा पीजी कॉलेज में परीक्षाओं का यह दौर आने वाले दो सप्ताह तक जारी रहेगा। प्रशासन ने विश्वास जताया है कि पूरी परीक्षा अवधि इसी अनुशासन के साथ संपन्न होगी।
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