BHEL के सीनियर इंजीनियर की पत्नी से 46 लाख की 'डिजिटल डकैती'
कानपुर: कानपुर में साइबर ठगों का दुस्साहस और जाल इतना फैल चुका है कि अब पढ़े-लिखे और प्रतिष्ठित परिवारों के लोग भी इसका शिकार हो रहे हैं। ताजा मामला गुजैनी थाना क्षेत्र का है, जहां भारत हैवी इलेक्ट्रिकल्स लिमिटेड (BHEL) में तैनात एक सीनियर इंजीनियर की पत्नी को साइबर अपराधियों ने अपना निशाना बनाया। शेयर बाजार और आईपीओ (IPO) में निवेश कर कम समय में मोटा मुनाफा कमाने का लालच देकर ठगों ने महिला से करीब 46 लाख रुपये ठग लिए।
यह खेल एक या दो दिन नहीं, बल्कि पूरे तीन महीने तक चलता रहा। जब महिला ने अपना मुनाफा और मूल रकम वापस मांगी, तो ठगों ने संपर्क तोड़ दिया, जिसके बाद पीड़िता को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास हुआ।
क्या है पूरा मामला?
गुजैनी निवासी पीड़ित महिला के पति भेल (BHEL) में वरिष्ठ इंजीनियर के पद पर कार्यरत हैं। जानकारी के मुताबिक, कुछ महीने पहले महिला के पास एक अनजान नंबर से फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को एक प्रतिष्ठित इन्वेस्टमेंट फर्म का कर्मचारी बताया और शेयर बाजार में निवेश के जरिए घर बैठे लाखों कमाने का सपना दिखाया।
ठगों ने महिला को भरोसे में लेने के लिए काफी पेशेवर (Professional) तरीके से बात की। उन्होंने दावा किया कि उनकी कंपनी को ऐसे ‘हाई-रिटर्न’ वाले आईपीओ (Initial Public Offerings) की जानकारी पहले ही मिल जाती है, जो आम जनता को बाद में पता चलती है।
ऐसे बिछाया विश्वास का जाल (Modus Operandi)
शुरुआत में महिला को एक व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। इस ग्रुप में पहले से कई लोग (जो संभवतः ठगों के ही साथी थे) जुड़े हुए थे। वे ग्रुप में रोजाना अपने मुनाफे के स्क्रीनशॉट साझा करते थे। यह सब देखकर इंजीनियर की पत्नी को लगा कि यह वास्तव में कमाई का एक बेहतरीन जरिया है।
भरोसा जीतने के लिए ठगों ने शुरुआत में महिला से छोटी रकम निवेश करवाई। इसके बाद, एक फर्जी ऐप या वेबसाइट के जरिए उन्हें उनके डैशबोर्ड पर मुनाफा दिखाया गया। जब महिला ने देखा कि उनके लगाए पैसे बढ़ रहे हैं, तो उनका विश्वास पक्का हो गया।
3 महीने तक किश्तों में ऐंठी गाढ़ी कमाई
यहीं से असली खेल शुरू हुआ। ठगों ने महिला को ‘वीआईपी कोटे’ के तहत बड़े आईपीओ में निवेश करने की सलाह दी। लालच में आकर और बेहतर रिटर्न की उम्मीद में महिला ने अपनी जमा पूंजी लगानी शुरू कर दी।
पिछले तीन महीनों के दौरान, ठगों ने अलग-अलग बैंक खातों में महिला से करीब 46 लाख रुपये जमा करवा लिए। कभी आईपीओ अलॉटमेंट के नाम पर, तो कभी मार्केट क्रैश से बचाने के नाम पर पैसे मांगे गए। महिला चुपचाप अपने पति की गाढ़ी कमाई और अपनी बचत ठगों के हवाले करती रही।
पैसे निकालने की बारी आई तो हुआ खुलासा
तीन महीने बाद जब महिला ने अपने निवेश पर दिख रहे ‘फर्जी मुनाफे’ और मूल रकम को निकालने (Withdraw) की इच्छा जताई, तो ठगों ने बहाने बनाने शुरू कर दिए। पहले कहा गया कि पैसा निकालने के लिए टैक्स जमा करना होगा। जब महिला ने और पैसे देने से इनकार किया और दबाव बनाया, तो ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से बाहर कर दिया और संपर्क के सारे रास्ते बंद कर दिए।
ऐप पर भी उनका अकाउंट ब्लॉक हो गया। तब जाकर महिला को एहसास हुआ कि वह एक बड़ी साइबर ठगी का शिकार हो चुकी हैं।
परिवार में हड़कंप, पुलिस की शरण में पीड़िता
46 लाख रुपये की भारी-भरकम रकम डूबने की खबर जैसे ही परिवार को लगी, उनके होश उड़ गए। इंजीनियर पति और पत्नी ने तुरंत साइबर सेल और गुजैनी थाने में मामले की शिकायत दर्ज कराई।
गुजैनी पुलिस और साइबर सेल ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस उन बैंक खातों की जांच कर रही है जिनमें पैसे ट्रांसफर किए गए थे। साथ ही, जिन नंबरों से कॉल आई थी, उनकी लोकेशन ट्रेस की जा रही है। पुलिस का कहना है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो शेयर ट्रेडिंग के नाम पर लोगों को फंसाता है।
अलर्ट: आप न बनें अगला शिकार
कानपुर पुलिस और साइबर जानकारों ने इस घटना के बाद लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
- अनजान लिंक पर क्लिक न करें: शेयर बाजार में मुनाफे का दावा करने वाले व्हाट्सएप ग्रुप्स से दूर रहें।
- SEBI से वेरीफाई करें: कोई भी ऐप या कंपनी अगर निवेश की सलाह देती है, तो चेक करें कि वह सेबी (SEBI) से रजिस्टर्ड है या नहीं।
- लालच में न आएं: अगर कोई स्कीम ‘गारंटीड रिटर्न’ का वादा करती है, तो वह 100% फ्रॉड है। शेयर बाजार में जोखिम हमेशा होता है।
- पैसे ट्रांसफर से पहले जांचें: किसी भी निजी बैंक खाते में निवेश का पैसा ट्रांसफर न करें।
फिलहाल, भेल इंजीनियर का परिवार गहरे सदमे में है, और पुलिस आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है। यह घटना हर उस व्यक्ति के लिए एक सबक है जो बिना जांच-पड़ताल के ऑनलाइन निवेश पर भरोसा कर लेता है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.