आर्यकन्या की छात्राओं ने नुक्कड़ सभा से सिखाया सड़क सुरक्षा का पाठ
Banda/Truth India Times Digital Desk
बांदा। सर्दियों का आगाज होते ही उत्तर प्रदेश के जिलों में घने कोहरे ने दस्तक दे दी है, जिसके साथ ही सड़क हादसों का ग्राफ भी बढ़ने लगा है। इसी गंभीर समस्या को देखते हुए बांदा के आर्यकन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने एक सराहनीय पहल की है। शहर कोतवाली क्षेत्र में आयोजित एक प्रभावशाली नुक्कड़ सभा के माध्यम से छात्राओं ने राहगीरों और वाहन चालकों को सड़क सुरक्षा और कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के गुर सिखाए।
सड़क पर उतरीं ‘सुरक्षा दूत’
शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक कोतवाली क्षेत्र में जब आर्यकन्या इंटर कॉलेज की छात्राएं हाथों में स्लोगन और पोस्टर लेकर उतरीं, तो हर कोई उन्हें सुनने के लिए रुक गया। छात्राओं ने नुक्कड़ सभा के जरिए बताया कि सड़क दुर्घटनाएं केवल लापरवाही का परिणाम नहीं होतीं, बल्कि सुरक्षा नियमों की अनदेखी का नतीजा होती हैं। विशेष रूप से दिसंबर और जनवरी की सुबह जब विजिबिलिटी (दृश्यता) शून्य के करीब होती है, तब छोटी सी चूक जानलेवा साबित हो सकती है।
कोहरे से बचाव के ‘गोल्डन रूल्स’
छात्राओं ने कोहरे के दौरान सुरक्षित यात्रा के लिए कुछ महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए, जो हर चालक के लिए जीवन रक्षक साबित हो सकते हैं:
- उचित दूरी का नियम: घने कोहरे में सामने वाली गाड़ी से पर्याप्त दूरी बनाकर रखें, ताकि अचानक ब्रेक लगाने की स्थिति में दुर्घटना से बचा जा सके।
- जरूरी हो तभी निकलें: छात्राओं ने अपील की कि यदि बहुत आवश्यक कार्य न हो, तो अत्यधिक कोहरे के समय यात्रा टाल दें।
- इंडिकेटर और फॉग लाइट: वाहन की फॉग लाइट का प्रयोग करें और मुड़ते समय इंडिकेटर का इस्तेमाल काफी पहले शुरू कर दें।
दोपहिया वाहन चालकों को कड़ी हिदायत
नुक्कड़ सभा के दौरान छात्राओं ने दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक जागरूक किया, क्योंकि हादसों में सबसे ज्यादा जान इन्हीं की जाती है। छात्राओं ने सलाह दी:
- हेलमेट ही सुरक्षा कवच: बिना हेलमेट के घर से बाहर न निकलें। यह केवल जुर्माना बचाने के लिए नहीं, बल्कि सिर की सुरक्षा के लिए है।
- इयरफोन को कहें ‘ना’: वाहन चलाते समय मोबाइल फोन, इयरफोन या एयरबड्स का उपयोग करना ध्यान भटकाता है और पीछे से आने वाले हॉर्न की आवाज को दबा देता है।
- शराब और रफ्तार का जहर: छात्राओं ने युवाओं से विशेष अपील की कि ‘ड्रिंक एंड ड्राइव’ (नशे में गाड़ी चलाना) और ओवरस्पीडिंग से बचें।
चार पहिया वाहनों के लिए ‘सीट बेल्ट’ का मंत्र
छात्राओं ने कार और अन्य चार पहिया वाहन चलाने वालों को अनिवार्य रूप से सीट बेल्ट लगाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने समझाया कि सीट बेल्ट केवल चालक के लिए नहीं, बल्कि बगल में बैठी सवारी के लिए भी उतनी ही जरूरी है। कोहरे के दौरान लो-बीम लाइट का उपयोग करने और खिड़कियों को थोड़ा खुला रखने की भी सलाह दी गई ताकि बाहर की आवाज सुनी जा सके।
समाज को संदेश: “सुरक्षित घर लौटें”
नुक्कड़ सभा के समापन पर छात्राओं ने एक सुर में कहा कि घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है। सड़क सुरक्षा के नियम आपके सफर को थोड़ा धीमा जरूर कर सकते हैं, लेकिन वे यह सुनिश्चित करते हैं कि आप सुरक्षित अपने गंतव्य तक पहुंचें। स्थानीय नागरिकों ने छात्राओं के इस प्रयास की सराहना की और संकल्प लिया कि वे इन नियमों का पालन करेंगे।
इस आयोजन के दौरान स्कूल की शिक्षिकाएं और स्थानीय पुलिस कर्मी भी मौजूद रहे, जिन्होंने छात्राओं का उत्साहवर्धन किया।
जागरूकता बुलेटिन:
- आयोजक: छात्राएं, आर्यकन्या इंटर कॉलेज, बांदा।
- स्थान: शहर कोतवाली क्षेत्र।
- मुख्य फोकस: कोहरा सुरक्षा, हेलमेट, सीट बेल्ट और नशे के खिलाफ जागरूकता।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.