डेढ़ लाख की चोरी करने वाले एमपी के दो शातिर भाई गिरफ्तार
Banda/Truth India Times Digital Desk
बांदा/अतर्रा: बांदा पुलिस ने अंत्राज्यीय चोर गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए महज एक सप्ताह के भीतर चोरी के एक सनसनीखेज मामले का खुलासा कर दिया है। 15 दिसंबर को अतर्रा कस्बे में एक व्यक्ति की बाइक से उड़ाए गए डेढ़ लाख रुपयों के मामले में पुलिस ने मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की गई रकम का बड़ा हिस्सा, एक अवैध हथियार और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद करने में सफलता हासिल की है।
मंडी के पास हुई थी बड़ी वारदात
पूरी घटना 15 दिसंबर 2025 की है। बदौसा थाना क्षेत्र के ग्राम तुर्रा निवासी विनोद गौतम किसी काम से अतर्रा कस्बे आए थे। उनके पास एक झोले में ₹1.5 लाख की मोटी रकम थी। जब वह मंडी के पास अपने रिश्तेदार से मिलने के लिए रुके, तभी घात लगाकर बैठे शातिर चोरों ने पलक झपकते ही उनकी मोटरसाइकिल के हैंडल पर टंगा रुपयों से भरा झोला उड़ा दिया। पीड़ित ने तत्काल अतर्रा थाने में अज्ञात चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था।
घेराबंदी कर दबोचे गए शातिर भाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक बांदा के निर्देशन में एक टीम गठित की गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिरों के जाल की मदद से आरोपियों का पीछा करना शुरू किया। 21/22 दिसंबर की दरमियानी रात को पुलिस को सूचना मिली कि संदिग्ध बदमाश क्षेत्र में किसी और वारदात की फिराक में हैं। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी की और दो आरोपियों को धर दबोचा।
बरामदगी का विवरण:
- नकदी: ₹1,45,500 (कुल चोरी का लगभग 97%)
- हथियार: एक अवैध तमंचा (12 बोर) और एक जिंदा कारतूस।
- वाहन: घटना में प्रयुक्त बिना नंबर वाली मोटरसाइकिल।
पूछताछ में खुला ‘फैमिली गैंग’ का राज
पकड़े गए आरोपियों की पहचान गिरबल और निरबल (पुत्र हरदौस आदिवासी) के रूप में हुई है। ये दोनों सगे भाई हैं और मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पूछताछ में उन्होंने स्वीकार किया कि वे अपने एक तीसरे भाई, सिद्धू के साथ मिलकर एक संगठित गिरोह चलाते हैं।
आरोपियों ने बताया कि उनका तीसरा भाई सिद्धू चोरी की रकम का कुछ हिस्सा लेकर घर भाग गया था, जबकि ये दोनों बांदा में ही अगली रेकी कर रहे थे। पुलिस अब फरार भाई की तलाश में दबिश दे रही है।
चोरी का स्टाइल: बैंकों और मंडियों में करते थे ‘शिकार’
गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे किसी भी शहर में जाकर सबसे पहले भीड़भाड़ वाले स्थानों जैसे बैंक, सब्जी मंडी, अनाज मंडी, पशु बाजार और रेलवे स्टैंड की रेकी करते थे। वे ऐसे लोगों को निशाना बनाते थे जिनके पास पैसों का झोला या बड़ा बैग होता था। वे मोटरसाइकिलों का पीछा करते थे और जैसे ही कोई व्यक्ति वाहन खड़ा करके हटता, ये तुरंत बैग लेकर चंपत हो जाते थे। इतना ही नहीं, यह गिरोह महिलाओं के पर्स और भीड़ में जेब काटने में भी माहिर है।
अंत्राज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू
चूंकि आरोपी मध्य प्रदेश के रहने वाले हैं और उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिलों में वारदातों को अंजाम दे रहे थे, इसलिए पुलिस अब इनके पुराने रिकॉर्ड खंगाल रही है। आशंका है कि बांदा, महोबा, छतरपुर और चित्रकूट में हुई हालिया कई चोरियों में इसी गैंग का हाथ हो सकता है।
Truth India Times की रिपोर्ट: मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
| वारदात की तारीख | 15 दिसंबर 2025 |
| स्थान | अतर्रा मंडी के पास, बांदा |
| गिरफ्तार आरोपी | गिरबल और निरबल (सगे भाई, छतरपुर निवासी) |
| कुल बरामदगी | ₹1.45 लाख, तमंचा, बाइक |
| फरार आरोपी | सिद्धू (तीसरा भाई) |
Truth India Times का संदेश:
बांदा पुलिस की इस मुस्तैदी ने व्यापारियों और आम नागरिकों में विश्वास जगाया है। Truth India Times अपने पाठकों से अपील करता है कि बैंकों या मंडियों से बड़ी रकम लेकर चलते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। अपने पैसों के बैग को कभी भी वाहन के हैंडल पर न छोड़ें। आपकी थोड़ी सी सतर्कता आपको ऐसे शातिर ‘फैमिली गैंग्स’ का शिकार होने से बचा सकती है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.