रुपया डॉलर के मुकाबले नया रिकॉर्ड निचले स्तर पर, बाजार में चिंता बढ़ी
Truth India Times Digital Desk
भारतीय रुपया आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले नया रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुँच गया और 90 अंक के भी पार चला गया। यह गिरावट बाजार में बेचैनी पैदा कर रही है और मुद्रा विनिमय केसेंटरों पर दबाव बढ़ा रही है।
विश्लेषकों के अनुसार, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता और अंतरराष्ट्रीय व्यापार वार्ताओं के बाद निवेश धाराओं पर प्रभाव पड़ने से रुपये का दबाव बढ़ा है। इस स्थिति का असर निर्यात-आधारित उद्योगों पर अलग और इम्पोर्ट-आधारित उद्योगों पर अलग तरह से देखा जा रहा है।
मुद्रा के कमजोर होने का असर महंगाई और इम्पोर्ट लागत पर भी देखा जा रहा है, क्योंकि उच्च डिमांड में विदेशी वस्तुओं की कीमतों में वृद्धि हो सकती है। निवेशकों ने कहा है कि आरबीआई संभावित कदम उठा सकता है ताकि गिरावट को नियंत्रित किया जा सके।
निवेश सलाहकारों का मानना है कि अगर रुपया इसी रफ्तार से गिरता रहा, तो बाजार के अस्थिरता के संकेत और बढ़ सकते हैं, साथ ही विदेशी निवेशकों की धारणा बदल सकती है।
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि निकट भविष्य में केंद्रीय बैंक की नीतियों और व्यापार समझौतों के निर्णयों से ही मुद्रा की दिशा तय होगी।
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