पैर में गोली लगने के बाद भी मालिक ने शूटर को दबोचा
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
आगरा। ताजनगरी के शाहगंज थाना क्षेत्र में शुक्रवार की आधी रात को उस वक्त सनसनी फैल गई, जब एक मशहूर ढाबे पर खाना खाने आए युवकों के बीच मामूली बात पर खूनी संघर्ष शुरू हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि एक युवक ने पिस्टल निकालकर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। इस दौरान ढाबा संचालक के पैर में गोली लग गई, लेकिन घायल होने के बावजूद उसने अदम्य साहस का परिचय देते हुए मुख्य आरोपी को मौके पर ही दबोच लिया। आरोपी के दो साथी अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे।
आधी रात को ‘चाचा ढाबा’ बना जंग का अखाड़ा
घटना शाहगंज थाना क्षेत्र के अर्जुन नगर तिराहे के पास स्थित प्रसिद्ध ‘चाचा ढाबा’ की है। यह ढाबा जब्बार उस्मानी का है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार रात करीब 12:30 बजे ढाबे पर कामकाज समेटा जा रहा था और कुछ ग्राहक खाना खा रहे थे। जब्बार उस्मानी ने बताया कि उस समय तीन युवक पहले से बैठकर खाना खा रहे थे। तभी तीन अन्य युवक वहां पहुंचे।
शुरुआत में दोनों गुटों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट में बदल गई। रंगबाजी और वर्चस्व की इस लड़ाई में माहौल तब बिगड़ गया जब बाद में आए युवकों में से एक ने अपनी कमर से पिस्टल निकाल ली।
दो राउंड फायरिंग और अफरा-तफरी
पिस्टल निकलते ही ढाबे पर मौजूद कर्मचारियों और अन्य ग्राहकों में भगदड़ मच गई। आरोपी ने बिना किसी डर के एक के बाद एक दो राउंड फायरिंग कर दी। फायरिंग की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। इसी बीच एक गोली ढाबा संचालक जब्बार उस्मानी के पैर में जा लगी। गोली लगते ही जब्बार लहूलुहान होकर गिर पड़े, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी।
घायल मालिक की जांबाजी: आरोपी को भागने नहीं दिया
आमतौर पर गोली लगने के बाद इंसान असहाय हो जाता है, लेकिन जब्बार उस्मानी ने मिसाल पेश की। पैर से खून बहने के बावजूद उन्होंने फायरिंग करने वाले युवक को पीछे से पकड़ लिया और जमीन पर पटक दिया। जब्बार की चीख-पुकार और फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के लोग भी भारी संख्या में जुट गए। लोगों की मदद से आरोपी युवक के हाथ से पिस्टल छीन ली गई और उसे पुलिस के हवाले करने तक काबू में रखा गया। हालांकि, इस अफरा-तफरी का फायदा उठाकर आरोपी के दो अन्य साथी मौके से फरार हो गए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
सूचना मिलते ही शाहगंज थाने की पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके से पिस्टल बरामद कर ली है और पकड़े गए आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घायल ढाबा संचालक जब्बार उस्मानी को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस अब फरार हुए दो अन्य युवकों की तलाश में सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में मामला पुरानी रंजिश या तत्काल किसी बात पर उपजी ‘रंगबाजी’ का लग रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी के पास मौजूद पिस्टल लाइसेंसी थी या अवैध।
इलाके में दहशत, सुरक्षा पर सवाल
शहर के बीचों-बीच स्थित अर्जुन नगर तिराहे जैसे व्यस्त इलाके में आधी रात को हुई इस वारदात ने कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय दुकानदारों का कहना है कि रात के समय ढाबों पर अक्सर नशे की हालत में युवक आते हैं और छोटी-छोटी बातों पर विवाद करते हैं। लोगों ने मांग की है कि रात में पुलिस की गश्त बढ़ाई जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
जब्बार उस्मानी के साहस की पूरे इलाके में चर्चा हो रही है। यदि वे हिम्मत न दिखाते, तो आरोपी फायरिंग करते हुए फरार हो सकता था और कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
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