गोमूत्र चढ़ाने पहुंचे हिंदूवादी नेता, पुलिस ने खदेड़कर हिरासत में लिया
प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times
आगरा। मोहब्बत की निशानी कहे जाने वाले विश्व प्रसिद्ध स्मारक ताजमहल को लेकर ‘तेजोमहालय’ का विवाद एक बार फिर गरमा गया है। महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर रविवार को अखिल भारतीय हिंदू महासभा के एक वरिष्ठ पदाधिकारी कलश में गोमूत्र लेकर ताजमहल के भीतर ‘शुद्धिकरण’ करने पहुँचे। हालांकि, पहले से सतर्क पुलिस बल ने उन्हें बैरियर पर ही रोक लिया और काफी देर चली तीखी नोकझोंक के बाद उन्हें जबरन खींचते हुए थाने ले जाया गया। इस घटना के दौरान ताजमहल के पश्चिमी गेट पर पर्यटकों की भारी भीड़ जमा हो गई और स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही।
पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत पहुँचे नेता
जानकारी के अनुसार, अखिल भारतीय हिंदू महासभा के मंडल महामंत्री नीतेश भारद्वाज ने पहले ही महाशिवरात्रि पर ताजमहल (जिसे वे तेजोमहालय मानते हैं) पर गोमूत्र चढ़ाने और पूजा करने का ऐलान किया था। रविवार सुबह करीब 10 बजे, नीतेश भारद्वाज अपने दो-तीन कार्यकर्ताओं के साथ ताजमहल के पश्चिमी गेट बैरियर पर पहुँचे। नीतेश ने पीले वस्त्र धारण किए हुए थे और सिर पर केसरिया साफा बांध रखा था। उनके हाथ में एक कलश था, जिसमें गोमूत्र भरा हुआ था।
पुलिस से 15 मिनट तक चली तीखी नोकझोंक
जैसे ही नीतेश भारद्वाज ने कलश लेकर बैरियर से आगे बढ़ने की कोशिश की, वहां तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। पुलिस की मौजूदगी देखकर उनके साथ आए अन्य कार्यकर्ता इधर-उधर हो गए, लेकिन नीतेश अकेले ही आगे बढ़ने की जिद पर अड़ गए। करीब 15 मिनट तक पुलिस और हिंदूवादी नेता के बीच बीच सड़क पर बहस होती रही। नीतेश का कहना था कि वह स्मारक के भीतर जाकर शुद्धिकरण करना चाहते हैं, जबकि पुलिस उन्हें सुरक्षा प्रोटोकॉल और सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का हवाला देकर रोकने का प्रयास कर रही थी।
पुलिस ने खींचकर थाने पहुँचाया
जब नीतेश भारद्वाज पीछे हटने को तैयार नहीं हुए और धक्का-मुक्की कर बैरियर पार करने की कोशिश करने लगे, तो पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। पुलिसकर्मियों ने उन्हें खदेड़ना शुरू किया और लगभग 150 मीटर तक उन्हें खींचते हुए ताजगंज थाने ले गए। इस दौरान मौके पर मौजूद देशी-विदेशी पर्यटक भी सहम गए और कुछ देर के लिए आवाजाही बाधित रही।
“उर्स की अनुमति तो पूजा की क्यों नहीं?” – नीतेश भारद्वाज
हिरासत में लिए जाने के दौरान नीतेश भारद्वाज ने प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने मीडिया से बात करते हुए कहा:
“हम गोमूत्र से ताजमहल का शुद्धिकरण करने आए थे। यह हमारा तेजोमहालय है। बड़े दुर्भाग्य की बात है कि गोमांस खाने वालों के लिए उर्स के दौरान तीन दिन तक सारे दरवाजे खोल दिए जाते हैं, उन्हें हर तरह की अनुमति दी जाती है। लेकिन हमें महाशिवरात्रि के पवित्र दिन पर एक घंटे की अनुमति भी नहीं दी जा रही। पुलिस हमारे साथ अपराधियों जैसा व्यवहार कर रही है।”
सुरक्षा व्यवस्था और विवाद की जड़
ताजमहल को ‘तेजोमहालय’ मंदिर बताने का विवाद दशकों पुराना है, जो अक्सर शिवरात्रि या सावन के महीने में तूल पकड़ता है। जिला प्रशासन ने इस संवेदनशील मुद्दे को देखते हुए पहले से ही ताजमहल के चारों ओर सुरक्षा के कड़े इंतजाम कर रखे थे। खुफिया विभाग (LIU) को भी अलर्ट पर रखा गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि स्मारक की सुरक्षा व्यवस्था और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वर्तमान स्थिति
फिलहाल नीतेश भारद्वाज को एहतियातन पुलिस हिरासत में रखा गया है। ताजगंज थाना पुलिस का कहना है कि शांति भंग की आशंका के तहत कार्रवाई की जा रही है। ताजमहल के पश्चिमी और पूर्वी गेट पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है ताकि महाशिवरात्रि के शेष समय में कोई अन्य अप्रिय घटना न हो।
मुख्य बिंदु:
- घटनास्थल: ताजमहल पश्चिमी गेट, आगरा।
- प्रमुख व्यक्ति: नीतेश भारद्वाज (मंडल महामंत्री, अखिल भारतीय हिंदू महासभा)।
- विवाद: गोमूत्र से ‘शुद्धिकरण’ और तेजोमहालय का दावा।
- पुलिस कार्रवाई: 15 मिनट की नोकझोंक के बाद हिरासत में लिया गया।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.