विवेक और अशोक के दांव-पेच ने जीता दिल
अतर्रा (बांदा) | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बुंदेलखंड की धरती हमेशा से ही शौर्य और पराक्रम की प्रतीक रही है। इसी परंपरा को जीवंत रखते हुए बांदा जिले के अतर्रा में एक विशाल दंगल प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। नगर पंचायत अध्यक्ष संगीता निराला की अध्यक्षता में आयोजित इस दंगल में देश के कोने-कोने से आए दिग्गज पहलवानों ने अपनी कुश्ती के जौहर दिखाए। कड़कड़ाती ठंड के बीच अखाड़े की मिट्टी पर जब पहलवानों ने एक-दूसरे को पटखनी दी, तो दर्शकों का उत्साह सातवें आसमान पर पहुँच गया।
देशभर के नामचीन पहलवानों का जमावड़ा
इस दंगल प्रतियोगिता की सबसे बड़ी खासियत इसमें शामिल होने वाले पहलवानों की विविधता रही। आयोजन समिति ने उत्तर प्रदेश के साथ-साथ हरियाणा, मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों के नामचीन अखाड़ों से पहलवानों को आमंत्रित किया था। दंगल शुरू होने से पहले ही आयोजन स्थल पर हजारों की संख्या में खेल प्रेमी जमा हो गए थे, जो अपने पसंदीदा पहलवानों का हौसला बढ़ाने के लिए बेताब दिखे।
प्रमुख मुकाबले: जब अखाड़े में भिड़े ‘शेर’
दंगल के दौरान कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, जिन्होंने दर्शकों को दांतों तले उंगली दबाने पर मजबूर कर दिया।
- अशोक बनाम रवि: दंगल का मुख्य आकर्षण अशोक पहलवान और हरियाणा के रवि पहलवान के बीच हुई कुश्ती रही। रवि पहलवान की ताकत के आगे अशोक पहलवान ने अपनी तकनीक और फुर्ती का ऐसा परिचय दिया कि अंततः रवि को हार माननी पड़ी। अशोक की जीत पर पूरे मैदान में तालियों की गड़गड़ाहट गूँज उठी।
- मथुरा बनाम मेरठ: ब्रज की धरती से आए हरिकेश पहलवान ने मेरठ के मुन्ना पहलवान को कड़ी शिकस्त दी। हरिकेश के ‘धोबी पछाड़’ दांव का मुन्ना के पास कोई जवाब नहीं था।
- अयोध्या और उन्नाव की भिड़ंत: रामनगरी अयोध्या से आए रविदास पहलवान ने अपनी धाक जमाते हुए उन्नाव के अखिलेश पहलवान को चित कर दिया।
- स्थानीय गौरव: बांदा के स्थानीय पहलवान विवेक ने भी अपने जिले का मान बढ़ाया। विवेक ने मध्य प्रदेश से आए एक तगड़े पहलवान को अपनी ताकत और सूझबूझ से पराजित कर स्थानीय दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
- हरियाणा का दबदबा: हरियाणा के दीपू पहलवान और बांदा के एक अन्य पहलवान के बीच हुआ मुकाबला भी काफी कड़ा रहा, जिसमें दोनों पहलवानों ने अंत तक हार नहीं मानी।
अध्यक्ष संगीता निराला ने बढ़ाया खिलाड़ियों का उत्साह
प्रतियोगिता की अध्यक्षता कर रहीं चेयरमैन संगीता निराला ने विजेता पहलवानों को पुरस्कृत करते हुए कहा कि दंगल हमारी प्राचीन संस्कृति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से न केवल ग्रामीण खेलों को बढ़ावा मिलता है, बल्कि युवाओं को नशे और गलत आदतों से दूर रहकर अपने शरीर और स्वास्थ्य पर ध्यान देने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने भविष्य में भी इस प्रकार के भव्य खेल आयोजनों को जारी रखने का आश्वासन दिया।
गणमान्य व्यक्तियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
दंगल को सफल बनाने में स्थानीय प्रशासन और भाजपा पदाधिकारियों का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा। इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष ज्ञान प्रताप, अमन गुप्ता, पप्पू सोनकर, और नीरज गुप्ता प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
साथ ही, महिला शक्ति का प्रतिनिधित्व करते हुए अनुराधा गुप्ता, सरिता गुप्ता, और भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष संतोष सविता ने भी खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। पत्रकार जगत से तहसील अध्यक्ष पत्रकार संघ अवधेश शिवहरे और स्थानीय सभासद (सुभाष नगर) सहित कई अन्य गणमान्य नागरिक इस खेल उत्सव के गवाह बने।
बुंदेलखंड में कुश्ती की प्रासंगिकता
अतर्रा में आयोजित इस दंगल ने यह साबित कर दिया कि आज भी क्रिकेट और अन्य आधुनिक खेलों के दौर में पारंपरिक कुश्ती के प्रति लोगों का प्रेम कम नहीं हुआ है। मिट्टी के अखाड़े में पसीना बहाते इन पहलवानों को देखने के लिए उमड़ी भीड़ यह बताने के लिए काफी है कि यदि सही मंच और प्रोत्साहन मिले, तो बुंदेलखंड की माटी से भी अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवान निकल सकते हैं।
देर शाम तक चली इस प्रतियोगिता के समापन पर सभी मेहमानों का आभार व्यक्त किया गया और विजेताओं को नकद पुरस्कार व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया।
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