विधायक ने बांटीं 10 मोटराइज्ड साइकिलें
बबेरू (बांदा) | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले के बबेरू ब्लॉक परिसर में मंगलवार को एक भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। क्षेत्र के दिव्यांगों के जीवन को सुगम बनाने के उद्देश्य से आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक विशंभर सिंह यादव ने 10 लाभार्थियों को मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल वितरित कीं। विधायक निधि के सहयोग से प्रदान की गई इन अत्याधुनिक साइकिलों को पाकर दिव्यांगों के चेहरों पर खुशी साफ झलक रही थी। यह पहल न केवल उनकी शारीरिक बाधाओं को कम करेगी, बल्कि उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में भी मदद करेगी।
विधायक निधि से सशक्तिकरण की ओर कदम
बबेरू ब्लॉक परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक विशंभर सिंह यादव रहे। उन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम की शुरुआत की और बारी-बारी से सभी 10 लाभार्थियों को उनके नए वाहनों की चाबियाँ सौंपी। विधायक ने इस अवसर पर कहा कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की सेवा करना ही उनका मुख्य लक्ष्य है।
अक्सर दिव्यांगजन चलने-फिरने में असमर्थ होने के कारण शिक्षा, रोजगार और अन्य सामाजिक कार्यों से वंचित रह जाते हैं। साधारण ट्राईसाइकिल चलाने में बहुत शारीरिक श्रम लगता है, जिससे लंबी दूरी तय करना उनके लिए लगभग असंभव होता है। इसी समस्या को देखते हुए विधायक निधि से इन बैटरी चालित मोटराइज्ड साइकिलों की व्यवस्था की गई है, ताकि वे बिना किसी की मदद के अपना काम स्वयं कर सकें।
लाभार्थियों के चेहरे पर खिली मुस्कान
साइकिल प्राप्त करने वाले लाभार्थियों में ग्रामीण और कस्बाई क्षेत्रों के वे लोग शामिल थे जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और लंबे समय से इस तरह की मदद की उम्मीद लगाए बैठे थे। मोटराइज्ड साइकिल मिलने के बाद एक लाभार्थी ने बताया कि अब उसे बाजार जाने या छोटे-मोटे कामों के लिए दूसरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। यह साइकिल उसके लिए केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उसकी आजादी का जरिया है।
इन साइकिलों की विशेषता यह है कि ये एक बार चार्ज होने पर लंबी दूरी तय कर सकती हैं और इन्हें चलाना भी बेहद आसान है। इसमें सुरक्षा के मानकों का भी पूरा ध्यान रखा गया है, जिससे दिव्यांगजन ऊबड़-खाबड़ रास्तों पर भी सुरक्षित सफर कर सकें।
राजनीति से ऊपर उठकर जनसेवा का संदेश
कार्यक्रम के दौरान विधायक विशंभर सिंह यादव ने कहा कि दिव्यांगों की सेवा ईश्वर की सेवा के समान है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि क्षेत्र में और भी जो पात्र दिव्यांगजन बचे हैं, उनकी सूची तैयार की जाए ताकि भविष्य में उन्हें भी इस योजना का लाभ दिलाया जा सके। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार और प्रशासन को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि विकास की योजनाओं का लाभ वास्तविक जरूरतमंदों तक पहुंचे।
प्रलभ शरण चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार, बबेरू ब्लॉक के अधिकारियों ने कार्यक्रम के सफल संचालन में सहयोग किया। इस दौरान भारी संख्या में स्थानीय लोग और जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे, जिन्होंने विधायक की इस मानवीय पहल की सराहना की।
आत्मनिर्भर भारत की दिशा में स्थानीय प्रयास
प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने को स्थानीय स्तर पर साकार करने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जब समाज का हर वर्ग, चाहे वह शारीरिक रूप से अक्षम ही क्यों न हो, आत्मनिर्भर बनेगा, तभी क्षेत्र का वास्तविक विकास संभव है। बबेरू में वितरित की गई ये साइकिलें दिव्यांगों को छोटे-मोटे रोजगार शुरू करने के लिए भी प्रेरित करेंगी, जैसे कि फेरी लगाना या सामान की डिलीवरी करना।
निष्कर्ष
बबेरू ब्लॉक परिसर में हुआ यह आयोजन केवल सरकारी धन का वितरण नहीं था, बल्कि उन लोगों को सम्मान देने की कोशिश थी जिन्हें समाज अक्सर हाशिए पर धकेल देता है। ‘Truth India Times’ इस तरह की सकारात्मक खबरों को प्रमुखता से दिखाता है ताकि अन्य जनप्रतिनिधि भी प्रेरित होकर अपने क्षेत्रों में इस तरह के जनकल्याणकारी कार्य कर सकें। विधायक विशंभर सिंह यादव द्वारा 10 दिव्यांगों को मिली यह सौगात उनके जीवन के संघर्ष को कम करने में एक मील का पत्थर साबित होगी।
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