बेकाबू बाइक ने वृद्धा को रौंदाबेकाबू बाइक ने वृद्धा को रौंदा
बांदा | (प्रलभ शरण चौधरी – ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
बांदा। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में सड़कों पर दौड़ते रफ्तार के सौदागर मासूम और बेगुनाह लोगों की जिंदगी निगल रहे हैं। ताजा मर्मस्पर्शी मामला बबेरू तहसील क्षेत्र के मऊ गांव से सामने आया है, जहाँ मंगलवार को एक अनियंत्रित बाइक सवार ने 70 वर्षीय वृद्धा को ऐसी जोरदार टक्कर मारी कि उनकी मौके पर ही सांसें उखड़ गईं। जिस घर की दहलीज पर खुशियां थीं, वहां अब मातम का सन्नाटा पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में इस घटना को लेकर गहरा आक्रोश है।
हादसे का खौफनाक मंजर: पशुबाड़े से लौट रही थीं निर्मला देवी
जानकारी के मुताबिक, मऊ गांव की रहने वाली निर्मला देवी (70 वर्ष), पत्नी स्वर्गीय रामेश्वर प्रसाद, मंगलवार को अपने दैनिक कार्यों में व्यस्त थीं। दोपहर के समय वह अपने पशुबाड़ा (हाता) से काम निपटाकर पैदल ही अपने घर की ओर वापस लौट रही थीं। वह सड़क किनारे सुरक्षित चल रही थीं, लेकिन तभी विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार बाइक सवार ने लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए उन्हें सीधी टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि निर्मला देवी हवा में उछलकर सड़क पर जा गिरीं। उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। टक्कर मारने के बाद बाइक सवार मौके से भागने की फिराक में था, लेकिन ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह अपनी गाड़ी छोड़कर भाग निकला।
अस्पताल पहुँचने से पहले ही टूट गई सांसों की डोर
सड़क पर लहूलुहान हालत में पड़ी निर्मला देवी को देख ग्रामीण और परिजन तत्काल मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में उन्हें निजी वाहन के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बबेरू ले जाया गया। परिजनों को उम्मीद थी कि शायद डॉक्टर कोई चमत्कार कर देंगे, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था। अस्पताल पहुँचते ही डॉक्टरों ने उनकी नब्ज टटोली और उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस खबर के मिलते ही अस्पताल परिसर में चीख-पुकार मच गई।
पुलिस की कार्रवाई: पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव
घटना की सूचना मिलते ही मरका थाना पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस की एक टीम अस्पताल पहुँची और शव को अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। मंगलवार की शाम करीब 4 बजे कागजी कार्यवाही (पंचनामा) पूरी करने के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए राजकीय मेडिकल कॉलेज बांदा भेज दिया है।
मरका थाना प्रभारी ने बताया कि अज्ञात बाइक सवार के खिलाफ मामला दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। बाइक को कब्जे में लेने का प्रयास किया जा रहा है ताकि उसके नंबर के आधार पर आरोपी तक पहुँचा जा सके।
परिजनों का छलका दर्द: “बुझ गया घर का चिराग”
निर्मला देवी के परिजनों ने बताया कि वह घर की सबसे बुजुर्ग सदस्य थीं और पूरे परिवार को एकजुट रखती थीं। उनके पति रामेश्वर प्रसाद का निधन पहले ही हो चुका था। उनके निधन से परिवार के सिर से बुजुर्ग का साया उठ गया है। गांव वालों का कहना है कि मऊ गांव के इस रास्ते पर बाइक सवार अक्सर बहुत तेज गति से निकलते हैं, जिससे पहले भी छोटी-मोटी घटनाएं होती रही हैं, लेकिन इस बार एक जान चली गई।
बढ़ते सड़क हादसों पर उठे सवाल
बांदा के ग्रामीण इलाकों में लिंक रोड और हाईवे पर बढ़ते सड़क हादसे चिंता का विषय बन गए हैं। ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ (प्रलभ शरण चौधरी) की पड़ताल में यह बात सामने आई है कि ग्रामीण सड़कों पर बिना हेलमेट और बिना लाइसेंस के किशोर व युवा फर्राटा भरते हैं। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी और सड़कों पर आवारा पशुओं की मौजूदगी के बीच तेज रफ्तार बाइक चलाना अक्सर जानलेवा साबित हो रहा है।
प्रशासन से सुरक्षा की मांग
मऊ गांव के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि गांव के भीतर से गुजरने वाली मुख्य सड़कों पर स्पीड ब्रेकर (गति अवरोधक) बनवाए जाएं ताकि वाहनों की रफ्तार पर लगाम लग सके। साथ ही, शाम के समय सड़कों पर पुलिस गश्त बढ़ाने की भी मांग की गई है ताकि तेज रफ्तार और हुड़दंग करने वाले बाइक सवारों पर कार्रवाई की जा सके।
निष्कर्ष: निर्मला देवी की मौत केवल एक सड़क हादसा नहीं है, बल्कि यह उस सामाजिक लापरवाही का परिणाम है जहाँ हम सड़कों पर दूसरों की जिंदगी की कीमत भूल जाते हैं। एक बुजुर्ग महिला जो अपने घर लौट रही थी, उसे क्या पता था कि गांव की ही सड़क पर कोई काल बनकर आएगा। अब सबकी निगाहें पुलिस पर टिकी हैं कि वह कब तक उस लापरवाह बाइक सवार को पकड़कर सलाखों के पीछे भेजती है।
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी, ट्रुथ इंडिया टाइम्स
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