24 किलो खेप के साथ 8 तस्कर गिरफ्तार
प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times
बांदा: उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपराध और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। बांदा पुलिस और अतर्रा थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी करते हुए अंतर्राज्यीय गांजा तस्करी गिरोह के 8 सक्रिय सदस्यों को दबोच लिया है। पुलिस ने न केवल भारी मात्रा में नशीला पदार्थ बरामद किया है, बल्कि तस्करी के जरिए जुटाए गए लाखों रुपए और अवैध असलहे भी जब्त किए हैं।
अतर्रा थाना क्षेत्र में हुई बड़ी घेराबंदी
जानकारी के मुताबिक, बांदा पुलिस को पिछले कुछ समय से जिले में मादक पदार्थों की बड़ी खेप आने की गोपनीय सूचना मिल रही थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में गठित विशेष टीम और अतर्रा थाना पुलिस ने सटीक सूचना के आधार पर जाल बिछाया। पुलिस को खबर मिली थी कि एक सफेद बोलेरो गाड़ी में तस्करों का एक जत्था गांजे की सप्लाई लेकर गुजरने वाला है।
अतर्रा थाना क्षेत्र के अंतर्गत पुलिस ने जब संदिग्ध बोलेरो को रोकने का प्रयास किया, तो तस्करों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस बल ने चारों तरफ से घेराबंदी कर गाड़ी को रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर पुलिस के होश उड़ गए।
बरामदगी का विवरण: कैश से लेकर हथियार तक
पुलिस ने इस छापेमारी के दौरान व्यापक स्तर पर बरामदगी की है। गिरफ्तार किए गए आठों आरोपियों के पास से निम्नलिखित सामान बरामद हुआ है:
- मादक पदार्थ: 24 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला सूखा गांजा।
- नकदी: 3 लाख 2 हजार 300 रुपए नगद (जो तस्करी के माल की बिक्री से प्राप्त किए गए थे)।
- वाहन: तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक बोलेरो गाड़ी।
- हथियार: आरोपियों के पास से अवैध तमंचे और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए हैं, जिसका इस्तेमाल वे सुरक्षा और धौंस जमाने के लिए करते थे।
कैसे काम करता था यह गिरोह?
पुलिस की शुरुआती पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह गिरोह काफी समय से बुंदेलखंड के विभिन्न जिलों में सक्रिय था। ये तस्कर पड़ोसी राज्यों से कम दामों पर गांजा लाकर बांदा और आसपास के क्षेत्रों में छोटे फुटकर विक्रेताओं को ऊंचे दामों पर बेचते थे। बरामद किए गए ₹3 लाख से अधिक की नकदी इस बात का प्रमाण है कि यह गिरोह बड़े पैमाने पर आर्थिक लेनदेन कर रहा था।
गिरोह के सदस्य तस्करी के लिए बोलेरो जैसे वाहनों का उपयोग करते थे ताकि पुलिस की नजरों से बचा जा सके और ग्रामीण इलाकों में आसानी से आवाजाही की जा सके। अवैध हथियारों की मौजूदगी यह दर्शाती है कि यह तस्कर गिरोह केवल नशा ही नहीं परोस रहा था, बल्कि क्षेत्र की शांति व्यवस्था के लिए भी बड़ा खतरा बना हुआ था।
पुलिस की कार्रवाई और आगामी रणनीति
बांदा पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार किए गए 8 तस्करों से सघन पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के “बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज” यानी यह माल कहाँ से आ रहा था और इसे कहाँ-कहाँ सप्लाई किया जाना था, इसकी जांच कर रही है। पुलिस को उम्मीद है कि इन आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर जिले में नशे के अन्य सौदागरों पर भी शिकंजा कसा जाएगा।
पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट (NDPS Act) और आर्म्स एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जा रहा है। स्थानीय लोगों ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई की सराहना की है, क्योंकि अतर्रा और आसपास के क्षेत्रों में नशे की बढ़ती लत युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर रही थी।
Truth India Times की विशेष टिप्पणी
नशे के खिलाफ बांदा पुलिस की यह कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन 24 किलो गांजे के साथ इतनी बड़ी नकदी का मिलना यह संकेत देता है कि बांदा अब ड्रग सिंडिकेट्स के लिए एक ‘ट्रांजिट पॉइंट’ बनता जा रहा है। पुलिस को अब उन बड़े “सफेदपोशों” तक पहुंचने की जरूरत है जो पर्दे के पीछे रहकर इन छोटे तस्करों को संरक्षण देते हैं।
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