एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के 2 शातिर गिरफ्तार
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर आम जनता की गाढ़ी कमाई पर डाका डालने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। इन शातिर ठगों के पास से अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड और नकदी बरामद हुई है। यह कार्रवाई बांदा पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत की गई है।
ऐसे देते थे वारदात को अंजाम
पकड़े गए अभियुक्त बेहद शातिर तरीके से ठगी करते थे। पूछताछ में इन्होंने बताया कि इनका मुख्य निशाना बुजुर्ग, कम पढ़े-लिखे या ऐसे लोग होते थे जो एटीएम मशीन चलाने में थोड़े असहज दिखते थे। ये अपराधी एटीएम बूथ के आस-पास ही घात लगाकर खड़े रहते थे। जैसे ही कोई व्यक्ति पैसे निकालने पहुँचता, ये मदद करने के बहाने उसके पास चले जाते थे। बातों-बातों में ये व्यक्ति का पिन (PIN) देख लेते थे और फिर पलक झपकते ही ‘हाथ की सफाई’ दिखाते हुए असली कार्ड के बदले वैसा ही दिखने वाला दूसरा कार्ड पीड़ित को थमा देते थे।
जब तक पीड़ित को यह अहसास होता कि उसके साथ धोखा हुआ है, तब तक ये ठग दूसरे एटीएम से उसके खाते से पैसे साफ कर चुके होते थे।
शिकायत के बाद हरकत में आई पुलिस
इस कार्रवाई की नींव तब पड़ी जब कोतवाली नगर क्षेत्र के शांति नगर निवासी राहुल पुत्र बच्छराज ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। राहुल के साथ 8 अक्टूबर 2025 को धोखाधड़ी हुई थी, जिसकी सूचना उन्होंने 12 जनवरी 2026 को पुलिस को दी। पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत टीमों का गठन किया और आरोपियों की तलाश शुरू की।
पुलिस लाइन तिराहे के पास से हुई गिरफ्तारी
कोतवाली नगर पुलिस को मुखबिर के जरिए सूचना मिली कि दो संदिग्ध व्यक्ति पुलिस लाइन तिराहा स्थित एसबीआई (SBI) एटीएम के पास किसी नई वारदात को अंजाम देने की फिराक में खड़े हैं। पुलिस टीम ने बिना देरी किए घेराबंदी की और मौके से दोनों अभियुक्तों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- राजू उर्फ श्यामलाल पुत्र अच्छेलाल (निवासी: थाना देवेंद्र नगर, जिला पन्ना, मध्य प्रदेश)
- अनिरुद्ध उर्फ भोलू पुत्र सूरजपाल (निवासी: थाना देवेंद्र नगर, जिला पन्ना, मध्य प्रदेश)
बरामदगी और कबूलनामा
पुलिस ने जब दोनों की तलाशी ली, तो उनके पास से चौंकाने वाली बरामदगी हुई। पुलिस ने इनके कब्जे से:
- 5 चोरी के एटीएम कार्ड (विभिन्न बैंकों के)
- 32,000 रुपये नकद (ठगी के पैसों से बचे हुए)
- 1 मोबाइल फोन बरामद किया है।
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने 8 अक्टूबर 2025 और 29 अक्टूबर 2025 को बांदा में ही दो अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बनाया था। ये अपराधी मूल रूप से मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के रहने वाले हैं और सीमावर्ती जिलों में आकर ठगी की घटनाओं को अंजाम देकर वापस भाग जाते थे।
पुलिस अधीक्षक की जनता से अपील
इस सफलता के बाद पुलिस प्रशासन ने जनता से अपील की है कि एटीएम का प्रयोग करते समय सावधानी बरतें। किसी भी अनजान व्यक्ति को अपना एटीएम कार्ड न दें और न ही अपना पिन साझा करें। यदि एटीएम मशीन में कोई समस्या आती है, तो केवल बैंक कर्मचारी या अधिकृत सुरक्षा गार्ड की ही मदद लें।
पकड़े गए दोनों अभियुक्तों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके अन्य साथियों और पिछले आपराधिक रिकॉर्ड को खंगाल रही है ताकि इस गिरोह के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त किया जा सके।
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