बांदा पुलिस की बड़ी कामयाबी: 13 साल से फरार 'एक लाख' का इनामी संदीप मुठभेड़ में ढेर
बांदा | प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
बांदा। उत्तर प्रदेश की बांदा पुलिस ने अपराध और अपराधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल की है। करीब 13 वर्षों से पुलिस और एसटीएफ (STF) की आंखों में धूल झोंक रहे एक लाख रुपये के इनामी मोस्ट वांटेड अपराधी संदीप को पुलिस ने एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। मटौन्ध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ के पास हुई इस मुठभेड़ में बदमाश के पैर में गोली लगी है। शातिर अपराधी के पकड़े जाने से पुलिस महकमे ने राहत की सांस ली है, क्योंकि यह बदमाश पुलिस अभिरक्षा से भागने और हथियार लूटने जैसे दुस्साहसिक वारदातों में शामिल रहा था।
मुखबिर की सूचना पर सोना खदान के पास घेराबंदी
पुलिस अधीक्षक पलाश बंसल को सटीक मुखबिर से सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहा अपराधी संदीप मटौन्ध थाना क्षेत्र के भूरागढ़ स्थित सोना खदान के पास छिपा हुआ है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसपी ने तत्काल अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज और सहायक पुलिस अधीक्षक/क्षेत्राधिकारी नगर मेविस टॉक के कुशल पर्यवेक्षण में एसओजी (SOG) और मटौन्ध पुलिस की एक संयुक्त टीम का गठन किया।
पुलिस टीम ने सुनसान सोना खदान के इलाके की घेराबंदी शुरू की। पुलिस की मौजूदगी का अहसास होते ही बदमाश संदीप ने आत्मसमर्पण करने के बजाय जान से मारने की नीयत से पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने धैर्य का परिचय देते हुए पहले उसे आत्मसमर्पण के लिए ललकारा, लेकिन जब फायरिंग नहीं रुकी तो आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की गई। पुलिस की गोली संदीप के दाहिने पैर में लगी, जिससे वह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा।
कौन है संदीप? 2012 की वह दुस्साहसिक वारदात
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में अभियुक्त ने अपना नाम संदीप (49 वर्ष) पुत्र शिव अवतार, निवासी ग्राम खोह, थाना कोतवाली कर्वी (चित्रकूट) बताया। संदीप का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और गंभीर है।
- पुलिस की आंखों में झोंकी थी मिर्ची: 8 अगस्त 2012 को संदीप को कर्वी न्यायालय में पेशी के बाद वापस जिला कारागार बांदा ले जाया जा रहा था। रास्ते में उसने फिल्मी अंदाज में पुलिसकर्मियों की आंखों में मिर्ची पाउडर झोंक दिया और उनकी सरकारी राइफल लूटकर फरार हो गया था।
- अतर्रा थाने में दर्ज था मुकदमा: इस दुस्साहसिक घटना के बाद थाना अतर्रा में उसके खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। तब से वह लगातार अपनी लोकेशन बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था।
एक लाख का इनाम और एसटीएफ की तलाश
संदीप की गिरफ्तारी पुलिस के लिए साख का विषय बनी हुई थी। उसकी सक्रियता और फरारी को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक (ADG) संजीव गुप्ता ने उस पर एक लाख रुपये का नकद इनाम घोषित किया था। उत्तर प्रदेश पुलिस के साथ-साथ यूपी एसटीएफ की कई टीमें भी उसके पीछे लगी थीं, लेकिन सफलता बांदा की मटौन्ध पुलिस और एसओजी के हाथ लगी।
बरामदगी और कानूनी कार्रवाई
मुठभेड़ के बाद घायल बदमाश के पास से पुलिस ने निम्नलिखित सामान बरामद किया है:
- एक अवैध तमंचा (.315 बोर)
- दो जिंदा कारतूस
- दो खोखा कारतूस (जो उसने पुलिस पर फायर किए)
- 1140 रुपये नकद
अपर पुलिस अधीक्षक शिवराज ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्त को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। उसकी स्थिति अब खतरे से बाहर है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इन 13 वर्षों के दौरान उसे किन-किन लोगों ने पनाह दी और वह किन अन्य वारदातों में शामिल रहा।
एसपी पलाश बंसल ने थपथपाई टीम की पीठ
13 साल पुराने मोस्ट वांटेड को पकड़ने वाली टीम के साहस की सराहना करते हुए एसपी पलाश बंसल ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बांदा में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है; या तो वे अपराध छोड़ दें या फिर जेल जाने के लिए तैयार रहें।
प्रलभ शरण चौधरी की विशेष रिपोर्ट: संदीप जैसे अपराधी का पकड़ा जाना पुलिस की इंटेलिजेंस और धैर्य की जीत है। 2012 में पुलिस अभिरक्षा से भागकर उसने कानून को जो चुनौती दी थी, उसका अंत आज भूरागढ़ की खदानों में हुआ। इस गिरफ्तारी से जनपद में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे।
जुर्म के खिलाफ सबसे तेज खबर – ट्रुथ इंडिया टाइम्स
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.