मौसम का यू-टर्न
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। जनपद में शुक्रवार की सुबह से ही मौसम के बदले मिजाज ने अन्नदाताओं की माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिले के विभिन्न हिस्सों में तेज हवाओं के साथ शुरू हुई हल्की बारिश ने खेतों में खड़ी और काटकर रखी गई फसलों के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। विशेषकर गेहूं, अरहर और चना की पकी हुई फसलों को भारी नुकसान की आशंका जताई जा रही है।
तापमान में गिरावट और तेज हवाओं का असर
शुक्रवार को जिले का न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। 16 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही ठंडी हवाओं के कारण वातावरण में अचानक कनकनी बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक आसमान में बादलों का डेरा रहेगा और रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है।
किसानों की साल भर की मेहनत दांव पर
क्षेत्र के किसानों का कहना है कि इस समय गेहूं, अरहर और चना की फसलें पूरी तरह पककर तैयार हैं। कई प्रगतिशील किसानों ने कटाई का काम भी शुरू कर दिया था और कटी हुई फसलें अभी खेतों में ही पड़ी हैं। ऐसे में बेमौसम बारिश से दाने काले पड़ने और फसल के सड़ने का डर बना हुआ है।
किसानों ने विशेष रूप से ओलावृष्टि को लेकर भारी आशंका व्यक्त की है। उनका कहना है कि यदि बारिश के साथ ओले गिरे, तो पकी हुई खड़ी फसलें जमीन पर बिछ जाएंगी, जिससे साल भर की मेहनत और जमा-पूंजी पूरी तरह बर्बाद हो सकती है। फिलहाल, मौसम के इस बदलते तेवर ने ग्रामीण इलाकों में बेचैनी बढ़ा दी है और किसान अपनी उपज को सुरक्षित करने की जुगत में लगे हैं।
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