आरपीएफ की 'स्पेशल ड्राइव'
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। रेलवे यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) पूरी तरह मुस्तैद है। मंगलवार, 24 फरवरी को बांदा रेलवे स्टेशन पर एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान संपर्क क्रांति एक्सप्रेस सहित अन्य प्रमुख ट्रेनों में कोच अटेंडेंट, बैडरोल स्टाफ और सफाई कर्मियों (OBHS) की सघन जांच की गई। आरपीएफ की इस सक्रियता से यात्रियों के बीच सुरक्षा का भाव बढ़ा है, वहीं नियमों की अनदेखी करने वालों में हड़कंप मच गया है।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई
यह पूरी कार्रवाई प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त (PCSC), रेल सुरक्षा बल, प्रयागराज और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त (DSC), रेल सुरक्षा बल, झांसी के दिशा-निर्देशों के तहत की गई। बांदा आरपीएफ की प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने अपनी टीम और एसआईबी (SIB) बांदा के साथ मिलकर रेलवे स्टेशन पर मोर्चा संभाला। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ट्रेनों के भीतर काम करने वाले बाहरी कर्मचारियों की कार्यशैली और उनके व्यवहार की जांच करना था।
नशे और अनधिकृत गतिविधियों पर रही कड़ी नजर
निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी के नेतृत्व में टीम ने गाड़ी संख्या 12447 उत्तर प्रदेश संपर्क क्रांति एक्सप्रेस और स्टेशन पर रुकी अन्य विशेष ट्रेनों के एसी और स्लीपर कोचों में जाकर कर्मचारियों को चेक किया। जांच के दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर ध्यान दिया गया:
- नशे की जांच: यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी अटेंडेंट, बैडरोल स्टाफ या सफाई कर्मी ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में तो नहीं है।
- अवांछनीय सामान: कोच अटेंडेंट के पास मौजूद सामान की तलाशी ली गई ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी प्रतिबंधित या ज्वलनशील पदार्थ ट्रेन में न ले जाया जा रहा हो।
- अनाधिकृत प्रवेश: स्टाफ को सख्त हिदायत दी गई कि वे अपनी मिलीभगत से किसी भी बाहरी या बिना टिकट यात्री को कोच में न बैठाएं।
‘फायर ड्राइव’ और रात्रि सुरक्षा के निर्देश
अभियान के दौरान प्रभारी निरीक्षक ने कर्मचारियों को अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के प्रति जागरूक किया। उन्होंने निर्देश दिए कि आग लगने की स्थिति में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की जानकारी सभी को होनी चाहिए। साथ ही, रात्रि के समय सुरक्षा के मद्देनजर उन्होंने कर्मचारियों को आदेश दिए कि:
- रात्रि में कोच के दरवाजे अनिवार्य रूप से बंद रखे जाएं।
- किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल आरपीएफ या जीआरपी को दी जाए।
- यात्रियों की सुरक्षा के प्रति सामान्य से अधिक सतर्कता बरती जाए।
आगामी त्योहारों को लेकर यात्रियों को किया जागरूक
होली जैसे आगामी त्योहारों के मद्देनजर ट्रेनों में भीड़ बढ़ने की संभावना को देखते हुए आरपीएफ ने यात्रियों के बीच जागरूकता अभियान भी चलाया। प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने यात्रियों को व्यक्तिगत रूप से सलाह दी कि:
- भीड़भाड़ वाले समय में अपने कीमती सामान का विशेष ध्यान रखें।
- यात्रा के दौरान किसी भी अपरिचित व्यक्ति से अनावश्यक मित्रता न करें।
- जहरखुरानी की घटनाओं से बचने के लिए अनजान व्यक्ति द्वारा दी गई कोई भी खाने-पीने की वस्तु (जैसे बिस्किट, चाय या कोल्ड ड्रिंक) कतई न लें।
- चलती ट्रेन में चढ़ने या उतरने का जोखिम न उठाएं, क्योंकि यह जानलेवा हो सकता है।
सुरक्षा व्यवस्था पर आरपीएफ का रुख
प्रभारी निरीक्षक ने स्पष्ट किया कि यात्रियों का सफर सुरक्षित और सुखद बनाना आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि इस तरह के औचक निरीक्षण भविष्य में भी जारी रहेंगे ताकि ट्रेनों में तैनात स्टाफ अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी ईमानदारी और अनुशासन के साथ करें।
बांदा आरपीएफ की इस मुस्तैदी की यात्रियों ने भी सराहना की है। सुरक्षा की इस ‘ड्राइव’ ने यह संदेश दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले रेल कर्मियों या अपराधियों के खिलाफ विभाग बेहद सख्त है।
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