महाराजा खेत सिंह खंगार की जयंती पर सपा का शक्ति प्रदर्शन
बांदा |प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
बांदा। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार, शनिवार 27 दिसंबर 2025 को बांदा स्थित जिला कार्यालय में खंगार समाज के गौरव और गढ़कुंडार रियासत के महाराजा खेत सिंह खंगार जी की जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। इस अवसर पर सपा नेताओं ने भाजपा सरकार पर जमकर हमला बोला और खंगार समाज के अपमान का मुद्दा उठाते हुए आगामी चुनावों के लिए हुंकार भरी। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा ने की, जबकि मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सचिव श्याम बाबू खंगार उपस्थित रहे।
“शासक से शोषक बनाने की कूटनीति का होगा अंत”
मुख्य अतिथि श्याम बाबू खंगार ने महाराजा खेत सिंह खंगार के चित्र पर माल्यार्पण कर उनके जीवन संघर्ष पर प्रकाश डाला। उन्होंने भावुक होते हुए कहा, “महाराजा खेत सिंह खंगार जी के वंशज मूलतः शासक वर्ग से थे, लेकिन इतिहास के पन्नों में सामंतवादी ताकतों ने अपनी कूटनीति से हमें शोषक और उपेक्षित वर्ग में धकेल दिया। आज वक्त आ गया है कि खंगार समाज एकजुट होकर अपनी खोई हुई विरासत और सम्मान को वापस पाए। हमें वर्तमान भाजपा सरकार की सामंती सोच को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा।”
मूर्ति विवाद पर गरमाई राजनीति
जिला अध्यक्ष डॉ. मधुसूदन कुशवाहा ने बांदा में महाराजा खेत सिंह खंगार की मूर्ति के साथ हुई तोड़फोड़ का मुद्दा उठाते हुए प्रशासन को घेरा। उन्होंने कहा, “2 साल पहले शहर के एक चौराहे पर स्थापित महाराजा की मूर्ति को अराजक तत्वों ने क्षतिग्रस्त कर दिया था। समाजवादी पार्टी और खंगार महासभा ने बार-बार ज्ञापन दिए, आंदोलन किए, लेकिन सामंती सोच वाली सरकार ने न तो मूर्ति ठीक कराई और न ही नई मूर्ति लगवाई। यह पूरे खंगार समाज का अपमान है।”
सपा सरकार बनी तो गोमती रिवर फ्रंट पर लगेगी मूर्ति
डॉ. कुशवाहा ने अखिलेश यादव का संदेश पढ़ते हुए बड़ी घोषणा की। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा से PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) के महापुरुषों का सम्मान करती आई है। उन्होंने वादा किया कि उत्तर प्रदेश में समाजवादी सरकार बनते ही लखनऊ के गोमती रिवर फ्रंट पर महाराजा खेत सिंह खंगार की भव्य मूर्ति स्थापित की जाएगी, ताकि आने वाली पीढ़ियां उनके शौर्य से प्रेरणा ले सकें।
दिग्गजों का जमावड़ा और प्रसाद वितरण
समारोह में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने महाराजा के जयघोष किए और प्रसाद वितरण कर खुशियां मनाईं। कार्यक्रम का कुशल संचालन जिला महासचिव एजाज खान ने किया।
प्रमुख वक्ता एवं उपस्थित पदाधिकारी: समारोह को जिला उपाध्यक्ष इंद्रजीत यादव, सांसद प्रतिनिधि पुरुषोत्तम गुप्ता, नीलम गुप्ता, नगर अध्यक्ष कुतैबा जमा और रामलाल प्रजापति ने भी संबोधित किया। कार्यक्रम में लोहिया वाहिनी की जिला अध्यक्ष सुमन दिवाकर, प्रिंसी पटेल, पूर्व अध्यक्ष मोहन साहू, मुन्ना सिंह पटेल (नारायणी), प्रमोद निषाद (तिंदवारी) समेत खंगार समाज के भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।
विशेष रूप से विक्रम सिंह आर्यन, धर्मेंद्र सिंह खंगार, जितेंद्र सिंह, कुलदीप सिंह, अमित सिंह, रामनरेश, रमेश, रोहित, शिवनंदन, आशीष, अरुण, हरकेश, बुद्धू सिंह, सीता सिंह, रविंद्र, विमल, भुवन राज सिंह और अशोक सिंह खंगार सहित सैकड़ों पदाधिकारियों ने महाराजा के सिद्धांतों पर चलने का संकल्प लिया।
प्रलभ शरण चौधरी की विशेष रिपोर्ट: “वोट बैंक नहीं, सम्मान की लड़ाई”
बांदा का यह आयोजन केवल एक जयंती समारोह नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में ‘खंगार समाज’ को सपा के पाले में लाने की एक बड़ी रणनीतिक कोशिश है। मूर्ति के मुद्दे को उठाकर सपा ने सीधे तौर पर समाज की भावनाओं को छुआ है। अब देखना यह होगा कि भाजपा इस ‘मूर्ति कार्ड’ का क्या जवाब देती है।
लोकतंत्र की आवाज़, निष्पक्ष समाचार – ट्रुथ इंडिया टाइम्स
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