दीवार तोड़कर दो घरों में घुसे चोर
बांदा | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में अपराध और चोरी की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामला शहर कोतवाली थाना क्षेत्र के मवई बुजुर्ग गांव की नई बस्ती से सामने आया है, जहां बीती रात अज्ञात चोरों ने दो मकानों को अपना निशाना बनाते हुए पुलिस की गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को खुली चुनौती दे डाली। चोरों ने न केवल घर की दीवार तोड़कर कीमती गहने और नकदी पार की, बल्कि बेजुबान जानवरों को भी नहीं छोड़ा।
भैंस की तलाश में गया था परिवार, पीछे से लुट गया घर
इस पूरी वारदात की सबसे दुखद और चौंकाने वाली बात यह रही कि पीड़ित परिवारों में से एक अपनी खोई हुई भैंस को ढूंढने के लिए घर से निकला था। मवई बुजुर्ग गांव की नई बस्ती निवासी पीड़ितों ने बताया कि इलाके में पहले ही पशु चोरी की घटनाएं हो रही थीं। बीती रात जब एक परिवार अपनी भैंस की तलाश में गांव के बाहर और खेतों की ओर गया हुआ था, तभी सूने घर का फायदा उठाकर चोरों ने सेंधमारी कर दी।
चोरों ने घर के पीछे की दीवार को बहुत ही शातिर तरीके से तोड़ा और अंदर दाखिल हो गए। घर में रखे संदूक और अलमारियों के ताले तोड़कर चोरों ने सोने-चांदी के जेवरात, कीमती कपड़े और हजारों रुपये की नकदी पर हाथ साफ कर दिया। जब परिवार वापस लौटा, तो घर का नजारा देखकर उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। सामान बिखरा पड़ा था और जीवन भर की जमा पूंजी गायब थी।
एक ही रात में दो घरों को बनाया निशाना
चोरों के हौसले इतने बुलंद थे कि उन्होंने एक घर के बाद ठीक दूसरे पड़ोसी के घर में भी इसी तरह की वारदात को अंजाम दिया। दूसरे घर से चोरों ने घर के आंगन में बंधी कीमती बकरियां चोरी कर लीं। ग्रामीणों का कहना है कि चोरों की संख्या संभवतः चार से पांच रही होगी और वे किसी बड़े वाहन के साथ आए थे, क्योंकि इतनी मात्रा में सामान और मवेशियों को ले जाना बिना वाहन के मुमकिन नहीं है।
पीड़ितों के अनुसार, चोरी गए सामान की कुल कीमत लाखों में आंकी जा रही है। गांव में एक ही रात में हुई दो बड़ी चोरियों से दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब वे अपने ही घरों में सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर उठ रहे सवाल
घटना की जानकारी मिलते ही सुबह गांव में भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना पाकर स्थानीय पुलिस और कोतवाली प्रभारी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ितों के बयान दर्ज किए हैं। हालांकि, ग्रामीणों में पुलिस की सुस्त गश्त को लेकर भारी आक्रोश है।
मवई बुजुर्ग के निवासियों का आरोप है कि रात के समय पुलिस की पेट्रोलिंग न के बराबर होती है, जिसका फायदा उठाकर अपराधी तत्व सक्रिय हो गए हैं। “हम रात भर जागकर अपने पशुओं की रखवाली करें या सोएं? अगर पुलिस मुस्तैद होती, तो चोर दीवार तोड़ने की हिम्मत नहीं कर पाते,” एक पीड़ित ग्रामीण ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा।
चोरी की बढ़ती घटनाएं और सुरक्षा की मांग
बांदा के ग्रामीण इलाकों में पिछले कुछ महीनों में पशु चोरी और नकबजनी की वारदातों में इजाफा हुआ है। मवई बुजुर्ग की यह घटना उसी कड़ी का हिस्सा मानी जा रही है। फिलहाल, पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और दावा किया है कि जल्द ही गिरोह को पकड़ लिया जाएगा।
पुलिस टीम आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों (यदि कहीं मौजूद हैं) की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ की जा रही है। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि क्या पुलिस इन चोरों तक पहुंच पाएगी या यह मामला भी फाइलों में दबकर रह जाएगा?
निष्कर्ष: यह घटना प्रशासन के लिए एक चेतावनी है कि ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक पुख्ता करने की आवश्यकता है। जब तक पुलिस की सक्रियता नहीं बढ़ेगी, तब तक आम आदमी अपनी मेहनत की कमाई और संपत्ति को लेकर इसी तरह आशंकित रहेगा।
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