शरीर पर मिले करंट और प्रताड़ना के गहरे निशान
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
मुख्य संवाददाता: रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने मानवता को झकझोर कर रख दिया है। एक 4 साल के मासूम बच्चे, जिसे अभी दुनिया की समझ भी नहीं थी, उसे उसके ही अपने पिता भीष्म खरबंदा और सौतेली माँ रागिनी ने मिलकर मौत के घाट उतार दिया। यह केवल एक हत्या नहीं, बल्कि महीनों से चली आ रही रोंगटे खड़े कर देने वाली प्रताड़ना का खौफनाक अंत है।
नानी और मामा का छलका दर्द
मासूम के मामा और नानी ने जब इस घटना की जानकारी दी, तो सुनने वालों की आँखें नम हो गईं। मामा का आरोप है कि भीष्म और रागिनी ने मिलकर उनके भांजे को अपने रास्ते का कांटा समझ लिया था। उन्होंने बताया, “जब भी मैं और मेरी माँ (बच्चे की नानी) उससे मिलने जाते थे, उसके नन्हे शरीर पर चोट के नए निशान मिलते थे। वह बच्चा डरा-सहमा रहता था, लेकिन हमें अंदाज़ा नहीं था कि ये लोग इतने क्रूर हो जाएंगे।”
करंट और बेरहमी की इंतहा
परिजनों के अनुसार, मासूम को केवल पीटा ही नहीं जाता था, बल्कि उसे बिजली के झटके (करंट) भी दिए जाते थे। सौतेली माँ रागिनी और पिता भीष्म बच्चे को अक्सर प्रताड़ित करते थे। मामा ने सिसकते हुए बताया कि बच्चे के शरीर पर पुराने जख्म इस बात की गवाही दे रहे हैं कि उसे लंबे समय से नर्क जैसी स्थिति में रखा गया था। अंततः दोनों ने मिलकर मासूम को हमेशा के लिए अपने रास्ते से हटा दिया।
‘रास्ते का कांटा’ बना मासूम
प्राथमिक जानकारी के अनुसार, भीष्म और उसकी दूसरी पत्नी रागिनी बच्चे को अपने वैवाहिक जीवन में बाधा मानते थे। सौतेली माँ का व्यवहार शुरू से ही बच्चे के प्रति हिंसक था, जिसमें पिता ने भी उसका पूरा साथ दिया। एक रक्षक ही जब भक्षक बन जाए, तो मासूम अपनी जान बचाने कहाँ जाता? पड़ोसियों और रिश्तेदारों के बयानों से भी यह संकेत मिल रहे हैं कि घर के भीतर बच्चे के साथ लगातार दुर्व्यवहार किया जा रहा था।
पुलिस कार्रवाई और कानूनी पहलू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्चे के शरीर पर मौजूद चोटों और प्रताड़ना के निशानों की विस्तृत जानकारी सामने आने की उम्मीद है। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर हत्या और प्रताड़ना की धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी भीष्म खरबंदा और रागिनी से पूछताछ की जा रही है और जल्द ही उन्हें सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी है।
समाज के लिए बड़ा सवाल
यह घटना हमारे समाज के उस काले पक्ष को उजागर करती है जहाँ मासूमियत पर बेरहमी हावी हो जाती है। ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ इस दुखद घड़ी में पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है और प्रशासन से मांग करता है कि ऐसे दरिंदों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाए ताकि फिर किसी भीष्म या रागिनी की हिम्मत न हो कि वह किसी मासूम की मुस्कान छीन सके।
इस मामले में पुलिस की अगली कार्रवाई और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के खुलासों पर हमारी नजर बनी रहेगी।
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