DM की चौपाल में 'ऑन द स्पॉट' समाधान
प्रलभ शरण चौधरी/उन्नाव।Truth India Times
उन्नाव: शासन की योजनाओं को सीधे जनता की दहलीज तक पहुँचाने के उद्देश्य से सोमवार शाम उन्नाव के सिकंदरपुर करन विकास खंड की ग्राम पंचायत मगरवारा में एक भव्य ‘ग्राम चौपाल’ का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी (DM) गौरांग राठी की अध्यक्षता में आयोजित इस चौपाल में गांव की सरकार और जिला प्रशासन एक साथ नजर आए। जिलाधिकारी ने स्पष्ट लहजे में अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के समाधान में हीलाहवाली बर्दाश्त नहीं की जाएगी और लापरवाही करने वाले अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
समस्याओं का अंबार, समाधान की दरकार
मगरवारा ग्राम पंचायत में आयोजित इस चौपाल में ग्रामीणों ने अपनी बुनियादी समस्याओं की झड़ी लगा दी। जिलाधिकारी के सामने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे आए:
- पेंशन और आवास: वृद्धा, विधवा और दिव्यांग पेंशन के लंबित मामले तथा प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए पात्रों का चयन।
- बिजली की समस्या: जर्जर विद्युत तार, गलत बिजली बिल और स्मार्ट मीटर से जुड़ी शिकायतें।
- राजस्व और दस्तावेज़: जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, आधार कार्ड की डीबीटी लिंकिंग और राजस्व अभिलेखों में सुधार।
- बुनियादी ढांचा: जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन, राशन वितरण में पारदर्शिता और गांव की सड़कों की मरम्मत।
जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को एक-एक शिकायत नोट करने और उनके त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए।
70+ बुजुर्गों के लिए विशेष अभियान: आयुष्मान कार्ड पर जोर
DM गौरांग राठी ने स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान देते हुए स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए कि 70 वर्ष से अधिक आयु के प्रत्येक पात्र व्यक्ति का ‘आयुष्मान गोल्डन कार्ड’ अनिवार्य रूप से बनाया जाए। उन्होंने कहा कि गंभीर बीमारियों के इलाज में यह कार्ड गरीबों के लिए वरदान है, इसलिए इसके पंजीकरण में कोई भी पात्र व्यक्ति छूटना नहीं चाहिए।
बिजली बिल में राहत के लिए लगेंगे कैंप
बिजली विभाग की शिकायतों पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने ‘बिजली बिल राहत योजना’ और स्मार्ट मीटर की समस्याओं के समाधान के लिए गांव में ही विशेष कैंप लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि उपभोक्ताओं को बिजली दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें, विभाग खुद जनता के बीच जाकर समस्याओं को सुलझाए।
विभिन्न विभागों के स्टालों का निरीक्षण
चौपाल स्थल पर पंचायती राज, आईसीडीएस (बाल विकास), आयुष्मान भारत, पेंशन और स्वयं सहायता समूहों (SHG) ने अपने-अपने स्टॉल लगाए थे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक स्टॉल का बारीकी से निरीक्षण किया और वहां मौजूद लाभार्थियों से फीडबैक लिया। मौके पर ही कई नए लाभार्थियों का पंजीकरण भी कराया गया।
महिला सशक्तिकरण और गरीब कल्याण
जिलाधिकारी ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा तैयार किए गए उत्पादों (केक, पूजा सामग्री आदि) की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ग्रामीण महिलाओं का आत्मनिर्भर होना ही असली ‘महिला सशक्तिकरण’ है। इसके बाद, कड़ाके की ठंड को देखते हुए डीएम ने गांव के निराश्रित, गरीब और असहाय व्यक्तियों को कंबल वितरित किए। कार्यक्रम के अंत में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र भी प्रदान किए गए।
अधिकारियों की लंबी फौज रही मौजूद
मगरवारा की इस चौपाल में प्रशासनिक अमला पूरी मुस्तैदी के साथ मौजूद रहा। इस अवसर पर परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, जिला विकास अधिकारी देव चतुर्वेदी, एसडीएम सदर क्षितिज दुबे, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी और जिला श्रम प्रवर्तन अधिकारी समेत सभी प्रमुख विभागों के विभागाध्यक्ष उपस्थित रहे।
Truth India Times की खास रिपोर्ट: चौपाल के मुख्य निष्कर्ष
| योजना/क्षेत्र | जिलाधिकारी के कड़े निर्देश |
| आयुष्मान भारत | 70+ बुजुर्गों का प्राथमिकता पर गोल्डन कार्ड बनाना। |
| पेंशन योजनाएं | निराश्रित, विधवा और दिव्यांग पेंशन का भौतिक सत्यापन और त्वरित स्वीकृति। |
| विद्युत विभाग | जर्जर तार बदलना और गलत बिजली बिलों के सुधार हेतु कैंप। |
| महिला समूह | स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों के लिए बेहतर बाजार सुनिश्चित करना। |
| प्रशासनिक जवाबदेही | सभी लंबित जन शिकायतों का निस्तारण समय सीमा के भीतर। |
Truth India Times का नजरिया:
ग्राम चौपाल जैसे आयोजन लोकतंत्र की मजबूती का आधार हैं। जब जिले का सबसे बड़ा अधिकारी गांव की धूल भरी पगडंडियों पर बैठकर जनता की बात सुनता है, तो सिस्टम के प्रति लोगों का विश्वास बढ़ता है। मगरवारा की इस चौपाल ने यह साबित किया है कि अगर नीयत साफ हो, तो समस्याओं का समाधान चौखट पर भी संभव है। अब जिम्मेदारी उन मातहत अधिकारियों की है, जिन्हें जिलाधिकारी ने समय सीमा के भीतर काम पूरा करने का आदेश दिया है।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.