'दुबे खानदान' पर पुलिस का शिकंजा
प्रलभ शरण चौधरी/कानपुर/Truth India Times
कानपुर: कानपुर के चर्चित अपराधी अखिलेश दुबे के परिवार की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। पुलिस ने अब अखिलेश की बेटी सौम्या दुबे और उसके भाई सर्वेश दुबे के खिलाफ कानूनी घेराबंदी और सख्त कर दी है। फरारी काट रहे इन दोनों आरोपियों पर पुलिस कमिश्नरेट ने 25-25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया है। साथ ही, अदालत की ओर से इनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट (NBW) भी जारी किया गया है। पुलिस की आधा दर्जन टीमें इनकी तलाश में संभावित ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी कर रही हैं।
फरार सौम्या और सर्वेश पर इनाम की घोषणा
अखिलेश दुबे, जो पहले से ही विभिन्न आपराधिक मामलों में कानपुर जेल की सलाखों के पीछे है, उसके परिवार के अन्य सदस्य भी अब कानून के शिकंजे में हैं। सौम्या और सर्वेश पर आरोप है कि वे आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और पुलिस की जांच में सहयोग करने के बजाय फरार चल रहे हैं।
पुलिस उपायुक्त (DCP) ने बताया कि बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद दोनों आरोपी हाजिर नहीं हुए, जिसके बाद कोर्ट से एनबीडब्ल्यू (NBW) लिया गया। अब पुलिस ने इन पर इनाम घोषित कर दिया है, ताकि जनता से भी इनके बारे में जानकारी जुटाई जा सके। सूचना देने वाले का नाम गुप्त रखा जाएगा।
अखिलेश दुबे का ‘अस्पताल ड्रामा’ और पुलिस की सख्ती
इस बीच, जेल में बंद अखिलेश दुबे को लेकर भी एक बड़ा खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि बीमारी का बहाना बनाकर अखिलेश पिछले कुछ समय से अस्पताल में ‘आराम’ फरमाता हुआ पाया गया। जब उच्चाधिकारियों को इसकी भनक लगी, तो पुलिस टीम ने अस्पताल का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान अखिलेश अस्पताल के बेड पर बेहद सामान्य स्थिति में मिला, जबकि उसने गंभीर बीमारी का दावा किया था। पुलिस का मानना है कि यह जेल से बाहर रहने और बाहरी दुनिया से संपर्क साधने की एक सोची-समझी साजिश थी। इस खुलासे के बाद अस्पताल की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जेल प्रशासन को कड़ी रिपोर्ट भेजी गई है।
कानपुर में ‘दुबे’ साम्राज्य पर प्रहार
अखिलेश दुबे का नाम कानपुर के अपराध जगत में नया नहीं है। रंगदारी, जमीन कब्जाने और मारपीट जैसे दर्जनों मामले इस परिवार से जुड़े रहे हैं। पुलिस अब इनके आर्थिक साम्राज्य और मददगारों की लिस्ट भी तैयार कर रही है।
- बेटी सौम्या की भूमिका: पुलिस जांच में सामने आया है कि सौम्या अपने पिता के अवैध कारोबार और लेन-देन के हिसाब-किताब में सक्रिय भूमिका निभा रही थी।
- भाई सर्वेश का नेटवर्क: सर्वेश दुबे पर आरोप है कि वह अखिलेश के जेल जाने के बाद बाहर के ‘नेटवर्क’ को संचालित कर रहा था और गवाहों को डराने-धमकाने का काम कर रहा था।
ताबड़तोड़ छापेमारी और दबिश
पुलिस की सर्विलांस टीम सौम्या और सर्वेश के मोबाइल लोकेशन को ट्रैक कर रही है। सूत्रों के मुताबिक, उनके कुछ करीबी रिश्तेदारों और करीबियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस को शक है कि ये दोनों शहर छोड़कर किसी पड़ोसी राज्य में शरण लिए हुए हैं। पुलिस ने इनके घर और दफ्तरों पर भी कुर्की (Property Attachment) की नोटिस चस्पा करने की तैयारी शुरू कर दी है।
पुलिस कमिश्नरेट की चेतावनी
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि अपराधियों को संरक्षण देने वालों को भी नहीं बख्शा जाएगा। यदि कोई भी व्यक्ति इनामी सौम्या या सर्वेश को पनाह देता पाया गया, तो उसके खिलाफ भी गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
निष्कर्ष: कानपुर पुलिस की यह कार्रवाई संदेश देती है कि अपराधी चाहे कितना भी रसूखदार क्यों न हो, कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता। अखिलेश दुबे के जेल में होने और अब परिवार के दो मुख्य सदस्यों पर इनाम घोषित होने से इस गैंग की कमर टूटती नजर आ रही है। जनता की निगाहें अब पुलिस की अगली कार्रवाई और इन दोनों की गिरफ्तारी पर टिकी हैं।
खबर के मुख्य बिंदु (Highlights):
- आरोपी: सौम्या दुबे (बेटी) और सर्वेश दुबे (भाई)।
- इनाम राशि: 25-25 हजार रुपये (प्रत्येक)।
- कानूनी स्थिति: गैर-जमानती वारंट (NBW) जारी, पुलिस की छापेमारी जारी।
- अखिलेश दुबे: अस्पताल में बीमारी का बहाना बनाने पर पुलिस की कड़ी नजर।
- पुलिस की रणनीति: मददगारों की पहचान और संपत्ति कुर्की की तैयारी।
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