सपा के हसन रूमी, बोले- "हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखीं, करके दिखाएं
(प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स)
कानपुर : उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर की राजनीति में एक बार फिर सांप्रदायिक और तीखी बयानबाजी ने उबाल ला दिया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) और समाजवादी पार्टी (SP) के विधायक आमने-सामने आ गए हैं। विवाद की शुरुआत भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर के एक विवादित बयान से हुई, जिसमें उन्होंने मस्जिद को लेकर विवादित टिप्पणी की थी। इस पर पलटवार करते हुए सपा के कद्दावर नेता और कैंट विधायक हसन रूमी ने उन्हें खुला चैलेंज दे दिया है। हसन रूमी ने दो टूक शब्दों में कहा कि हम डरने वाले नहीं हैं और हमने भी हाथों में चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं।
क्या है पूरा विवाद? (BJP विधायक का बयान)
मामले की चिंगारी तब सुलगी जब कानपुर की बिल्हौर सीट से भाजपा विधायक राहुल बच्चा सोनकर का एक बयान सामने आया। एक कार्यक्रम के दौरान विधायक ने कथित तौर पर कहा कि “मस्जिद के बाहर बोटियां मिलेंगी।” उनके इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद अल्पसंख्यक समुदाय और विपक्षी दलों में भारी आक्रोश फैल गया। इस बयान को सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
सपा विधायक हसन रूमी का करारा पलटवार
भाजपा विधायक की इस टिप्पणी पर कैंट से समाजवादी पार्टी के विधायक हसन रूमी ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने कानपुर के गंगा-जमुनी तहजीब का हवाला देते हुए भाजपा पर समाज को बांटने का आरोप लगाया।
हसन रूमी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “भाजपा विधायक ने जो बयान दिया है, वह उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाता है। मैं उन्हें चुनौती देता हूँ कि वह ऐसा करके तो दिखाएं। अगर वह समझते हैं कि वह डरा लेंगे, तो वह गलतफहमी में हैं। हमने भी चूड़ियां नहीं पहन रखी हैं। हम अपने हक और इबादतगाहों की हिफाजत करना अच्छी तरह जानते हैं।”
📊 कानपुर सियासी घमासान: आमने-सामने दो विधायक
| विवरण (Description) | भाजपा पक्ष (BJP Side) | सपा पक्ष (SP Side) |
| विधायक का नाम | राहुल बच्चा सोनकर (बिल्हौर) | हसन रूमी (कैंट) |
| विवादित बयान | “मस्जिद के बाहर बोटियां मिलेंगी” | “हमने चूड़ियां नहीं पहन रखीं, करके दिखाएं” |
| राजनीतिक स्टैंड | हिंदुत्व और आक्रामक राजनीति | अल्पसंख्यक अधिकार और तीखा पलटवार |
| मांग/चुनौती | सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का आरोप | खुला चैलेंज और कार्रवाई की मांग |
“शहर का माहौल खराब करने की साजिश”
हसन रूमी ने आगे कहा कि कानपुर हमेशा से भाईचारे का प्रतीक रहा है, लेकिन भाजपा के नेता अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए नफरत की राजनीति का सहारा ले रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे भड़काऊ बयान देने वाले जनप्रतिनिधि पर तत्काल कार्रवाई की जाए। सपा विधायक ने चेतावनी दी कि अगर भाजपा विधायक के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाए गए, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन करेगी।
भाजपा विधायक की सफाई और राजनीतिक गलियारों में हलचल
दूसरी तरफ, भाजपा खेमे में इस बयान को लेकर मिली-जुली प्रतिक्रिया है। कुछ समर्थकों का कहना है कि विधायक के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है, जबकि विपक्षी इसे सीधे तौर पर शांति भंग करने की कोशिश मान रहे हैं। कानपुर पुलिस और खुफिया विभाग भी इस पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है ताकि शहर के संवेदनशील इलाकों में तनाव की स्थिति पैदा न हो।
कानपुर की जनता में भी चर्चा
सोशल मीडिया पर दोनों विधायकों के बयान वायरल होने के बाद आम जनता के बीच भी बहस छिड़ गई है। प्रबुद्ध वर्ग का मानना है कि नेताओं को विकास और जनहित के मुद्दों पर बात करनी चाहिए, न कि धर्म और नफरत के नाम पर एक-दूसरे को नीचा दिखाना चाहिए।
आने वाले दिनों में यह विवाद और कितना तूल पकड़ेगा, यह देखना दिलचस्प होगा, लेकिन फिलहाल कानपुर की सियासत इस ‘जुबानी जंग’ से पूरी तरह तप चुकी है।
रिपोर्ट: प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स (Truth India Times)
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