चाची को देख प्रेमी को संदूक में छिपाया
कानपुर | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले से प्रेम प्रसंग का एक ऐसा फिल्मी और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है। चकेरी थाना क्षेत्र के अहिरवां इलाके में एक युवती ने अपनी चाची की आहट सुनकर अपने प्रेमी को लोहे के एक बड़े बक्से में बंद कर दिया। युवक करीब 45 मिनट तक उस बंद संदूक के अंदर मौत और जिंदगी के बीच झूलता रहा। अंत में पुलिस की दखल और परिवार के हंगामे के बाद ताला तोड़ा गया, तब जाकर युवक को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका।
सूने घर में पहुंचे प्रेमी, चाची ने फेरा मंसूबों पर पानी
घटना शुक्रवार की है। युवती का भाई ट्रैक्टर लेकर काम पर गया था और मां फैक्ट्री गई हुई थी। घर को खाली पाकर युवती ने अपने प्रेमी दीपू (परिवर्तित नाम) को घर बुला लिया। दोनों घर के अंदर बातचीत कर रहे थे, तभी पड़ोस में रहने वाली उनकी चाची वहां पहुंच गईं। चाची ने बाहर से किसी युवक की आवाज सुनी, जिससे उन्हें शक हो गया। उन्होंने तुरंत दरवाजा खटखटाया, लेकिन युवती ने काफी देर तक गेट नहीं खोला।
हड़बड़ाहट में बक्से को बनाया ‘कवच’, बाहर से जड़ दिया ताला
चाची के बार-बार दरवाजा पीटने से घबराई युवती ने आनन-फानन में प्रेमी को कमरे में रखे एक लोहे के बड़े बक्से (ट्रंक) के अंदर बैठने को कहा। जैसे ही प्रेमी बक्से के अंदर गया, युवती ने ऊपर से रजाई डाल दी और बक्से का ढक्कन बंद कर बाहर से ताला लगा दिया। इसके बाद उसने घर का मुख्य दरवाजा खोला और चाची से किसी के भी अंदर होने की बात से साफ इनकार कर दिया।
शक गहराया तो पुलिस तक पहुंची बात
चाची को युवती की बातों पर यकीन नहीं हुआ। उन्होंने तुरंत युवती के भाई और मां को फोन कर मौके पर बुला लिया। परिजनों ने पूरे घर की तलाशी ली, लेकिन युवक कहीं नजर नहीं आया। इसी बीच चाची का ध्यान कमरे में रखे उस बड़े बक्से की ओर गया। उन्होंने जब बक्से को खोलने को कहा, तो युवती ने चाबी खोने का बहाना बना दिया। शक यकीन में बदला तो परिजनों ने पुलिस को सूचना दे दी।
45 मिनट का ‘दमघोंटू’ संघर्ष और पुलिस का रेस्क्यू
पुलिस के पहुंचने के बाद भी युवती काफी देर तक चाबी न होने की बात पर अड़ी रही। इधर, बक्से के अंदर बंद युवक की सांसें फूलने लगी थीं और वह छटपटाने लगा था। बक्से के अंदर से आ रही हल्की आहट और कराह सुनकर पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। जब पुलिस ने हथौड़ा मंगाकर ताला तोड़ने की कोशिश की, तब डरकर युवती ने चाबी निकाल कर दे दी।
जैसे ही बक्सा खोला गया, अंदर रजाई के नीचे दबा युवक बुरी तरह हांफता हुआ बाहर निकला। वह पसीने से तर-बतर था और ठीक से बोल भी नहीं पा रहा था। करीब 45 मिनट तक ऑक्सीजन की कमी और गर्मी के कारण उसकी स्थिति बिगड़ गई थी।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि युवक और युवती दोनों बालिग हैं और उनके बीच पिछले काफी समय से प्रेम संबंध चल रहे हैं। पुलिस दोनों को थाने ले आई और पूछताछ की गई। परिजनों ने युवक को पीटने का प्रयास भी किया, लेकिन पुलिस की मौजूदगी के कारण मामला शांत रहा। एसीपी चकेरी के अनुसार, अभी तक किसी भी पक्ष से लिखित तहरीर नहीं मिली है। यदि परिवार की ओर से कोई शिकायत दी जाती है, तो उसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर की यह घटना अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे ‘बक्से वाला इश्क’ कहकर मजाकिया और व्यंग्यात्मक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। हालांकि, विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की हरकतें जानलेवा साबित हो सकती थीं, क्योंकि बंद बक्से में ऑक्सीजन की कमी से युवक की जान भी जा सकती थी।
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