'योगीजी इंसाफ दिलाना…' सुसाइड नोट लिख कारोबारी ने दी जान
Kanpur/Truth India Times Digital Desk
कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर से एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक कारोबारी ने अपने बिजनेस पार्टनर की प्रताड़ना और धोखाधड़ी से तंग आकर मौत को गले लगा लिया। सुसाइड से पहले कारोबारी ने जो खौफनाक कदम उठाए, उसने सुनने वालों के रोंगटे खड़े कर दिए हैं। मरने से पहले उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को संबोधित करते हुए दो पन्नों का सुसाइड नोट लिखा और इंसाफ की गुहार लगाई। यह घटना कानपुर के बर्रा थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
मौत से पहले झेली असहनीय पीड़ा: 7 बार काटी कलाई
पुलिस के अनुसार, कारोबारी बेहद तनाव में था। उसकी मानसिक स्थिति का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि फंदे पर लटकने से पहले उसने अपने हाथ की कलाई की नसें सात बार काटीं। खून से लथपथ होने के बाद जब उसे लगा कि शायद उसकी जान इतनी जल्दी नहीं जाएगी, तो उसने अंत में मफलर का फंदा बनाया और पंखे से लटक गया। जब उसकी पत्नी, जो कि हैलट अस्पताल में नर्स के पद पर तैनात है, ड्यूटी से घर लौटी, तब इस खौफनाक वारदात का पता चला।
सुसाइड नोट में लिखा- ‘योगीजी इंसाफ दिलाना’
कारोबारी के पास से दो पन्नों का एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है। नोट की शुरुआत में ही उसने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की अपील की है। उसने लिखा, “योगीजी, मुझे इंसाफ दिलाना… मेरे बिजनेस पार्टनर ने मुझे बर्बाद कर दिया।” सुसाइड नोट में उसने विस्तार से बताया कि कैसे उसके पार्टनर ने करोड़ों के निवेश और मुनाफे के नाम पर उसे धोखे में रखा और अंत में उसे पाई-पाई का मोहताज बना दिया। उसने पार्टनर पर मानसिक प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने के भी आरोप लगाए हैं।
पार्टनर की धोखाधड़ी ने तोड़ी कमर
मृतक के परिजनों का आरोप है कि कारोबारी पिछले कई महीनों से परेशान चल रहा था। बिजनेस में उसने अपनी जमा-पूंजी लगा दी थी, लेकिन पार्टनर ने धोखाधड़ी कर सारे पैसे हड़प लिए। जब उसने अपने पैसों का हिसाब मांगा, तो उसे डराया-धमकाया गया। आर्थिक तंगी और सामाजिक प्रतिष्ठा दांव पर लगने के कारण वह गहरे डिप्रेशन में चला गया था। सुसाइड नोट में पार्टनर और उसके कुछ सहयोगियों के नामों का भी जिक्र है, जिन्होंने उसे इस आत्मघाती कदम के लिए मजबूर किया।
पत्नी हैलट में नर्स, घर में मचा कोहराम
मृतक की पत्नी हैलट अस्पताल में नर्स है। घटना के वक्त वह अपनी ड्यूटी पर थी। जब वह शाम को घर पहुंची और कमरा अंदर से बंद पाया, तो उसे अनहोनी की आशंका हुई। पड़ोसियों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का मंजर देखकर सबकी चीख निकल गई। फर्श पर खून बिखरा हुआ था और कारोबारी का शव फंदे से लटक रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और साक्ष्य जुटाए।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
बर्रा थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस कमिश्नरेट के अधिकारियों का कहना है कि सुसाइड नोट को कब्जे में लेकर हैंडराइटिंग मिलान के लिए भेजा गया है।
- मुकदमे की तैयारी: परिजनों की तहरीर और सुसाइड नोट के आधार पर बिजनेस पार्टनर के खिलाफ ‘आत्महत्या के लिए उकसाने’ (IPC 306) का मामला दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है।
- डिजिटल सबूत: पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल्स और बैंक ट्रांजैक्शन की भी जांच कर रही है ताकि धोखाधड़ी के दावों की पुष्टि हो सके।
कानपुर में बढ़ते सुसाइड के मामले
यह घटना कानपुर में व्यापारियों के बीच बढ़ते मानसिक दबाव और आपसी विवादों की एक गंभीर तस्वीर पेश करती है। सामाजिक संगठनों ने मांग की है कि मुख्यमंत्री के नाम लिखे पत्र को गंभीरता से लिया जाए और दोषियों के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो जो नजीर बने।
निष्कर्ष: एक हंसता-खेलता परिवार बिजनेस की रंजिश की भेंट चढ़ गया। कारोबारी ने भले ही अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली हो, लेकिन पीछे छोड़ गए सुसाइड नोट ने अब पुलिस और प्रशासन के सामने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या ‘योगीजी’ के नाम लिखी गई उसकी अंतिम चिट्ठी उसे न्याय दिला पाएगी? यह अब जांच का विषय है।
खबर के मुख्य अंश (Highlights):
- मृतक: कानपुर का स्थानीय कारोबारी।
- तरीका: कलाई पर 7 घाव और फिर मफलर से फांसी।
- सुसाइड नोट: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से न्याय की मांग।
- आरोप: बिजनेस पार्टनर द्वारा धोखाधड़ी और प्रताड़ना।
- पारिवारिक स्थिति: पत्नी सरकारी अस्पताल में नर्स।
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