गंगापुल पर युवक की संदिग्ध मौत
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर: कानपुर के जाजमऊ थाना क्षेत्र स्थित गंगापुल पर शनिवार सुबह उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राहगीरों ने एक 40 वर्षीय युवक का खून से लथपथ शव पड़ा देखा। मृतक की शिनाख्त बिहार के वैशाली जिले के मोहम्मदपुर निवासी मोहम्मद शाबिर के रूप में हुई है। हालांकि, यह मामला महज एक संदिग्ध मौत का नहीं रह गया है; पुलिस को अब मृतक के सगे भाई पर ही गुमराह करने का गहरा शक है। एक वायरल वीडियो ने इस पूरी घटना को नया मोड़ दे दिया है, जिससे भाई की भूमिका संदिग्ध नजर आ रही है।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार सुबह करीब 9 बजे जाजमऊ पुलिस को सूचना मिली कि पुराने गंगापुल के पैदल ट्रैक पर एक व्यक्ति रक्तरंजित हालत में पड़ा है। पुलिस जब मौके पर पहुँची, तो शाबिर की मौत हो चुकी थी। शरीर से काफी खून बह चुका था। सूचना पाकर शाबिर का बड़ा भाई आबिद भी मौके पर पहुँचा और विलाप करने लगा। आबिद की तहरीर पर पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
भाई की थ्योरी पर पुलिस को क्यों है शक?
शुरुआत में आबिद ने पुलिस को बताया कि शाबिर शुक्रवार रात से ही लापता था और वह उसे रात भर पागलों की तरह तलाशता रहा। उसने दावा किया कि वह रात में गंगापुल पर भी उसे खोजने आया था, लेकिन शाबिर वहां नहीं मिला। आबिद के इस बयान में पुलिस को झोल तब नजर आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने लगा।
वायरल वीडियो के सनसनीखेज दावे:
- वीडियो में शाबिर घायल अवस्था में पुल के पैदल ट्रैक पर पड़ा दिख रहा है।
- चौंकाने वाली बात यह है कि उसी वीडियो में आबिद भी अपने भाई शाबिर के पास खड़ा दिखाई दे रहा है।
- वीडियो में एक राहगीर आबिद को डांटते हुए कह रहा है— “अगर इसकी मौत हो गई तो तुझे जेल जाना पड़ेगा, इसे तुरंत अस्पताल ले जा।”
- राहगीर का कहना है कि आबिद ने उसे भरोसा दिलाया कि वह भाई को अस्पताल ले जा रहा है, जिसके बाद राहगीर वहां से चला गया। लेकिन शाबिर अस्पताल पहुँचने के बजाय सुबह मृत अवस्था में उसी जगह पाया गया।
पुलिस की जांच और सीसीटीवी पर नजर
कैंट एसीपी आकांक्षा पांडेय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो इस केस की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी है। पुलिस यह जांच रही है कि अगर आबिद को पता था कि उसका भाई घायल है, तो उसने उसे तड़पता हुआ छोड़कर भागने का फैसला क्यों किया? क्या यह केवल लापरवाही थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
जांच के मुख्य बिंदु:
- सीसीटीवी फुटेज: पुलिस गंगापुल और उसके आसपास लगे कैमरों को खंगाल रही है ताकि शाबिर और आबिद की लोकेशन और समय की पुष्टि हो सके।
- मौत का कारण: शरीर पर मिले घाव किसी दुर्घटना के हैं या किसी धारदार हथियार से हमला किया गया है, यह पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगा।
- भाई से पूछताछ: पुलिस आबिद के बयानों में विरोधाभास को लेकर उसे हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ कर सकती है।
पोस्टमार्टम के बाद बिहार ले जाया गया शव
शनिवार देर शाम पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शाबिर के परिजन शव को लेकर बिहार के वैशाली जिले के लिए रवाना हो गए। गांव में शाबिर की मौत की खबर से मातम पसरा है, लेकिन कानपुर पुलिस के लिए यह केस एक अनसुलझी पहेली बन गया है। अत्यधिक खून बहना (Excessive Bleeding) मौत की प्राथमिक वजह मानी जा रही है, लेकिन सवाल वही है— शाबिर को समय पर इलाज क्यों नहीं मिला?
निष्कर्ष
अपनों के बीच का भरोसा जब संदेह के घेरे में आता है, तो न्याय की राह और कठिन हो जाती है। क्या आबिद सच बोल रहा है या वह अपने ही भाई की मौत का मूक गवाह बनकर उसे मरता हुआ छोड़ गया? ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ इस मामले की हर अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा।
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