पूर्व महिला कर्मी ने मैनेजर पर लगाया छेड़छाड़ का आरोप
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर। औद्योगिक नगरी कानपुर के पनकी स्थित HDFC बैंक की शाखा से शुरू हुआ ‘जातिगत’ और प्रशासनिक विवाद अब एक गंभीर आपराधिक मोड़ ले चुका है। सोशल मीडिया पर ‘मैं ठाकुर हूँ’ कहकर चर्चा में आई बैंक कर्मचारी आस्था सिंह भदौरिया के वीडियो के बाद अब एक पूर्व महिला सहकर्मी ने बैंक मैनेजर पर छेड़छाड़ और मानसिक उत्पीड़न के सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। मामले की संवेदनशीलता और महिलाओं से जुड़े विवाद को देखते हुए पुलिस कमिश्नरेट ने इसकी कमान ‘मिशन शक्ति’ की टीम को सौंप दी है।
मैनेजर की हरकतों से परेशान होकर दिया इस्तीफा
पनकी थाने में अपने पति के साथ तहरीर देने पहुंची पूर्व महिला बैंक कर्मचारी ने बैंक मैनेजर सुमित सिंह पर गंभीर आरोप मढ़े हैं। महिला का आरोप है कि मैनेजर उसे जबरन देर रात तक बैंक में रोकते थे और अतिरिक्त काम का दबाव बनाते थे।
तहरीर के अनुसार, “मैनेजर अक्सर कहते थे कि लेट हो गया है, मैं तुम्हें घर छोड़ दूँगा।” महिला ने दावा किया कि मैनेजर की इन्हीं अश्लील हरकतों और टॉर्चर से तंग आकर उसने पद से इस्तीफा (रिजाइन) दे दिया था। महिला ने स्पष्ट किया कि 6 जनवरी को जब वह अपना इस्तीफा देने बैंक गई थी, उसी दौरान वहां मौजूद क्लस्टर हेड की मौजूदगी में उसके और उसके पति के साथ अभद्रता की गई।
जातिगत नहीं, आत्मसम्मान की लड़ाई
पूर्व बैंक कर्मी ने सोशल मीडिया पर चल रहे ठाकुर बनाम ब्राह्मण विवाद पर विराम लगाते हुए कहा कि यह लड़ाई किसी जाति विशेष की नहीं बल्कि उनके आत्मसम्मान की है। उन्होंने बताया कि 6 जनवरी को जब वह बैंक में थीं, तब कर्मचारी आस्था सिंह ने उन्हें गालियां दीं और लैपटॉप उठाकर मारने की कोशिश की। महिला का कहना है कि वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है, जबकि असल मुद्दा बैंक के भीतर महिलाओं के साथ होने वाला दुर्व्यवहार और मैनेजर की ‘बैड नियत’ है।
‘मिशन शक्ति’ की टीम करेगी दूध का दूध और पानी का पानी
विवाद को बढ़ता देख डीसीपी वेस्ट एसएम कासिम आबिदी ने मामले की जांच मिशन शक्ति केंद्र को हस्तांतरित कर दी है। मिशन शक्ति की प्रभारी वंदना को पूरे प्रकरण की फाइल सौंप दी गई है।
पनकी थाना प्रभारी मनोज सिंह भदौरिया ने बताया कि पुलिस अब केवल वीडियो के आधार पर नहीं, बल्कि दोनों पक्षों की लिखित शिकायतों पर बारीकी से काम कर रही है। सोमवार को मिशन शक्ति की टीम एचडीएफ़सी बैंक की पनकी शाखा का दौरा करेगी। टीम वहां के सीसीटीवी फुटेज खंगालेगी और अन्य कर्मचारियों के बयान दर्ज करेगी ताकि यह पता चल सके कि 6 जनवरी को असल में क्या हुआ था और मैनेजर पर लगाए गए छेड़छाड़ के आरोपों में कितनी सच्चाई है।
क्या था पूरा विवाद?
बता दें कि 8 फरवरी को एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें बैंक कर्मी आस्था सिंह भदौरिया गुस्से में “मैं ठाकुर हूँ, ऐसी की तैसी कर दूँगी…” कहती नजर आ रही थीं। इसके बाद आस्था ने अपना पक्ष रखते हुए कहा था कि वीडियो एक महीने पुराना (6 जनवरी) है और उसे जानबूझकर बदनाम करने के लिए अब वायरल किया गया है। आस्था का दावा था कि उनके साथ पहले अभद्रता की गई थी, जिसके जवाब में उन्होंने यह प्रतिक्रिया दी। इसके तुरंत बाद दूसरी पक्ष की महिला (ब्राह्मण समाज से) ने भी वीडियो जारी कर अपने और अपने पति के साथ हुई बदसलूकी की बात कही थी।
कॉर्पोरेट कल्चर और सुरक्षा पर सवाल
यह मामला अब केवल दो कर्मचारियों का झगड़ा नहीं रह गया है। बैंक जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के भीतर मैनेजर पर छेड़छाड़ के आरोप और महिला कर्मचारियों के बीच मारपीट की नौबत आना कॉर्पोरेट सुरक्षा और वर्क कल्चर पर बड़े सवाल खड़े करता है।
अब सबकी निगाहें सोमवार को होने वाली मिशन शक्ति की जांच पर टिकी हैं। क्या बैंक मैनेजर पर लगे आरोप सही साबित होंगे? या यह महज कर्मचारियों के आपसी ईगो की लड़ाई है? ट्रुथ इंडिया टाइम्स इस खबर पर लगातार नजर बनाए हुए है।
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