साले ने जीजा को सरेआम जड़े थप्पड़
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर। उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में एक प्रेम विवाह को लेकर शुक्रवार को मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस के बाहर जमकर हाईवोल्टेज ड्रामा हुआ। तीन साल के लंबे प्रेम प्रसंग के बाद मंदिर में सात फेरे लेकर शादी रचाने पहुंचे प्रेमी जोड़े को उस वक्त मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जब लड़की के परिजन वहां पहुंच गए। गुस्से से आगबबूला भाई और मां ने दूल्हे की कॉलर पकड़कर उसकी जमकर धुनाई कर दी। बीच सड़क पर हुई इस मारपीट का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। हालांकि, थाने पहुंचते-पहुंचते इस ‘लड़ाई’ का अंत किसी फिल्मी क्लाइमेक्स की तरह सुखद रहा।
मंदिर में रचाई शादी, रजिस्ट्रेशन के वक्त हुआ ‘कांड’
मामला फेथफुलगंज थाना क्षेत्र का है। यहाँ रहने वाले एक युवक का पड़ोस की ही युवती के साथ पिछले 3 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों एक ही बिरादरी के थे, लेकिन परिजन इस रिश्ते के सख्त खिलाफ थे। परिवार की नाराजगी देख प्रेमी जोड़े ने बगावत का रास्ता चुना और बीते गुरुवार को गुपचुप तरीके से आर्य समाज मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज के साथ विवाह कर लिया।
शादी को कानूनी मान्यता दिलाने के लिए शुक्रवार को जोड़ा मैरिज रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचा था। लेकिन, इसकी भनक युवती के परिजनों को लग गई। जैसे ही दोनों ऑफिस की चौखट पर पहुंचे, पीछे से युवती की मां और भाई दलबल के साथ वहां आ धमके।
36 सेकेंड का वीडियो: थप्पड़ों की गूंज और वकीलों का हस्तक्षेप
सोशल मीडिया पर वायरल हुए 36 सेकेंड के वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि युवती का भाई आव देखा न ताव, दूल्हे की कॉलर पकड़कर उसे एक के बाद एक कई थप्पड़ जड़ देता है। मां भी साथ में युवक को कोसती और मारपीट करती नजर आ रही है। भाई दूल्हे को घसीटते हुए ऑफिस के गेट से बाहर ले आया।
रजिस्ट्रार ऑफिस परिसर में अचानक हुए इस हंगामे से वकीलों और वहां मौजूद अन्य लोगों में अफरा-तफरी मच गई। अधिवक्ताओं ने साहस दिखाते हुए बीच-बचाव किया और लड़के को परिजनों के चंगुल से छुड़ाया। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लेते हुए दोनों पक्षों को थाने ले आई।
थाने में बदला मिजाज: ‘गब्बर’ बने परिजन आखिर मान गए
कोतवाली थाने के भीतर घंटों चली पंचायत के बाद कहानी में एक बड़ा मोड़ आया। कोतवाली इंस्पेक्टर जगदीश पांडेय ने बताया कि दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई गई। पहले तो लड़की के परिजन बेहद उग्र थे, लेकिन जब उन्हें अहसास हुआ कि दोनों बालिग हैं और मंदिर में शादी कर चुके हैं, तो कानूनी पेचीदगियों और लोक-लाज के डर से उनके तेवर नरम पड़ गए।
पुलिस की मौजूदगी में दोनों परिवारों के बीच लिखित समझौता हुआ। चौंकाने वाली बात यह रही कि जो परिजन कुछ देर पहले दूल्हे की जान लेने पर उतारू थे, वे अंततः इस शादी को स्वीकार करने के लिए राजी हो गए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई करने से इनकार कर दिया।
प्यार की जीत और समाज को संदेश
कानपुर की यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। तीन साल का इंतजार और फिर शादी के बाद मिली मार, आखिरकार युवक के लिए ‘फलदायी’ रही। पुलिस ने दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर घर भेज दिया है।
कोतवाली इंस्पेक्टर ने पुष्टि की है कि अब स्थिति शांतिपूर्ण है और दोनों परिवार आपसी रजामंदी से रहने को तैयार हैं। यह मामला उन प्रेमियों के लिए एक मिसाल बन गया है जिन्होंने विरोध के बावजूद अपने रिश्ते को अंजाम तक पहुँचाया, हालांकि मारपीट के वीडियो ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल जरूर खड़े किए हैं।
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