कानपुर पंचायत चुनाव: 1.78 लाख नए वोटरों ने बढ़ाई राजनीतिक हलचल
प्रलभ शरण चौधरी/कानपुर/Truth India Times
कानपुर। उत्तर प्रदेश में सत्ता के सेमीफाइनल माने जाने वाले त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों (ग्राम, क्षेत्र और जिला पंचायत) का बिगुल बज चुका है। कानपुर जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत एवं नगरीय निकाय) ने चुनावी तैयारियों के पहले चरण में अनंतिम वोटर लिस्ट (Provisional Voter List) जारी कर दी है। इस बार की सूची चौंकाने वाली है, क्योंकि इसमें रिकॉर्ड 1,78,151 नए मतदाता जुड़े हैं।
2021 के पिछले पंचायत चुनावों की तुलना में मतदाताओं की संख्या में 31,404 की शुद्ध वृद्धि दर्ज की गई है। मतदाताओं का यह बढ़ा हुआ ग्राफ न केवल गांवों की राजनीति की दिशा तय करेगा, बल्कि आने वाले समय में उम्मीदवारों के समीकरणों को भी उलट-पुलट सकता है।
वोटर लिस्ट का ‘गणित’: युवाओं का दिखा जोश
निर्वाचन कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, नए मतदाताओं में बड़ी संख्या उन युवाओं की है जो हाल ही में 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं।
- कुल नए वोटर: 1,78,151
- 2021 से तुलना: इस बार की सूची में 31 हजार 404 मतदाता पिछले चुनाव के मुकाबले ज्यादा हैं।
- अनंतिम सूची का महत्व: यह सूची फिलहाल प्रारंभिक है। इसमें अभी सुधार की गुंजाइश है, जिसके लिए प्रशासन ने जनता को मौका दिया है।
30 दिसंबर तक का समय: अपनी आपत्ति दर्ज कराएं
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी मतदाता का नाम सूची में गलत है, या किसी पात्र व्यक्ति का नाम छूट गया है, तो वह 30 दिसंबर 2025 तक अपनी आपत्ति या दावा पेश कर सकता है।
- कहाँ करें शिकायत? मतदाता अपने संबंधित ब्लॉक मुख्यालय, तहसील या जिला निर्वाचन कार्यालय में निर्धारित फॉर्म भरकर आपत्ति दे सकते हैं।
- अंतिम प्रकाशन: आपत्तियों के निस्तारण के बाद जनवरी के पहले पखवाड़े (संभावित 7 जनवरी 2026) में अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन किया जाएगा।
सरकार और निर्वाचन आयोग से सीधे सवाल
चुनावों की इस गहमागहमी के बीच न्यूज़ पोर्टल के माध्यम से हम प्रशासन से कुछ जरूरी सवाल पूछते हैं:
- वोटों का सत्यापन: 1.78 लाख नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया में पारदर्शिता कितनी रही? क्या ग्राउंड लेवल पर बीएलओ (BLO) ने हर घर का दौरा किया?
- फर्जीवाड़े पर रोक: अक्सर पंचायत चुनाव में एक ही व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग गांवों की सूची में पाया जाता है। प्रशासन ने इस बार ‘डुप्लीकेसी’ रोकने के लिए क्या तकनीकी उपाय किए हैं?
- युवाओं की भागीदारी: क्या सरकार ने नए वोटरों को जागरूक करने के लिए पर्याप्त अभियान चलाए, या यह केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहा?
राजनीतिक गलियारों में हलचल
वोटरों की संख्या में इस भारी इजाफे ने संभावित प्रत्याशियों की नींद उड़ा दी है। ग्रामीण क्षेत्रों में अब घर-घर जाकर यह चेक किया जा रहा है कि किसके समर्थक का नाम सूची में है और किसका कट गया है। 31 हजार अतिरिक्त वोटरों का यह आंकड़ा जिला पंचायत की कई सीटों पर जीत-हार का अंतर तय करने के लिए पर्याप्त है।
निष्कर्ष: जागरूक बनें, अपना वोट सुनिश्चित करें
लोकतंत्र की सबसे छोटी लेकिन सबसे मजबूत कड़ी पंचायत चुनाव हैं। यदि आप कानपुर के ग्रामीण क्षेत्र के निवासी हैं, तो 30 दिसंबर तक अपनी ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट जरूर चेक करें। याद रखें, आपका एक वोट ही आपके गांव के विकास का भविष्य तय करेगा। अगर नाम नहीं है, तो तुरंत आपत्ति दर्ज कराएं, वरना अगले 5 साल तक आपको पछताना पड़ सकता है।
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