सब्जी लेने गए बुजुर्ग को पटक-पटक कर मार डाला
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
कानपुर: उत्तर प्रदेश के औद्योगिक शहर कानपुर में आवारा मवेशियों का आतंक अब जानलेवा साबित हो रहा है। किदवई नगर क्षेत्र में शनिवार को एक सांड ने 82 वर्षीय बुजुर्ग पर जानलेवा हमला कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। यह घटना उस समय हुई जब बुजुर्ग घर से बाजार सब्जी लेने निकले थे। इस दर्दनाक हादसे के बाद परिजनों में कोहराम मच गया है और स्थानीय लोगों ने नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पीछे से किया हमला, सींगों से घसीटा
मिली जानकारी के अनुसार, जूही के बारादेवी नटवन टोला निवासी प्रकाश नारायण (82 वर्ष) एक परचून की दुकान चलाते थे। शनिवार को वह रोज की तरह बाजार से सब्जी लेने निकले थे। जैसे ही वह घर के समीप स्थित कूड़ाघर के पास पहुंचे, पीछे से आए एक खूंखार सांड ने उन पर अचानक हमला कर दिया। सांड ने बुजुर्ग को हवा में उछालकर सड़क पर पटक दिया और फिर अपने सींगों से उन्हें बेरहमी से घसीटने लगा।
ग्रामीणों ने पत्थर मारकर भगाया, पर नहीं बची जान
चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर दौड़े। स्थानीय लोगों ने सांड पर पत्थर और पानी फेंककर उसे वहां से खदेड़ा। तब तक प्रकाश नारायण लहूलुहान होकर अचेत हो चुके थे। परिजन उन्हें आनन-फानन में पास के एक निजी अस्पताल ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। हालांकि, सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में आई गंभीर चोटों के कारण उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
परिजनों का आरोप: नगर निगम की लापरवाही ने ली जान
मृतक प्रकाश नारायण के बेटे अरविंद ने इस घटना के लिए सीधे तौर पर नगर निगम के अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। उन्होंने कहा कि सड़कों पर घूम रहे आवारा मवेशियों की शिकायत कई बार की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
क्षेत्र की मुख्य समस्याएं:
- अवैध चट्टे: जूही बारादेवी क्षेत्र में कई अवैध चट्टे संचालित हो रहे हैं। आरोप है कि डेयरी संचालक दूध निकालने के बाद गायों और सांडों को सड़कों पर खुला छोड़ देते हैं।
- झुंड का आतंक: मुख्य मार्गों और कूड़ाघरों के पास मवेशियों के झुंड जमा रहते हैं, जो राहगीरों और वाहन चालकों के लिए काल बन रहे हैं।
- अभियान का फ्लॉप होना: स्थानीय लोगों का कहना है कि महापौर ने दो बार अभियान चलाकर मवेशियों को पकड़ने का दावा किया था, लेकिन जमीनी हकीकत में कुछ नहीं बदला।
थाना प्रभारी बोले- जानकारी नहीं, लोगों में भारी आक्रोश
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना के बावजूद किदवई नगर थाना प्रभारी धर्मेंद्र कुमार राम ने घटना की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं दूसरी ओर, घटना के बाद इलाके के नागरिकों का गुस्सा सातवें आसमान पर है। लोगों का कहना है कि कूड़ाघर के पास मवेशियों का जमावड़ा लगा रहता है, जिससे बुजुर्गों और बच्चों का निकलना दूभर हो गया है।
विकास की चमक के पीछे छिपती हकीकत
कानपुर को स्मार्ट सिटी बनाने के दावों के बीच एक बुजुर्ग की इस तरह मौत होना प्रशासनिक विफलता का बड़ा उदाहरण है। प्रलभ शरण चौधरी की रिपोर्ट के अनुसार, शहर के विभिन्न क्षेत्रों में आवारा सांडों का हमला अब आम बात हो गई है। नगर निगम की कैटल कैचिंग गाड़ियां केवल वीआईपी रूटों तक सीमित रह गई हैं, जबकि तंग बस्तियों और रिहायशी इलाकों में मौत खुलेआम घूम रही है।
अब देखना यह होगा कि इस घटना के बाद नगर निगम प्रशासन जागता है या फिर किसी और बेगुनाह की जान जाने का इंतजार किया जाता है।
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