साथ जीने-मरने की कसमें खाने वाली दो सहेलियों की ट्रेन से कटकर मौत
लखनऊ | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहां मनकोटी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर दो सहेलियों की ट्रेन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई। मरने वाली दोनों युवतियां बचपन की सहेलियां थीं और गांव में उनकी दोस्ती की मिसाल दी जाती थी। इस घटना ने पूरे इलाके में कोहराम मचा दिया है। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि मृतकाओं में से एक की शादी महज 6 महीने पहले हुई थी और वह घटना वाले दिन यानी आज (11 फरवरी) ही अपने मायके लौटी थी।
सुबह साथ निकली थीं, ट्रैक पर मिलीं लाशें
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह हादसा रहीमाबाद के मनकोटी गांव के पास बेलवा रेलवे फाटक के पास हुआ। मृतकों की पहचान 20 वर्षीय शशि (पुत्री अशर्फी लाल) और 23 वर्षीय नीतू (पुत्री बुद्धा) के रूप में हुई है।
परिजनों के मुताबिक, नीतू की शादी 6 महीने पहले उन्नाव जिले के औरास थाना क्षेत्र के धनियाखेड़ा गांव में हुई थी। बुधवार सुबह वह अपने ससुराल से मायके (मनकोटी) आई थी। घर आने के कुछ ही देर बाद वह अपनी बचपन की सहेली शशि के साथ टहलने के बहाने घर से निकली। काफी देर तक जब दोनों नहीं लौटीं, तो परिजनों को चिंता हुई। इसी बीच ग्रामीणों ने रेलवे ट्रैक पर दो युवतियों के शव मिलने की सूचना दी, जिसे सुनकर परिवारों के पैरों तले जमीन खिसक गई।
हादसे और सुसाइड के बीच उलझी पुलिस
घटनास्थल की तस्वीर बेहद भयावह थी। शशि की टांग कटकर शरीर से अलग हो गई थी, जबकि नीतू के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। दोनों की मौके पर ही मौत हो चुकी थी।
रहीमाबाद थाना पुलिस मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है। पुलिस के सामने फिलहाल दो पहलू हैं:
- हादसा: ग्रामीण कयास लगा रहे हैं कि शायद दोनों सहेलियां रेलवे ट्रैक पार कर रही थीं और तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गईं।
- आत्महत्या: पुलिस इस एंगल पर भी जांच कर रही है कि कहीं दोनों ने जानबूझकर मौत को गले तो नहीं लगाया? नीतू का आज ही मायके आना और तुरंत शशि के साथ ट्रैक की ओर चले जाना कई अनुत्तरित सवाल खड़े कर रहा है।
“पर्छाई की तरह साथ रहती थीं दोनों सहेलियां”
पड़ोसियों और ग्रामीणों ने बताया कि नीतू और शशि के बीच सहेलियों से बढ़कर रिश्ता था। बचपन से लेकर बड़े होने तक वे हमेशा साथ देखी जाती थीं। नीतू ने 10वीं तक पढ़ाई की थी और शादी से पहले वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी भी करती थी। नीतू का पति इशू चंडीगढ़ में काम करता है। शादी के बाद दोनों का मिलना कम हो गया था, लेकिन नीतू जब भी मायके आती, अपना ज्यादा वक्त शशि के साथ ही बिताती थी।
परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, भाई और पिता स्तब्ध
शशि के भाई विनोद ने रुंधे गले से बताया कि उसे समझ नहीं आ रहा कि आखिर ऐसा क्या हुआ। विनोद ने कहा, “मैं काम पर गया था, तभी खबर मिली कि ट्रैक पर हादसा हुआ है। जाकर देखा तो वहां मेरी बहन पड़ी थी। दोनों के बीच कोई विवाद नहीं था, घर में भी सब सामान्य था।” शशि के परिवार में उसके पिता और पांच भाई-बहन हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।
वहीं नीतू के पिता बुद्धा उस वक्त खेत में आलू खोद रहे थे जब उन्हें अपनी बेटी की मौत की खबर मिली। बुद्धा ने बताया कि नीतू ने कभी ससुराल या मायके में किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह सुबह खुश होकर घर आई थी, लेकिन चंद घंटों में उसकी लाश मिलने की खबर आएगी, यह किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था।
पुलिस की कार्रवाई और जांच
रहीमाबाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घर से निकलने के बाद और हादसे से पहले उनके बीच क्या बातचीत हुई थी।
इस घटना ने मनकोटी गांव को शोक में डुबो दिया है। लोग इस बात से हैरान हैं कि जो सहेलियां साथ रहने का वादा करती थीं, आज उनकी अर्थियां भी साथ ही उठेंगी।
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