लापरवाही पर दी चेतावनी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। लखनऊ रेंज की पुलिस महानिरीक्षक (IG) किरण एस मंगलवार को कानून-व्यवस्था की जमीनी हकीकत परखने के लिए उन्नाव जिले के दौरे पर पहुंचीं। पुलिस लाइन स्थित सभागार में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में आईजी ने स्पष्ट कर दिया कि अपराध नियंत्रण और महिला सुरक्षा में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
भव्य स्वागत और औपचारिक शुरुआत
मंगलवार सुबह आईजी किरण एस जैसे ही पुलिस लाइन पहुंचीं, वहां जिले के प्रशासनिक और पुलिस अमले ने उनकी अगवानी की। जिलाधिकारी (DM) गौरांग राठी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जय प्रकाश सिंह ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका औपचारिक स्वागत किया। इसके बाद आईजी को ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। औपचारिकताओं के बाद आईजी सीधे समीक्षा बैठक के लिए रवाना हुईं, जहां जिले के सभी राजपत्रित अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद थे।
अपराधों पर लगाम: ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति
समीक्षा बैठक के दौरान आईजी किरण एस ने जिले के क्राइम ग्राफ का बारीकी से विश्लेषण किया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं (पेंडिंग केस) को लेकर कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिया कि:
- लंबित विवेचनाएं: जो मामले लंबे समय से फाइलों में दबे हैं, उन्हें तत्काल गुणवत्तापूर्ण तरीके से निस्तारित किया जाए।
- हिस्ट्रीशीटरों पर नजर: जिले के टॉप-10 अपराधियों और सक्रिय हिस्ट्रीशीटरों की गतिविधियों पर 24 घंटे निगरानी रखी जाए।
- जमानत पर छूटे अपराधी: जेल से बाहर आए अपराधियों की वर्तमान स्थिति की लगातार चेकिंग की जाए ताकि वे दोबारा अपराध न कर सकें।
महिला सुरक्षा: ‘मिशन शक्ति’ को दें रफ्तार
आईजी ने महिला सुरक्षा को प्राथमिकता बताते हुए कहा कि जिले के हर थाने में बनी ‘महिला हेल्प डेस्क’ केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर सक्रिय दिखनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिया कि छेड़खानी या महिला उत्पीड़न की शिकायतों पर बिना देरी किए एफआईआर दर्ज की जाए।
“महिलाओं की सुरक्षा और उनका सम्मान पुलिस की प्राथमिकता है। ‘मिशन शक्ति’ अभियान के तहत एंटी रोमियो स्क्वाड को और अधिक प्रभावी बनाया जाए और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सादे कपड़ों में महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती की जाए।”
सामुदायिक पुलिसिंग और जनसुनवाई
आईजी ने पुलिसिंग को ‘पब्लिक फ्रेंडली’ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि थानों पर आने वाले फरियादियों के साथ पुलिस का व्यवहार मर्यादित होना चाहिए। जनसुनवाई के दौरान आने वाली शिकायतों का फीडबैक उच्च अधिकारियों द्वारा स्वयं लिया जाना चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय का भरोसा हो सके।
यातायात और आगामी चुनौतियों पर चर्चा
आगामी त्योहारों और वर्तमान में यातायात की समस्याओं को देखते हुए आईजी ने शहर के मुख्य चौराहों पर ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधारने के निर्देश दिए। उन्होंने एसएसपी जय प्रकाश सिंह को निर्देश दिया कि गश्त (पैट्रोलिंग) को और अधिक सघन बनाया जाए, विशेषकर रात के समय संवेदनशील इलाकों में पुलिस की मौजूदगी अनिवार्य हो।
अधिकारियों को सख्त हिदायत
बैठक के अंत में आईजी लखनऊ रेंज ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को चेतावनी दी कि यदि किसी क्षेत्र में अवैध कारोबार या संगठित अपराध की सूचना मिलती है और स्थानीय पुलिस की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कठोर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने प्रशासन की ओर से पुलिस को हर संभव सहयोग और संसाधनों की उपलब्धता का आश्वासन दिया।
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