हैवान बना ट्यूटर, 9वीं की छात्रा से 20 दिनों तक किया दुष्कर्म
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी इलाके से एक ऐसी रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है, जिसने गुरु-शिष्य के पवित्र रिश्ते को शर्मसार कर दिया है। एक निजी ट्यूटर ने अपनी 13 वर्षीय नाबालिग छात्रा को अपनी हवस का शिकार बनाया और गर्भवती होने पर उसका जबरन गर्भपात करा दिया। पुलिस ने इस मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी शिक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
घर में अकेला पाकर शुरू किया दरिंदगी का खेल
पीड़ित छात्रा मूल रूप से बिजनौर जिले की रहने वाली है और वर्तमान में सुशांत गोल्फ सिटी थाना क्षेत्र में अपने परिवार के साथ रहती है। छात्रा के माता-पिता दोनों सरकारी सेवा में हैं। उनकी अनुपस्थिति का फायदा उठाकर ट्यूटर वीर सिंह यादव उर्फ विराज ने इस घिनौने अपराध को अंजाम दिया।
परिजनों द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी के अनुसार, घटना की शुरुआत 22 जनवरी को हुई। उस दिन छात्रा के माता-पिता अपने दफ्तर गए थे और दादी घर के बाहर धूप सेंक रही थीं। ट्यूटर वीर सिंह ने छात्रा को घर के भीतर अकेला पाकर उसके साथ पहली बार दुष्कर्म किया। जब छात्रा ने विरोध किया, तो आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और उसका जीवन बर्बाद करने की धमकी देकर चुप करा दिया।
20 दिनों तक चलता रहा शोषण का सिलसिला
लोकलाज और डर के कारण छात्रा खामोश रही, जिसका फायदा उठाकर आरोपी की हिम्मत बढ़ गई। वह ट्यूशन पढ़ाने के बहाने दोपहर में आने लगा और ब्लैकमेल करते हुए 12 फरवरी तक लगातार 20 दिनों में कई बार छात्रा के साथ दरिंदगी की।
इस दौरान छात्रा गर्भवती हो गई। जब आरोपी को इस बात का पता चला, तो उसने मामले को दबाने के लिए छात्रा को कोई अज्ञात दवा खिलाकर उसका जबरन गर्भपात (Abortion) करा दिया। आरोपी लगातार उसे जान से मारने और बदनाम करने की धमकियां देता रहा, जिससे मासूम छात्रा गहरे सदमे में चली गई।
तबीयत बिगड़ने पर खुला राज
गर्भपात के बाद छात्रा की शारीरिक स्थिति बिगड़ने लगी। अत्यधिक रक्तस्राव और कमजोरी के कारण जब वह निढाल हो गई, तो मां ने उससे सख्ती से पूछताछ की। रोते हुए छात्रा ने अपनी मां को पिछले एक महीने की पूरी आपबीती सुनाई। बेटी की बात सुनकर माता-पिता के पैरों तले जमीन खिसक गई।
इसके तुरंत बाद पिता ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन तुरंत हरकत में आया।
पुलिस की कार्रवाई और धाराओं का जाल
डीसीपी साउथ निपुण अग्रवाल ने बताया कि 21 फरवरी को शिकायत मिलते ही पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की संबंधित धाराओं सहित POCSO एक्ट और SC/ST एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया। आरोपी की तलाश के लिए पुलिस की 4 टीमें गठित की गईं।
सोमवार, 23 फरवरी को पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी वीर सिंह यादव को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी मूल रूप से बांदा जिले के बबेरू का रहने वाला है और फिलहाल अवध विहार योजना के गोमती एन्क्लेव में रह रहा था।
समाज और अभिभावकों के लिए चेतावनी
यह घटना उन कामकाजी माता-पिता के लिए एक बड़ी चेतावनी है जो अपने बच्चों को ट्यूटर्स के भरोसे घर पर छोड़ते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों के व्यवहार में आने वाले बदलावों पर नजर रखना और उनसे निरंतर संवाद करना बेहद जरूरी है। लखनऊ पुलिस ने स्पष्ट किया है कि महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई जा रही है और आरोपी के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में पैरवी कर उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
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