किशोर को आरपीएफ ने परिजनों से मिलवाया
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ अभियान के तहत झांसी मंडल के बांदा स्टेशन पर एक 14 वर्षीय किशोर को सकुशल रेस्क्यू कर उसके परिजनों के सुपुर्द किया गया।
क्या है पूरा मामला?
शनिवार, 7 मार्च को बांदा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 01 पर प्रभारी निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी अपने स्टाफ के साथ गश्त पर थीं। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर कुछ लोग बेहद परेशान हालत में घूमते दिखाई दिए। संदेह होने पर जब आरपीएफ टीम ने उनसे पूछताछ की, तो पता चला कि हमीरपुर जिले के तिंदुही गांव का रहने वाला आकाश (14 वर्ष) घर से बिना बताए कहीं चला गया है। परिजनों को सूचना मिली थी कि वह कानपुर-खजुराहो पैसेंजर ट्रेन में सवार हुआ है।
तलाशी और रेस्क्यू
आरपीएफ टीम ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए प्लेटफॉर्म पर खड़ी गाड़ी संख्या 64646 में सघन तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान बालक ट्रेन के एक डिब्बे में बैठा मिल गया, जिसकी पहचान उसके मौसेरे भाई ने की।
क्यों भागा था मासूम?
पूछताछ में बालक ने बताया कि उसके स्कूल का कैंप अयोध्या जा रहा था, लेकिन घर वालों ने उसे जाने की अनुमति नहीं दी। इसी बात से नाराज होकर वह घर से भाग निकला था।
परिजनों को सुपुर्दगी
आरपीएफ ने तुरंत इसकी सूचना चाइल्ड हेल्पलाइन बांदा को दी। सूचना पाकर चाइल्ड हेल्पलाइन सुपरवाइजर शिवसंपत और केस वर्कर प्रभाकर प्रसाद थाने पहुंचे। बच्चे की उचित काउंसलिंग की गई और रात लगभग 09:45 बजे उसे सुरक्षित रूप से उसके परिजनों को सौंप दिया गया।
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