जागरूकता अभियान से दी सुरक्षा की सीख
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांदा। “सेवा ही संकल्प” के ध्येय वाक्य को चरितार्थ करते हुए रेलवे सुरक्षा बल (RPF) बांदा ने यात्रियों की सुरक्षा और सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी के कुशल निर्देशन में आरपीएफ टीम ने न केवल एक दिव्यांग यात्री का भूला हुआ बैग सुरक्षित बरामद कर उन्हें सौंपा, बल्कि स्टेशन और आसपास की बस्तियों में सघन जागरूकता अभियान भी चलाया।
भीड़ में छूटा बैग, RPF ने सुरक्षित लौटाया
घटना 19 मार्च की है, जब गाड़ी संख्या 15206 के जनरल कोच में यात्रा करने के दौरान कानपुर नगर निवासी योगेश कुमार का लाल रंग का बैग अत्यधिक भीड़ के कारण कोच में ही छूट गया। यात्री के 139 पर दी गई सूचना के बाद झांसी कंट्रोल रूम की सतर्कता पर अतर्रा चौकी के प्रधान आरक्षक राकेश कुमार मिश्रा और आरक्षक किशुनलाल ने तत्परता दिखाई।
ट्रेन के अतर्रा पहुँचते ही बैग को बरामद कर सुरक्षित कब्जे में लिया गया। बैग में पीतल का सिंहासन, मोबाइल चार्जर, दिव्यांग सर्टिफिकेट, आधार कार्ड और रेलवे पास जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। उचित पहचान और कागजी कार्यवाही के बाद उप निरीक्षक संतोष कुमार द्वारा बैग सुरक्षित रूप से योगेश कुमार को सुपुर्द किया गया। अपना सामान वापस पाकर यात्री ने आरपीएफ की कार्यप्रणाली और ईमानदारी की खुले दिल से प्रशंसा की।
सॉफ्ट स्किल और यात्री सहायता पर जोर
रेलवे सुरक्षा बल बांदा के जवानों को विशेष रूप से सॉफ्ट स्किल का प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि वे यात्रियों, विशेषकर अकेले वृद्धजनों और दिव्यांगों की यथासंभव मदद कर सकें। उन्हें ट्रेनों में चढ़ने-उतरने में सहायता प्रदान करने के लिए स्टाफ को निरंतर प्रेरित किया जा रहा है।
सुरक्षा ही बचाव है
इसी क्रम में निरीक्षक सुरुचि द्विवेदी ने हमराह स्टाफ के साथ अतर्रा स्टेशन और पास की बस्तियों में जन-जागरण अभियान चलाया। इस दौरान यात्रियों को निम्नलिखित बिंदुओं पर जागरूक किया गया:
जहरखुरानी से बचाव: किसी भी अपरिचित व्यक्ति द्वारा दी गई खाने-पीने की वस्तु का सेवन न करें।
सतर्कता: संदिग्ध व्यक्ति या वस्तु दिखने पर तत्काल 139 पर सूचना दें।
रेलवे कानून: पटरियों के पास न जाने और ट्रेन पर पत्थर न फेंकने की हिदायत दी गई। चेतावनी दी गई कि पत्थर फेंकने जैसी गतिविधियों पर रेलवे एक्ट की धारा 153 के तहत जेल और जुर्माने की सख्त कार्यवाही की जाएगी।
महिला सुरक्षा: ‘मेरी सहेली’ पहल के तहत महिला यात्रियों को उनकी सुरक्षा के प्रति आश्वस्त किया गया।
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ‘नन्हे फरिश्ते’, ‘जीवन रक्षा’ और ‘ऑपरेशन मातृशक्ति’ जैसे अभियानों के उद्देश्यों से भी आम जन को अवगत कराया गया ताकि रेलवे यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुखद बनाया जा सके।
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