SP का एक्शन मोड
Unnao/Truth India Times Digital Desk
उन्नाव: उन्नाव पुलिस अधीक्षक (SP) श्री जय प्रकाश सिंह ने सोमवार, 15 दिसंबर 2025 को कानून व्यवस्था और प्रशासनिक दक्षता को सुनिश्चित करने के लिए पुरवा थाने का औचक निरीक्षण किया। एसपी के अचानक दौरे से पूरे थाने में हड़कंप मच गया। उन्होंने थाना परिसर की साफ-सफाई से लेकर पुलिसिंग के तकनीकी पहलुओं और अभिलेखों के रखरखाव तक का गहनता से जायजा लिया और थाना प्रभारी को महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश जारी किए।
इस निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि थानों पर आने वाले फरियादियों को त्वरित न्याय मिले और पुलिस कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।
सभी महत्वपूर्ण इकाइयों का गहनता से निरीक्षण
एसपी जय प्रकाश सिंह ने निरीक्षण के दौरान सबसे पहले थाने के विभिन्न महत्वपूर्ण खंडों का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने विशेष रूप से इन इकाइयों पर ध्यान केंद्रित किया:
- थाना परिसर और कार्यालय: उन्होंने परिसर की साफ-सफाई, मालखाना और पुलिस बैरक का निरीक्षण किया। थाना कार्यालय में अभिलेखों के रखरखाव और पत्रावलियों की प्रविष्टियों (Entries) को बारीकी से परखा।
- महिला हेल्पडेस्क और मिशन शक्ति केंद्र: एसपी ने महिला हेल्पडेस्क पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों से उनके कार्य और महिला फरियादियों से निपटने के तरीके के बारे में जानकारी ली। उन्होंने सुनिश्चित किया कि मिशन शक्ति के तहत महिलाओं की शिकायतों का त्वरित और संवेदनशील समाधान हो।
- साइबर हेल्पडेस्क: बढ़ते साइबर अपराधों को देखते हुए, उन्होंने साइबर हेल्पडेस्क के कामकाज की समीक्षा की और निर्देश दिए कि साइबर धोखाधड़ी के मामलों में तुरंत कार्रवाई की जाए और लोगों को जागरूक किया जाए।
- सीसीटीएनएस प्रणाली (CCTNS): एसपी ने अपराध और आपराधिक ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स (CCTNS) की कार्यप्रणाली की जांच की, जो एफआईआर दर्ज करने और केस डेटा को ऑनलाइन अपडेट करने के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने डेटा एंट्री में किसी भी प्रकार की देरी को तुरंत समाप्त करने के निर्देश दिए।
थाना प्रभारी को दिए गए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
निरीक्षण के उपरांत, पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने थाना प्रभारी पुरवा को कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। इस अवसर पर क्षेत्राधिकारी पुरवा, श्री तेज बहादुर सिंह भी उपस्थित रहे।
मुख्य निर्देश निम्नलिखित थे:
- फरियादी संतुष्टि: महिला और साइबर हेल्पडेस्क पर आने वाले प्रत्येक फरियादी से विनम्रता से बात की जाए और उनकी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाया जाए।
- अभिलेखों का रखरखाव: सभी कानूनी अभिलेखों (रजिस्टर) और पत्रावलियों की प्रविष्टियाँ समयबद्ध और त्रुटिरहित तरीके से पूरी की जाएं। किसी भी पेंडिंग केस को बेवजह न रोका जाए।
- अपराध नियंत्रण: विशेष रूप से अवैध शराब की बिक्री और जुआ जैसी गतिविधियों पर कड़ी नजर रखी जाए और क्षेत्र में गश्त बढ़ाई जाए।
- सफाई व्यवस्था: थाना परिसर और बैरक में साफ-सफाई का उच्चतम मानक बनाए रखा जाए।
- बीट पुलिसिंग: बीट प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने क्षेत्र के संभ्रांत व्यक्तियों से लगातार संपर्क बनाए रखें और छोटी-मोटी रंजिशों की जानकारी पहले ही जुटाकर बड़े अपराधों को रोकें।
एसपी जय प्रकाश सिंह के इस औचक निरीक्षण से स्पष्ट है कि वे जिले में पुलिसिंग की गुणवत्ता और कार्यशैली को सुधारने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह दौरा अन्य थाना प्रभारियों के लिए भी एक संदेश है कि वे अपने कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरतें।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु:
- निरीक्षण का फोकस: परिसर, कार्यालय, अभिलेख, महिला हेल्पडेस्क, साइबर हेल्पडेस्क और सीसीटीएनएस।
- निरीक्षक: एसपी जय प्रकाश सिंह।
- उपस्थित: क्षेत्राधिकारी पुरवा, श्री तेज बहादुर सिंह।
- मुख्य निर्देश: फरियादी संतुष्टि, अभिलेखों का समय पर रखरखाव, और प्रभावी बीट पुलिसिंग।
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