प्राथमिक विद्यालय के पास टूटा 11KV लाइन का सपोर्ट तार
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
बांगरमऊ/उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ तहसील क्षेत्र से बिजली विभाग की बड़ी लापरवाही का मामला सामने आया है। क्षेत्र के उमरिया भगवंतपुर गांव में स्थित एक प्राथमिक विद्यालय के ठीक पास से गुजर रही 11,000 वोल्टेज (11KV) की हाई टेंशन लाइन का सपोर्ट तार (Stay Wire) अचानक टूट गया है। इस घटना ने न केवल गांव के लोगों की चिंता बढ़ा दी है, बल्कि स्कूल आने वाले नन्हे-मुन्ने मासूम बच्चों की जान पर भी बड़ा जोखिम पैदा कर दिया है।
हैरानी की बात यह है कि घनी आबादी और स्कूल के पास हुए इस हादसे के बावजूद बिजली विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है।
क्या है पूरा मामला?
उमरिया भगवंतपुर में स्थित प्राथमिक विद्यालय के पास बिजली का एक पोल लगा है, जिससे हाई टेंशन लाइन गुजर रही है। बिजली के भारी तारों को संतुलित रखने के लिए जमीन से सटाकर एक सपोर्ट तार (स्टे वायर) लगाया जाता है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, यह तार काफी समय से जर्जर था और बीते कुछ घंटों पहले यह अचानक बीच से टूटकर लटक गया।
चूंकि यह पोल मुख्य मार्ग और विद्यालय के प्रवेश द्वार के करीब है, इसलिए लटकता हुआ तार कभी भी विद्युत प्रवाहित तारों के संपर्क में आ सकता है। यदि मुख्य लाइन का करंट इस सपोर्ट तार में उतरा, तो यह किसी बड़े हादसे का सबब बन सकता है।
स्कूल जाने वाले बच्चों पर सबसे ज्यादा खतरा
इस घटना ने सबसे ज्यादा दहशत प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों और बच्चों के अभिभावकों में पैदा कर दी है। छोटे बच्चे अक्सर खेलते-कूदते स्कूल पहुँचते हैं और उनकी आदत पोल या तारों के पास जाने की होती है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर कोई बच्चा अनजाने में उस लटके हुए तार को छू लेता है या वह तार किसी मवेशी के संपर्क में आता है, तो परिणाम भयावह हो सकते हैं।
ग्रामीण राम भरोसे और शिव कुमार ने बताया, “हमने कई बार लाइनमैन को इसकी जानकारी देने की कोशिश की, लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ। स्कूल के पास इस तरह का खतरा होना प्रशासन की बड़ी लापरवाही को दर्शाता है।”
बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल
बिजली विभाग अक्सर लाइनों के रखरखाव (Maintenance) के नाम पर घंटों कटौती करता है, लेकिन धरातल पर उमरिया भगवंतपुर जैसी तस्वीरें विभाग के दावों की पोल खोल देती हैं। हाई टेंशन लाइन का सपोर्ट तार टूटना तकनीकी रूप से पोल के झुकने या तारों के आपस में टकराने का कारण बन सकता है, जिससे शॉर्ट सर्किट होकर आग लगने का भी खतरा रहता है।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जर्जर तारों को बदलने और पोल को दुरुस्त करने के लिए कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, लेकिन विभाग केवल “काम चल रहा है” का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेता है।
ग्रामीण दे रहे हैं चेतावनी
गुस्साए ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 24 घंटों के भीतर बिजली विभाग ने इस टूटे हुए सपोर्ट तार को ठीक नहीं किया और पोल को सुरक्षित नहीं बनाया, तो वे बांगरमऊ-हरदोई मार्ग पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। उनकी मांग है कि किसी भी अनहोनी से पहले विभाग अपनी कुंभकर्णी नींद से जागे।
विशेषज्ञों की राय: क्यों है यह खतरनाक?
विद्युत विशेषज्ञों का मानना है कि 11,000 वोल्टेज की लाइन में करंट का प्रवाह बहुत शक्तिशाली होता है। सपोर्ट तार टूटने से पोल का खिंचाव कम हो जाता है, जिससे मुख्य लाइन के तार ढीले होकर नीचे लटक सकते हैं। तेज हवा या बारिश के दौरान ये तार आपस में टकराकर चिंगारी छोड़ सकते हैं, जो किसी भी पक्के या कच्चे निर्माण में आग लगा सकती है।
“ट्रुथ इंडिया टाइम्स” की अपील
प्रशासन और बिजली विभाग के आला अधिकारियों को इस मामले का तत्काल संज्ञान लेना चाहिए। बच्चों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। विद्यालय जैसे संवेदनशील स्थान के पास बिजली के बुनियादी ढांचे का दुरुस्त होना अनिवार्य है।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स इस खबर के माध्यम से अधिशाषी अभियंता (विद्युत) का ध्यान इस ओर आकर्षित करता है ताकि समय रहते दुर्घटना को टाला जा सके।
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