उन्नाव में खुदाई के दौरान निकली भगवान की प्राचीन मूर्ति
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव (हसनगंज)। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जनपद से एक विस्मयकारी मामला सामने आया है, जहाँ एक खेत की खुदाई के दौरान भगवान की प्राचीन मूर्ति मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। हसनगंज कोतवाली क्षेत्र की ग्राम पंचायत नींदे मऊ के मजरा बीचपरी गांव में हुई इस घटना ने आस्था और विज्ञान के बीच एक नई बहस छेड़ दी है। मूर्ति निकलने की खबर आग की तरह फैली और देखते ही देखते हजारों की संख्या में श्रद्धालु ‘जयकारे’ लगाते हुए मौके पर पहुँचने लगे।
चमत्कार या संयोग? युवक के दावों ने सबको चौंकाया
इस पूरी घटना के केंद्र में गांव का ही एक युवक अमरपाल है, जिसके दावों ने इस मामले को और भी रहस्यमयी बना दिया है। अमरपाल का कहना है कि उसे पिछले 25 दिनों से लगातार सपने आ रहे थे। युवक के मुताबिक, इन सपनों के कारण उसकी रातों की नींद उड़ गई थी और वह मानसिक रूप से बेहद बेचैन रहने लगा था।
अमरपाल ने बताया, “मुझे पिछले 25 दिनों से ठीक से नींद नहीं आ रही थी। मैं कॉलेज में पढ़ाई करने जाता था, तो वहां भी मन नहीं लगता था और अजीब सी घबराहट बनी रहती थी। न खाना अच्छा लगता था और न ही किसी काम में मन। ऐसा लगता था जैसे कोई शक्ति मुझे कुछ बताने की कोशिश कर रही है।”
‘जैसे ही खुदाई तय हुई, मिलने लगा सुकून’
युवक का दावा है कि जब उसने अपने इस अनुभव को साझा किया और रविवार को ग्रामीणों के बीच यह तय हुआ कि बुधवार को चिन्हित स्थान पर खुदाई की जाएगी, तब जाकर उसकी बेचैनी शांत हुई। अमरपाल के अनुसार, खुदाई की बात पक्की होते ही उसे महीनों बाद सुकून की नींद आई। बुधवार को जब जमीन के भीतर से वास्तव में मूर्ति निकली, तो ग्रामीण युवक की बातों को दैवीय संकेत मानकर नतमस्तक हो गए।
आस्था का सैलाब: भजन-कीर्तन और पूजा शुरू
बुधवार सुबह जैसे ही खुदाई के दौरान मूर्ति के दर्शन हुए, ग्रामीणों ने श्रद्धापूर्वक उसे बाहर निकाला। मूर्ति के स्वरूप को देखकर लोग इसे अत्यंत प्राचीन मान रहे हैं। जानकारी मिलते ही नींदे मऊ सहित आसपास के दर्जनों गांवों से महिलाएं, बुजुर्ग और युवा ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और बाइकों से बीचपरी गांव पहुँचने लगे।
ग्रामीणों ने तत्काल मौके पर गंगाजल छिड़क कर शुद्धिकरण किया और मूर्ति की पूजा-अर्चना शुरू कर दी। महिलाओं ने मंगल गीत गाए और पूरा माहौल भक्तिमय हो गया। फिलहाल मूर्ति को एक सुरक्षित और ऊंचे स्थान पर रखा गया है, जहाँ लोग फूल-माला और प्रसाद चढ़ा रहे हैं।
मंदिर निर्माण की तैयारी में जुटे ग्रामीण
गांव के संभ्रांत नागरिकों और पंचायत प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुँचकर व्यवस्था संभाली। ग्रामीणों में इस कदर उत्साह है कि उन्होंने अभी से ही उस स्थान पर एक भव्य मंदिर निर्माण की योजना बनानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों का कहना है कि भगवान स्वयं अपनी मर्जी से प्रकट हुए हैं, इसलिए उनकी विधिवत स्थापना होनी चाहिए।
प्रशासन और पुलिस की पैनी नजर
इतनी बड़ी भीड़ और धार्मिक संवेदनशीलता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और हसनगंज पुलिस पूरी तरह सतर्क है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में है और किसी भी तरह की अफवाह फैलाने वालों पर नजर रखी जा रही है। पुरातत्व विभाग को भी इस संबंध में सूचित किया जा सकता है ताकि मूर्ति की प्राचीनता और ऐतिहासिक महत्व की सटीक जानकारी मिल सके।
फिलहाल, बीचपरी गांव आस्था का केंद्र बना हुआ है और अमरपाल के ‘सपनों’ की कहानी हर जुबान पर है।
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