पुलिस ने गाड़ियां घेरीं, अंधेरे का फायदा उठाकर भागे तस्कर
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव (असोहा)। जनपद के असोहा थाना क्षेत्र के कालूखेड़ा कस्बे में बीती रात गौ तस्करों और पुलिस के बीच हुई मुठभेड़ ने सनसनी फैला दी है। एसओजी और स्थानीय पुलिस की टीम ने घेराबंदी कर तस्करों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन तस्कर अपनी गाड़ियां मौके पर ही छोड़कर अंधेरे का लाभ उठाते हुए खेतों की ओर भाग निकले। इस हाई-प्रोफाइल घटनाक्रम के बाद पुलिस विभाग के आला अधिकारियों की चुप्पी ने क्षेत्र में कई तरह की चर्चाओं और सवालों को जन्म दे दिया है।
ढाबे के पास अचानक चली गोली, मची अफरा-तफरी
घटनाक्रम बीती रात करीब एक बजे का है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मोरांवा–मोहनलालगंज मार्ग पर स्थित सूर्या ढाबे के बाहर एक स्कॉर्पियो गाड़ी खड़ी थी। ढाबे पर मौजूद लोग उस वक्त सन्न रह गए जब अचानक एक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बताया जा रहा है कि यह गोली स्कॉर्पियो के पिछले टायर को निशाना बनाकर मारी गई थी ताकि गाड़ी को भागने से रोका जा सके। गोली की आवाज सुनते ही गाड़ी के पास मौजूद और ढाबे पर बैठे लोग घबरा गए और जान बचाने के लिए खेतों की ओर भागने लगे।
सादी वर्दी में पहुंची टीम, दो गाड़ियां पुलिस के कब्जे में
स्थानीय लोगों ने बताया कि गोली चलने के तुरंत बाद सादी वर्दी में करीब चार से छह लोग मौके पर पहुंचे और स्कॉर्पियो को चारों ओर से घेर लिया। ये सभी पुलिसकर्मी थे जो सादे कपड़ों में ऑपरेशन को अंजाम दे रहे थे। स्कॉर्पियो के पास ही एक अन्य काले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली चार पहिया गाड़ी भी खड़ी थी, पुलिस ने उसकी भी सघन तलाशी ली।
ग्रामीणों के अनुसार, स्कॉर्पियो सवार लोग संभवतः चाय पीने के लिए ढाबे पर रुके थे, तभी पुलिस टीम ने बिना कोई चेतावनी दिए सीधे टायर पर फायर झोंक दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से तस्करों को संभलने का मौका नहीं मिला और वे गाड़ियां छोड़कर जंगल की ओर भाग खड़े हुए।
लखनऊ कनेक्शन और सिसेंडी की कार्रवाई
चर्चा है कि इस पूरी कार्रवाई के तार पड़ोसी जिले लखनऊ से भी जुड़े हैं। सूत्रों के हवाले से खबर है कि इसी ऑपरेशन के दौरान एक अन्य चार पहिया गाड़ी को लखनऊ जिले के सिसेंडी कस्बे के पास भी पकड़ा गया है। हालांकि, पुलिस की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई भी आधिकारिक पुष्टीकरण नहीं किया गया है। रात में ही पुलिस स्कॉर्पियो को अपने साथ ले गई, जबकि दूसरी गाड़ी को सुबह थाने लाया गया है।
जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी से बढ़ा रहस्य
मुठभेड़ जैसे संवेदनशील मामले पर पुलिस अधिकारियों का रुख बेहद रहस्यमयी बना हुआ है। जब इस संबंध में कालूखेड़ा चौकी इंचार्ज से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने कुछ भी बताने से साफ इनकार कर दिया। वहीं, असोहा थाना प्रभारी निरीक्षक फूल सिंह ने बार-बार फोन किए जाने के बावजूद कॉल रिसीव नहीं की।
अधिकारियों की इस रहस्यमयी चुप्पी के कारण क्षेत्र में तरह-तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। लोग यह समझने की कोशिश कर रहे हैं कि क्या यह वास्तव में कोई बड़ी मुठभेड़ थी या केवल दबिश की कार्रवाई? यदि यह गौ तस्करों के खिलाफ बड़ी सफलता है, तो विभाग इसे सार्वजनिक करने से क्यों कतरा रहा है?
सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर सवाल
इस घटना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गौ तस्करों का नेटवर्क कितना सक्रिय है। वहीं, रिहायशी इलाके के पास ढाबे पर हुई इस फायरिंग ने स्थानीय लोगों के मन में डर पैदा कर दिया है। फिलहाल पुलिस की टीमें फरार तस्करों की तलाश में जुटी बताई जा रही हैं, लेकिन आधिकारिक बयान न आने तक स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है।
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