सावधान! रोडवेज बसों में जहरखुरानी गिरोह सक्रिय
बांगरमऊ (उन्नाव) | प्रलभ शरण चौधरी Truth India Times
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले के बांगरमऊ क्षेत्र में जहरखुरानी की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। दिल्ली से मजदूरी की तलाश में गए एक युवक को जहरखुरानी गिरोह ने अपना शिकार बना लिया। लुटेरों ने रोडवेज बस के भीतर युवक को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और उसका मोबाइल व नकदी लूटकर उसे सड़क किनारे मरणासन्न हालत में फेंक दिया। इस घटना ने एक बार फिर लंबी दूरी की बसों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं।
काम की तलाश में गया था दिल्ली, रास्ते में लुटा सब कुछ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बेहटा मुजावर थाना क्षेत्र के ग्राम गोपींखेड़ा निवासी अरविंद (27) पुत्र रामासरे, बीते मंगलवार को रोजगार की तलाश में देश की राजधानी दिल्ली गया था। अरविंद एक दिहाड़ी मजदूर है और अपने परिवार के पालन-पोषण के लिए काम ढूंढने वहां पहुंचा था। हालांकि, दिल्ली में काम की सही व्यवस्था न हो पाने के कारण वह निराश होकर तीसरे ही दिन वापस घर लौटने के लिए रोडवेज बस में सवार हुआ।
अरविंद के भाई धीरज ने बताया कि घर लौटते समय बस में ही जहरखुरानी गिरोह के कुछ सदस्य सक्रिय थे। उन्होंने अरविंद को विश्वास में लेकर या किसी खाद्य पदार्थ के जरिए नशीला पदार्थ दे दिया। जैसे ही अरविंद अचेत हुआ, लुटेरों ने उसके पास मौजूद मोबाइल फोन और करीब 800 रुपये की नकदी पार कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद शातिर अपराधी अरविंद को नानामऊ तिराहे के पास बेहोशी की हालत में फेंककर फरार हो गए।
स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से पहुँचा अस्पताल
गुरुवार सुबह करीब 11 बजे जब स्थानीय राहगीरों ने एक युवक को नानामऊ तिराहे के पास झाड़ियों के किनारे बेसुध पड़ा देखा, तो इलाके में हड़कंप मच गया। तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंचे होमगार्ड शैलेंद्र कुमार ने तत्परता दिखाते हुए एम्बुलेंस की मदद से अरविंद को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) बांगरमऊ में भर्ती कराया।
अस्पताल में युवक की जेब से मिले दस्तावेजों और पहचान के आधार पर उसके परिजनों को सूचित किया गया। रोते-बिलखते परिजन जब सीएचसी पहुंचे, तब तक अरविंद की हालत में सुधार नहीं हो रहा था।
डॉक्टरों ने किया जिला अस्पताल रेफर
सीएचसी बांगरमऊ के ड्यूटी डॉक्टर सुनील राठौर ने मीडिया को बताया कि मरीज को अत्यधिक गंभीर और बेहोशी की स्थिति में अस्पताल लाया गया था। प्रथम दृष्टया यह मामला किसी शक्तिशाली नशीले पदार्थ (जहरखुरानी) का प्रतीत होता है। डॉक्टर राठौर ने कहा, “मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए और शरीर से जहर के असर को कम करने के लिए उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज हेतु जिला अस्पताल उन्नाव के लिए रेफर कर दिया गया है।”
क्या है जहरखुरानी और कैसे बचें?
जहरखुरानी एक ऐसी आपराधिक पद्धति है जिसमें अपराधी यात्रियों को निशाना बनाते हैं।
- कैसे होती है वारदात: गिरोह के सदस्य पहले यात्रियों से घुलते-मिलते हैं और फिर चाय, बिस्कुट, कोल्ड ड्रिंक या पानी में नशीला पाउडर मिलाकर उन्हें पिला देते हैं।
- असर: नशा इतना तेज होता है कि पीड़ित चंद मिनटों में गहरी नींद या बेहोशी में चला जाता है। कई मामलों में नशे की अत्यधिक मात्रा के कारण पीड़ित की जान भी चली जाती है।
- कानूनी प्रावधान: भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पूर्ववर्ती IPC के तहत जहरखुरानी को ‘गंभीर अपराध’ की श्रेणी में रखा गया है। इसमें जहर देना, लूटपाट करना और जान को खतरे में डालना जैसी गैर-जमानती धाराएं लगाई जाती हैं।
यात्रियों के लिए सुरक्षा टिप्स
- यात्रा के दौरान किसी भी अनजान व्यक्ति से खाने-पीने की वस्तु न लें।
- बस या ट्रेन में अजनबियों से ज्यादा मेल-जोल न बढ़ाएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
- सीलबंद बोतल का ही पानी इस्तेमाल करें।
- यदि कोई व्यक्ति बार-बार कुछ खाने का दबाव बनाए, तो तुरंत बस कंडक्टर या पुलिस हेल्पलाइन (112) को सूचित करें।
इस घटना के बाद से गोपींखेड़ा गांव में दहशत का माहौल है। परिजनों ने पुलिस से मांग की है कि रोडवेज बस के रूट और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर अपराधियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजा जाए ताकि कोई दूसरा मजदूर इस तरह की बर्बरता का शिकार न हो।
सच की ताकत, आपके साथ – ट्रुथ इंडिया टाइम्स
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.