शाम 6 बजे गूंजेगा सायरन
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
आजाद हिंद फौज के नायक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती के अवसर पर आगामी 23 जनवरी को उन्नाव शहर एक अलग ही नजारे का गवाह बनेगा। जिले में नागरिक सुरक्षा और आपातकालीन प्रबंधन को परखने के लिए ‘ब्लैक आउट’ और भव्य ‘मॉक ड्रिल’ का आयोजन किया जा रहा है। जिलाधिकारी गौरांग राठी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट स्थित पन्नालाल सभागार में हाई-लेवल मीटिंग कर तैयारियों को अंतिम रूप दिया। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा तैयारियों में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
शाम 6 बजे थमेगी बिजली, पुलिस लाइन बनेगा ‘वार रूम’
जिलाधिकारी गौरांग राठी ने बैठक में जानकारी दी कि यह विशेष अभ्यास 23 जनवरी की शाम ठीक 6:00 बजे से शुरू होगा। इसका मुख्य केंद्र पुलिस लाइन परिसर होगा। इस ड्रिल के दौरान एक विशेष सायरन बजाया जाएगा, जो शहरवासियों के लिए ‘ब्लैक आउट’ का संकेत होगा।
सायरन बजते ही बिजली विभाग संबंधित क्षेत्रों की रोड लाइटें बंद कर देगा। प्रशासन ने शहर के आम नागरिकों, व्यापारियों और संस्थानों से अपील की है कि वे इस अभ्यास को सफल बनाने के लिए 15 से 20 मिनट के लिए अपने घरों और दुकानों की लाइटें बंद रखें। यह अभ्यास केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि भविष्य की किसी भी संभावित आपदा के लिए शहर की मानसिक और प्रशासनिक तैयारी की परीक्षा है।
हवाई हमले और आपदा से बचाव का होगा ‘लाइव’ रिहर्सल
मॉक ड्रिल का उद्देश्य आपातकालीन परिस्थितियों—जैसे हवाई हमले, भीषण आगजनी या प्राकृतिक आपदा—के समय जान-माल के नुकसान को न्यूनतम करना है। पुलिस लाइन में होने वाले इस अभ्यास में कई विभाग एक साथ एक्शन में दिखेंगे:
- अग्निशमन विभाग: आग पर काबू पाने की आधुनिक तकनीकों का प्रदर्शन करेगा।
- स्वास्थ्य विभाग: घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार और ‘गोल्डन ऑवर’ में अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास करेगा।
- नागरिक सुरक्षा (Civil Defense): आपदा मित्रों के साथ मिलकर बचाव और राहत कार्यों का नेतृत्व करेगी।
- बिजली विभाग: आपात स्थिति में पावर ग्रिड के सुरक्षित संचालन और शटडाउन का रिहर्सल करेगा।
कलेक्ट्रेट में अधिकारियों को DM की सख्त हिदायत
पन्नालाल सभागार में हुई बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने अधिकारियों के पेंच कसे। उन्होंने मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO), पुलिस अधीक्षक (SP) और विद्युत विभाग के अधीक्षण अभियंता को निर्देश दिए कि सभी आवश्यक संसाधन, फायर टेंडर, एम्बुलेंस और टीमें 23 जनवरी की दोपहर तक अलर्ट मोड पर आ जानी चाहिए।
डीएम ने कहा, “किसी भी वास्तविक आपदा में त्वरित प्रतिक्रिया (Response Time) ही लोगों की जान बचाती है। इसलिए इस ड्रिल को पूरी गंभीरता से लें। सभी विभाग आपसी तालमेल बनाए रखें ताकि यह आयोजन बिना किसी व्यवधान के सफल हो सके।”
सिविल डिफेंस के ‘योद्धाओं’ को मिली नई पहचान
बैठक का एक खास आकर्षण नागरिक सुरक्षा (सिविल डिफेंस) के नवनियुक्त स्वयंसेवकों का उत्साहवर्धन रहा। जिलाधिकारी ने नए स्वयंसेवकों को आधिकारिक आईडी कार्ड और टी-शर्ट भेंट की। उन्होंने स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए कहा कि वे समाज और प्रशासन के बीच की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। संकट के समय में उनकी भूमिका सबसे अग्रिम पंक्ति की होती है।
प्रशासन की अपील: सहयोग करें नागरिक
प्रशासन ने जनता से अपील की है कि 23 जनवरी की शाम को होने वाले ब्लैक आउट के दौरान घबराएं नहीं। यह एक पूर्व निर्धारित अभ्यास है। सड़कों पर चल रहे वाहन चालक सावधानी बरतें और प्रशासन का सहयोग करें।
बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) सुशील कुमार गोंड, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) अमिताभ यादव और अपर जिलाधिकारी (नमामि गंगे) विधेस कुमार सहित जिले के सभी आला अधिकारी मौजूद रहे।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.