गुमराह करने के लिए रची अपहरण की झूठी कहानी
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है, जहां एक भाई ने ही अपनी सगी बहन के सुहाग को उजाड़ कर उसे मौत के घाट उतार दिया। रिश्तों को कलंकित करने वाली इस घटना में आरोपी भाई ने न केवल हत्या की, बल्कि पुलिस की जांच भटकाने के लिए फिल्मी अंदाज में अपहरण और लूट की झूठी साजिश भी रची। हालांकि, खाकी के तीखे सवालों और तकनीकी साक्ष्यों के आगे कातिल भाई का झूठ ज्यादा देर टिक नहीं सका और पुलिस ने चंद घंटों में ही मामले का पर्दाफाश कर दिया।
क्या है पूरा मामला?
घटना बुधवार की है, जब आरोपी अजय पुत्र रामनरेश अपनी शादीशुदा बहन उमा कांति को उसकी ससुराल से अपने ई-रिक्शा पर बैठाकर मायके ला रहा था। उमा कांति की शादी अभी महज दो महीने पहले, 30 नवंबर 2025 को हुई थी। रास्ते में आरोपी अजय ने अपनी ही बहन की गला घोंटकर हत्या कर दी और शव को पुरवा थाना क्षेत्र के एक सुनसान जंगली इलाके में फेंक दिया।
शव ठिकाने लगाने के बाद आरोपी घर पहुंचा और बदहवास होने का नाटक करते हुए परिजनों को बताया कि रास्ते में दो अज्ञात बदमाशों ने उसे रोका, उस पर कोई नशीला पदार्थ छिड़का और उसकी बहन का अपहरण कर सामान लूट ले गए।
पुलिस को ऐसे हुआ शक
एसएसपी जयप्रकाश सिंह ने बताया कि 18 फरवरी 2026 को डायल 112 और दही थाना पुलिस को अपहरण की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्काल मामले की गंभीरता को देखते हुए अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। लेकिन शुरुआती तफ्तीश में ही पुलिस को अजय की कहानी में झोल नजर आने लगा।
पुलिस को सबसे बड़ा संदेह इस बात पर हुआ कि अगर बदमाशों ने हमला किया और नशीला पदार्थ छिड़का, तो अजय पूरी तरह सुरक्षित कैसे रहा और वह ई-रिक्शा लेकर अकेले घर कैसे पहुंच गया? साथ ही घटनास्थल पर सामान का बिखराव भी स्वाभाविक नहीं लग रहा था।
कड़ी पूछताछ में टूटा आरोपी
मामले के खुलासे के लिए स्वाट (SWAT), सर्विलांस और दही थाना पुलिस की संयुक्त टीमें गठित की गईं। जब पुलिस की टीम अजय को घटनास्थल की शिनाख्त के लिए ले गई और उससे कड़ाई से पूछताछ की, तो वह टूट गया। उसने स्वीकार किया कि उसने ही अपनी बहन उमा कांति की हत्या की है। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने जंगल से महिला का शव बरामद किया और हत्या में इस्तेमाल की गई शॉल व ई-रिक्शा भी जब्त कर लिया।
हत्या की वजह: नशा और ईर्ष्या
आरोपी अजय ने पुलिस को बताया कि वह नशा करने का आदी है। नशे की लत के कारण उसके पिता ने उसे कुछ समय पहले घर से निकाल दिया था। अजय को शक था कि उसकी बहन उमा कांति ने ही पिता से उसकी शिकायत की थी, जिसके कारण उसे जलील होना पड़ा। उसे डर था कि भविष्य में भी उमा कांति उसके खिलाफ कान भरेगी और उसे संपत्ति या घर से बेदखल करवा देगी। इसी ईर्ष्या और रंजिश की आग में जलकर उसने अपनी बहन को रास्ते से हटाने की साजिश रची।
जंगल के मंदिर में दिया वारदात को अंजाम
अजय ने बताया कि वह अपनी बहन को बहला-फुसलाकर पुरवा क्षेत्र के एक सुनसान मंदिर के पास ले गया। वहां उसने प्रसाद निकालने के बहाने बहन को झुकने को कहा और जैसे ही उमा कांति झुकी, अजय ने पीछे से शॉल से उसका गला कस दिया। दम घुटने से उमा कांति की मौके पर ही मौत हो गई। इसके बाद उसने पूरे घटनाक्रम को लूटपाट का रूप देने के लिए वहां सामान बिखेर दिया ताकि पुलिस गुमराह हो जाए।
गांव में सनसनी, परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल
मृतका के पिता ने स्वयं अपने बेटे अजय पर हत्या का आरोप लगाते हुए सख्त सजा की मांग की है। उमा कांति की शादी को अभी ठीक से तीन महीने भी नहीं हुए थे कि उसके अपने ही भाई ने उसका संसार उजाड़ दिया। इस घटना से पूरे गांव में मातम और सनसनी का माहौल है।
पुलिस टीम की सफलता: एसएसपी जयप्रकाश सिंह और अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी के कुशल निर्देशन में दही थाना पुलिस और स्वाट टीम ने महज 3-4 घंटे के भीतर इस सनसनीखेज वारदात का अनावरण कर आरोपी को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है। पुलिस अब साक्ष्यों के आधार पर कोर्ट में प्रभावी पैरवी कर आरोपी को कड़ी सजा दिलाने की तैयारी कर रही है।
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