सिविल लाइन में मॉडल शॉप के पास खूनी संघर्ष
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले का सबसे वीवीआईपी इलाका कहा जाने वाला ‘सिविल लाइन’ अब अपराधियों और उपद्रवियों का अड्डा बनता जा रहा है। मंगलवार की आधी रात को यहाँ जो मंजर देखने को मिला, उसने पुलिसिया इकबाल और कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं। सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित एक मॉडल शॉप के पास दर्जनों युवकों ने जमकर उत्पात मचाया। मामूली विवाद से शुरू हुई बात खूनी संघर्ष में बदल गई, जिसका रूह कंपा देने वाला वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
नग्न अवस्था में नाचते और पत्थर बरसाते युवक
प्रत्यक्षदर्शियों और वायरल वीडियो के अनुसार, आधी रात को नशे में धुत कुछ युवक सड़क पर अर्धनग्न अवस्था में नाच रहे थे और चिल्ला रहे थे। देखते ही देखते युवकों के दो गुटों में टकराव शुरू हो गया। उपद्रवियों के हौसले इतने बुलंद थे कि उनके हाथों में खुलेआम बेल्ट, लोहे की रॉड और ईंट-पत्थर दिखाई दे रहे थे। सड़क पर चीख-पुकार मच गई और ऐसा लग रहा था मानो पुलिस का कोई डर ही नहीं बचा हो।
मॉडल शॉप के पास से शुरू हुआ बवाल
घटना की शुरुआत सिविल लाइन स्थित एक मॉडल शॉप के पास से हुई। बताया जा रहा है कि शराब के नशे में धुत युवकों के बीच किसी पुरानी रंजिश या गाड़ी टकराने जैसी बात पर कहासुनी हुई। इसके बाद युवकों ने अपने साथियों को फोन करके बुला लिया। कुछ ही मिनटों में वहां दर्जनों लड़कों का जमावड़ा हो गया और सड़क ‘रणक्षेत्र’ में तब्दील हो गई। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे बेखौफ युवक एक-दूसरे पर बेल्ट और पत्थर बरसा रहे हैं।
दहशत में स्थानीय निवासी और राहगीर
सिविल लाइन जैसे व्यस्त और संभ्रांत इलाके में इस तरह के उपद्रव ने स्थानीय निवासियों की नींद उड़ा दी है। रात में ड्यूटी से घर लौट रहे राहगीरों ने डर के मारे अपने वाहन घुमा लिए। स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस इलाके में देर रात तक शराबियों का जमावड़ा लगा रहता है और पुलिस की गश्त न के बराबर होती है। मॉडल शॉप के आसपास देर रात तक अवैध रूप से भीड़ जुटी रहती है, जो अक्सर ऐसी घटनाओं का कारण बनती है।
कानून-व्यवस्था पर उठ रहे गंभीर सवाल
हैरानी की बात यह है कि सिविल लाइन क्षेत्र जिले के महत्वपूर्ण प्रशासनिक अधिकारियों के आवासों और कार्यालयों के करीब है। इसके बावजूद, घंटों चले इस उपद्रव के दौरान पुलिस की गैरमौजूदगी पर सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस सक्रिय होती, तो अपराधी इस तरह खुलेआम रॉड और हथियार लहराने की हिम्मत नहीं करते।
पुलिस का क्या है कहना?
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हलचल मची है। संबंधित थाना प्रभारी का कहना है:
“वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। उपद्रव करने वाले युवकों की पहचान की जा रही है। इलाके के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। शांति व्यवस्था भंग करने वालों और अवैध रूप से हथियार लहराने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की गश्त और बढ़ाई जा रही है।”
प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती
उन्नाव पुलिस को हाल ही में IGRS रैंकिंग में प्रदेश में पहला स्थान मिला है, लेकिन सिविल लाइन की इस घटना ने जमीनी हकीकत को उजागर कर दिया है। यह घटना दर्शाती है कि कागजी आंकड़ों और जमीनी सुरक्षा के बीच अब भी बड़ी खाई है। क्या पुलिस इन उपद्रवियों को सलाखों के पीछे भेज पाएगी? या फिर रसूखदार परिवारों के ये युवक फिर से सड़कों पर तांडव करने के लिए आजाद छोड़ दिए जाएंगे?
ट्रुथ इंडिया टाइम्स इस पूरी घटना की पल-पल की अपडेट आप तक पहुँचाता रहेगा।
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