अवैध असलहों और धारदार हथियारों से दो महिलाएं लहूलुहान
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में दलित समुदाय के खिलाफ हिंसा की एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के मुस्तफाबाद गांव में शुक्रवार की देर रात मामूली कहासुनी ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। आरोप है कि दबंगों ने एक दलित महिला के घर पर धावा बोल दिया और अवैध असलहों व धारदार हथियारों से जानलेवा हमला किया। इस हमले में घर की दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई हैं, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए कई गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है।
छोटी सी बात और फिर ‘तांडव’
मुस्तफाबाद गांव की रहने वाली पीड़ित दलित महिला ने पुलिस को दी गई तहरीर में बताया कि विवाद की शुरुआत एक बेहद मामूली बात से हुई थी। शुक्रवार रात को पड़ोस के ही कुछ लोगों के साथ किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। उस वक्त मामला शांत लग रहा था, लेकिन कुछ ही देर बाद हमलावरों ने अपने साथियों को जुटाया और योजनाबद्ध तरीके से दलित परिवार के घर को निशाना बनाया।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों के हाथों में लाठी-डंडों के साथ-साथ अवैध तमंचे और धारदार हथियार (बांका/कुल्हाड़ी) भी थे। हमलावरों ने घर का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया और जो भी सामने आया उस पर प्रहार करना शुरू कर दिया।
दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल
चीख-पुकार सुनकर जब तक गांव के अन्य लोग इकट्ठा होते, हमलावर अपना काम कर चुके थे। इस हमले में घर की दो महिलाओं को सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गहरी चोटें आई हैं। धारदार हथियारों के प्रहार से महिलाएं लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ीं। शोर मचने पर ग्रामीण दौड़े, जिन्हें देखकर हमलावर हवा में अवैध असलहे लहराते हुए और जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए।
परिजनों ने आनन-फानन में घायलों को सफीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचाया, जहाँ उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। डॉक्टरों के अनुसार, घायल महिलाओं में से एक की हालत काफी नाजुक बनी हुई है।
पुलिस की कार्रवाई और FIR
घटना की सूचना मिलते ही सफीपुर कोतवाली पुलिस भारी बल के साथ मुस्तफाबाद गांव पहुंची। गांव में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए एहतियातन पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। पीड़ित परिवार की तहरीर पर पुलिस ने नामजद आरोपियों के खिलाफ SC/ST एक्ट, जानलेवा हमला (धारा 307), घर में घुसकर मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसी संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है।
सफीपुर कोतवाल ने बताया कि पुलिस की कई टीमें गठित कर दी गई हैं जो आरोपियों के संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी हमलावरों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।
गांव में दहशत का माहौल
मुस्तफाबाद गांव में इस घटना के बाद से दलित समुदाय में भय और आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का आरोप है कि कुछ दबंग प्रवृत्ति के लोग आए दिन छोटी-छोटी बातों पर दलित परिवारों को डराने-धमकाने का काम करते हैं। इस बार अवैध असलहों के खुलेआम प्रदर्शन ने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पीड़ित परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए और हमलावरों के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई हो जो नजीर बने।
दलित उत्पीड़न पर राजनीति तेज
उन्नाव में दलित परिवार पर हुए इस हमले की गूंज राजनीतिक गलियारों में भी सुनाई देने लगी है। स्थानीय दलित नेताओं और सामाजिक संगठनों ने इस घटना की कड़ी निंदा की है। उनका कहना है कि “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” का नारा देने वाली सरकार के राज में महिलाएं अपने ही घर के भीतर सुरक्षित नहीं हैं। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे तहसील मुख्यालय पर धरना-प्रदर्शन करेंगे।
प्रशासन के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती गांव में शांति व्यवस्था बनाए रखने और फरार आरोपियों को पकड़ने की है, ताकि इलाके में दोबारा ऐसी हिंसा न भड़के।
About The Author
Discover more from Truth India Times
Subscribe to get the latest posts sent to your email.