उन्नाव में खाकी का मानवीय चेहरा: नाले में उतरा महिला का शव, दरोगा न्यूटन सिंह ने खुद कीचड़ में उतरकर पेश की मिसाल
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले से अक्सर पुलिस की सख्ती की खबरें सामने आती हैं, लेकिन बांगरमऊ क्षेत्र से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है जिसने ‘खाकी’ के प्रति जनता का सम्मान बढ़ा दिया है। सोमवार रात बांगरमऊ के ब्लॉक रोड स्थित शांति मील मैदान के पास एक नाले में अज्ञात महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। इस हृदयविदारक घटना के बीच, दरोगा न्यूटन सिंह ने अपनी वर्दी की गरिमा और इंसानियत की एक ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।
नाले में मिला अज्ञात शव, इलाके में हड़कंप
सोमवार की रात जब शांति मील मैदान के पास से गुजर रहे राहगीरों ने नाले में एक शव उतराता देखा, तो चीख-पुकार मच गई। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही बांगरमऊ कोतवाली पुलिस सक्रिय हुई और तत्काल मौके पर जा पहुंची। रात का अंधेरा और नाले की गंदगी के कारण शव को बाहर निकालना एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।
शव की हालत को देखकर वहां मौजूद लोग पास जाने से कतरा रहे थे, लेकिन पुलिस के लिए पहचान और पोस्टमार्टम की कार्यवाही हेतु शव को बाहर निकालना अनिवार्य था।
जब दरोगा न्यूटन सिंह ने नहीं की वर्दी की परवाह
आमतौर पर ऐसी स्थिति में पुलिस सफाईकर्मियों या गोताखोरों का इंतजार करती है, लेकिन मामले की संवेदनशीलता और रात के वक्त की चुनौतियों को देखते हुए उपनिरीक्षक (दरोगा) न्यूटन सिंह ने जरा भी देर नहीं की। उन्होंने अपनी वर्दी और नाले की दुर्गंध की परवाह किए बिना खुद नाले में उतरने का फैसला किया।
दरोगा न्यूटन सिंह ने खुद कीचड़ और गंदगी से भरे नाले में उतरकर महिला के शव को अपने हाथों से संभाला और अत्यंत सम्मानजनक तरीके से उसे बाहर निकाला। वहां मौजूद भीड़ दरोगा के इस साहस और सेवाभाव को देख दंग रह गई। सोशल मीडिया पर अब दरोगा की यह तस्वीर और उनके इस कार्य की जमकर सराहना हो रही है।
महिला की पहचान बनी चुनौती
नाला से बाहर निकालने के बाद पुलिस ने शव का बारीकी से निरीक्षण किया। मृतक महिला की उम्र लगभग 40 से 45 वर्ष के आसपास बताई जा रही है। पुलिस ने आसपास के गांवों और कस्बों में महिला की शिनाख्त के लिए संपर्क साधा है, लेकिन फिलहाल महिला की पहचान नहीं हो सकी है। पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि महिला नाले में गिरी कैसे—क्या यह कोई हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साजिश?
पुलिस की कार्यप्रणाली और मानवीय पहलू
दरोगा न्यूटन सिंह के इस कार्य ने पुलिस विभाग की छवि को जनता के बीच सुधारा है। अक्सर पुलिस पर संवेदनहीनता के आरोप लगते हैं, लेकिन ‘न्यूटन सिंह’ जैसे अधिकारी यह साबित करते हैं कि वर्दी के भीतर भी एक संवेदनशील इंसान धड़कता है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि जिले के हर थाने में ऐसे ही कर्तव्यनिष्ठ अधिकारी हों, तो पुलिस और जनता के बीच की दूरी कम हो जाएगी।
जांच में जुटी बांगरमऊ पुलिस
कोतवाली प्रभारी ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों (डूबने से हुई या हत्या के बाद शव फेंका गया) का पता चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस जिले के सभी थानों में गुमशुदगी की शिकायतों का मिलान कर रही है ताकि मृतका के परिजनों का पता लगाया जा सके।
ट्रुथ इंडिया टाइम्स दरोगा न्यूटन सिंह के इस साहसिक और मानवीय कार्य को सलाम करता है।
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