जमाखोरी पर होगी सीधी FIR
प्रलभ शरण चौधरी | ट्रुथ इंडिया टाइम्स
उन्नाव। उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की सुचारू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सख्त हो गया है। पिछले कुछ दिनों से सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर ईंधन की कमी को लेकर फैल रही भ्रामक अफवाहों और संभावित कालाबाजारी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरांग राठी ने एक आपातकालीन बैठक बुलाई। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में जिले के प्रमुख पेट्रोल पंप संचालकों, गैस एजेंसी मालिकों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने हिस्सा लिया। जिलाधिकारी ने दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति या संचालक अफवाह फैलाता या जमाखोरी करता पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल प्रभाव से एफआईआर (FIR) दर्ज कर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
अफवाहों पर लगाम: जिले में पर्याप्त है स्टॉक
बैठक के दौरान जिलाधिकारी गौरांग राठी ने स्पष्ट किया कि जिले में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। उन्होंने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की भ्रामक खबरों पर ध्यान न दें और न ही घबराहट में आकर (Panic Buying) जरूरत से ज्यादा ईंधन का भंडारण करें। डीएम ने आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रतिदिन डिपो से होने वाली सप्लाई और पंपों पर मौजूद स्टॉक की मॉनिटरिंग करें। उन्होंने कहा कि “ईंधन की कोई कमी नहीं है, कुछ शरारती तत्व जानबूझकर अव्यवस्था फैलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिन्हें चिह्नित किया जा रहा है।”
पेट्रोल पंप संचालकों को सख्त निर्देश
जिलाधिकारी ने पेट्रोल पंप संचालकों को निर्देशित किया कि वे किसी भी स्थिति में ‘नो स्टॉक’ का बोर्ड तब तक न लगाएं जब तक कि वास्तव में टैंक खाली न हो जाए। यदि किसी पंप पर तेल होने के बावजूद ग्राहकों को वापस लौटाया गया, तो उस पंप का लाइसेंस रद्द करने की कार्रवाई की जा सकती है। इसके साथ ही, पंपों पर भीड़ प्रबंधन के लिए स्थानीय पुलिस का सहयोग लेने की बात भी कही गई ताकि यातायात बाधित न हो।
संचालकों से यह भी कहा गया है कि वे बोतलों या ड्रमों में खुलेआम पेट्रोल-डीजल की बिक्री न करें, क्योंकि इससे न केवल सुरक्षा का खतरा पैदा होता है बल्कि कालाबाजारी को भी बढ़ावा मिलता है।
गैस एजेंसियों पर रहेगी पैनी नजर
रसोई गैस (LPG) की आपूर्ति को लेकर डीएम ने गैस एजेंसी मालिकों को सख्त हिदायत दी कि होम डिलीवरी व्यवस्था में कोई कोताही न बरती जाए। उन्होंने कहा कि त्योहारों या अन्य व्यस्त समय का लाभ उठाकर यदि कोई एजेंसी कर्मचारी या बिचौलिया निर्धारित दर से अधिक वसूली करता है, तो एजेंसी मालिक की जवाबदेही तय की जाएगी। जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) को निर्देशित किया गया है कि वे अपनी टीमों के साथ औचक निरीक्षण करें और गैस सिलेंडरों के अवैध रिफिलिंग केंद्रों पर छापेमारी करें।
सोशल मीडिया पर निगरानी: ‘अफवाह फैलाई तो जेल’
बैठक में मौजूद पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि वे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे व्हाट्सएप, फेसबुक और एक्स (X) पर पैनी नजर रखें। जिलाधिकारी ने कहा कि ईंधन की कमी या हड़ताल जैसी झूठी खबरें साझा करने वालों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शांति व्यवस्था भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
कालाबाजारी रोकने के लिए ‘टास्क फोर्स’
प्रशासन ने कालाबाजारी और जमाखोरी पर लगाम कसने के लिए एक विशेष टास्क फोर्स का गठन करने का निर्णय लिया है। यह टीम जिले के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित गोदामों और पेट्रोल पंपों की जांच करेगी। यदि कहीं भी स्टॉक रजिस्टर और वास्तविक स्टॉक में अंतर पाया जाता है, तो संबंधित के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम (Essential Commodities Act) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
जनता के लिए अपील
प्रलभ शरण चौधरी के माध्यम से ‘ट्रुथ इंडिया टाइम्स’ भी पाठकों से अपील करता है कि जिले में ईंधन की आपूर्ति पूरी तरह सामान्य है। किसी भी समस्या या अधिक वसूली की स्थिति में आप जिला प्रशासन के कंट्रोल रूम या आपूर्ति विभाग को शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
निष्कर्ष: प्रशासन की मुस्तैदी
डीएम गौरांग राठी की इस सक्रियता ने उन तत्वों को कड़ा संदेश दिया है जो संकट की स्थिति पैदा कर मुनाफाखोरी का सपना देख रहे थे। बैठक में मौजूद संचालकों ने भी प्रशासन को सहयोग का भरोसा दिया और कहा कि वे आपूर्ति व्यवस्था को बनाए रखने में अपना पूरा योगदान देंगे।
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