आधा दर्जन वाहन आपस में भिड़े
प्रलभ शरण चौधरी | Truth India Times
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर गुरुवार की सुबह भीषण हादसे की गवाह बनी। बेहटामुजावर थाना क्षेत्र के अंतर्गत किलोमीटर संख्या 245 के पास घने कोहरे (स्मॉग) के कारण विजिबिलिटी शून्य होने से एक के बाद एक आधा दर्जन से अधिक वाहन आपस में टकरा गए। इस ‘पाइल-अप’ हादसे में बस, ट्रक और कई कारें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। दुर्घटना में कुल 13 लोग घायल हुए हैं, जिन्हें आनन-फानन में अस्पताल पहुँचाया गया।
कैसे हुआ ‘चेन रिएक्शन’ हादसा?
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सुबह के समय एक्सप्रेसवे सफेद कोहरे की चादर में लिपटा हुआ था। दृश्यता इतनी कम थी कि कुछ ही मीटर की दूरी पर वाहनों का अंदाजा लगाना मुश्किल हो रहा था। इसी दौरान आगे चल रहे एक वाहन ने अचानक ब्रेक लगाया, जिसके बाद पीछे से आ रही बस, तेज रफ्तार कारें और एक ट्रक आपस में टकराते चले गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि वाहनों के परखच्चे उड़ गए और एक्सप्रेसवे पर चीख-पुकार मच गई।
राहत कार्य और घायलों की स्थिति
घटना की सूचना मिलते ही बेहटामुजावर थाना पुलिस और यूपीडा (UPEIDA) की पेट्रोलिंग टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से क्षतिग्रस्त कारों में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। सभी 13 घायलों को एंबुलेंस के जरिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) बांगरमऊ में भर्ती कराया गया है। राहत की बात यह है कि डॉक्टरों ने सभी घायलों को खतरे से बाहर बताया है।
इन यात्रियों को आई चोटें (घायलों की सूची):
हादसे में घायल होने वाले यात्री विभिन्न राज्यों और जनपदों से ताल्लुक रखते हैं:
- रत्नेश चौरसिया (20) – सुल्तानपुर
- लीला (27) – हिसार, हरियाणा
- रितेश (25) – बेगूसराय, बिहार
- रेनू यादव (37) – अमेठी
- प्रमिला (38) – अमेठी
- सोनिया (30) – अमेठी
- प्रमोद (35) – अमेठी
- विक्रम यादव (25) – बेगूसराय, बिहार
- दीपू जायसवाल – महाराजगंज
- लक्ष्मीना (60) – महाराजगंज
- नीतीश मिश्रा – विंध्याचल
- विवेक (26) – इटावा
- शिवम (26) – इटावा
2 किलोमीटर लंबा जाम और पुलिस की मशक्कत
हादसे के बाद एक्सप्रेसवे के एक हिस्से पर यातायात पूरी तरह ठप हो गया। देखते ही देखते वाहनों की करीब 2 किलोमीटर लंबी कतार लग गई। ठंड और जाम के बीच यात्री घंटों परेशान रहे। थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार ने बताया कि क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क के किनारे कराया गया, जिसके बाद धीरे-धीरे यातायात बहाल हो सका।
पुलिस की अपील: रफ्तार पर लगाम जरूरी
थानाध्यक्ष ने बताया कि कोहरे के कारण लो विजिबिलिटी और वाहनों की तेज रफ्तार ही इस हादसे का मुख्य कारण है। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि:
- कोहरे के दौरान वाहनों की रफ्तार 40-50 किमी/घंटा से अधिक न रखें।
- हमेशा फॉग लाइट और इंडिकेटर का उपयोग करें।
- अगले वाहन से सुरक्षित दूरी (Safe Distance) बनाकर चलें।
Truth India Times की राय: एक्सप्रेसवे पर कोहरे के दौरान सुरक्षित ड्राइविंग के नियमों की अनदेखी जानलेवा साबित हो रही है। प्रशासन को ऐसे मौसम में विशेष निगरानी और साइन बोर्ड्स के जरिए ड्राइवरों को सतर्क करने की आवश्यकता है।
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