उन्नाव में कच्ची शराब के गढ़ पर प्रहार: 8 भट्ठियां जमींदोज, 600 किलो लहन नष्ट; पुलिस की दबिश से माफियाओं में हड़कंप
उन्नाव | प्रलभ शरण चौधरी (Truth India Times)
उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में अवैध शराब माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी घेराबंदी शुरू कर दी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) जय प्रकाश सिंह के कड़े तेवरों के बाद, मौरावां थाना क्षेत्र में पुलिस और आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने मौत का व्यापार करने वाले ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया। इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से न केवल शराब तस्करों के मंसूबे ध्वस्त हुए हैं, बल्कि पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है।
जंगलों और खेतों में चल रही थी ‘मौत की फैक्ट्री’
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के आधार पर, मौरावां थाना पुलिस और आबकारी विभाग ने एक संयुक्त रणनीति तैयार की। मंगलवार की सुबह जब धुंध की चादर छंटी, तो पुलिस की गाड़ियों का काफिला ग्राम लउवा, कुटी खेड़ा और हडहरा की ओर कूच कर गया। इन गांवों के सुनसान इलाकों और खेतों के बीच छिपी झाड़ियों में अवैध रूप से कच्ची शराब बनाने का काला कारोबार फल-फूल रहा था।
जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी शुरू की, मौके पर अवैध भट्ठियां धधकती मिलीं। पुलिस की आहट पाते ही शराब बनाने में संलिप्त तस्कर घने जंगलों और खेतों का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे, लेकिन पुलिस ने उनके पूरे बुनियादी ढांचे को तबाह कर दिया।
600 किलो लहन और 8 भट्ठियां: आंकड़ों में बड़ी चोट
दबिश के दौरान टीम को जो मंजर दिखा, वह चौंकाने वाला था। पुलिस ने मौके से निम्नलिखित बरामदगी और कार्रवाई की:
- 8 अवैध भट्ठियां: कच्ची शराब खींचने के लिए इस्तेमाल की जा रही आठ बड़ी भट्ठियों को पुलिस ने मौके पर ही तोड़कर जमींदोज कर दिया।
- 600 किलोग्राम लहन: शराब तैयार करने के लिए भारी मात्रा में सड़ा हुआ लहन ड्रमों और गड्ढों में भरकर रखा गया था। टीम ने इसे मौके पर ही नष्ट कर दिया ताकि इसका पुनः उपयोग न हो सके।
- उपकरणों की बरामदगी: शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले बर्तन, पाइप और अन्य रसायनों को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।
“स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” – SSP जय प्रकाश सिंह
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश सिंह ने इस कार्रवाई को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अवैध शराब केवल एक अपराध नहीं है, बल्कि यह आम जनता के स्वास्थ्य के साथ किया जाने वाला एक जानलेवा खिलवाड़ है। जहरीली शराब के कारण होने वाली दुर्घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन अब ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रहा है।
SSP ने निर्देश दिए हैं कि जिले के हर उस संदिग्ध ठिकाने पर दबिश दी जाए जहां से शराब की गंध भी आती हो। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि फरार तस्करों की पहचान कर उन पर गैंगस्टर एक्ट जैसी कठोर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाए।
तस्करों की कुंडली खंगाल रही पुलिस
मौके से फरार हुए आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय कर दिया है। पुलिस सूत्रों का कहना है कि लउवा और कुटी खेड़ा जैसे गांवों में कुछ सफेदपोशों के संरक्षण में यह धंधा चल रहा था। पुलिस अब इन तस्करों के बैंक खातों और संपत्ति का ब्योरा भी जुटा रही है ताकि उनके आर्थिक साम्राज्य पर भी चोट की जा सके। संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दोषियों को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी पूरी हो चुकी है।
जनता से अपील: बनें पुलिस की आंख और कान
प्रशासन ने इस अभियान की सफलता के लिए जनता से सहयोग मांगा है। पुलिस अधिकारियों ने अपील की है कि यदि आपके आसपास कहीं भी अवैध शराब का निष्कर्षण, बिक्री या परिवहन हो रहा है, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस या आबकारी विभाग को दें। सूचना देने वाले का नाम पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा।
निष्कर्ष: माफियाओं की खैर नहीं
उन्नाव पुलिस की इस कार्रवाई ने यह साफ कर दिया है कि जिले में अब कानून का राज होगा। अवैध शराब के खिलाफ शुरू हुआ यह महाभियान केवल मौरावां तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जिले के सभी 16 थानों में इसी तरह की सघन चेकिंग जारी रहेगी। अब देखना यह है कि फरार तस्कर पुलिस की गिरफ्त में कब तक आते हैं।
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